नई दिल्ली। पिछले दिनों रिलायंस जियो और फेसबुक के बीच एक निवेश समझौता हुआ है। इसके तहत फेसबुक रिलायंस जियो की करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी लेगा और इसके लिए करीब 44 हजार करोड़ रुपये चुकाएगा। इसे दुनियाभर में जारी लॉकडाउन के बीच सबसे बड़ी निवेश डील बताया जा रहा है। ऐसे माना जाता है जहां हजारों करोड़ रुपये की निवेश की डील हो वहां सभी बातें पहले ही साफ हो गई होंगी। लेकिन इस डील के बार में कानूनी जानकारों का मानना है कि अभी कई सवाल ऐसे हैं, जिनका मिलना बाकी है।
कई मुद्दों पर दोनों की राय अलग-अलग
फेसबुक और रिलायंस जियो के बीच डेटा कलेक्शन, स्टोरेज और शेयरिंग पर भारत में चल रही नीतिगत बहसों के बीच दोनों की राय अलग दिख सकती है। कानूनी जानकारों का कहना है कि इन मसलों पर दोनों कंपनियों की राय काफी अलग है। फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.9 प्रतिशत स्टेक खरीदने के लिए 5.7 अरब डॉलर चुकाने का फैसला किया है। जहां फेसबुक केंद्र सरकार की इस मांग का विरोध करती रही है कि भारतीयों के डेटा भारत में ही स्टोर किए जाने चाहिए, वहीं रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी का साफ रुख रहा है कि डेटा पर कंट्रोल भारतीयों का होना चाहिए, न कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों का।
इस मामले पर भी राय अलग-अलग
वहीं सोशल मीडिया डेटा का एक्सेस कानूनी एजेंसियों को देने के बारे में भी फेसबुक और रिलायंस जियो की राय अलग रही है। पिछले साल जियो ने ट्राई से कहा था कि सभी ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म्स को डीक्रिप्शन-की सहित पूरा डेटा एक्सेस भारत की कानूनी एजेंसियों के हवाले करना चाहिए। वहीं, फेसबुक की वॉट्सऐप मेसेज ओरिजिन की जानकारी देने के सरकार के अनुरोध का विरोध करती रही हैं। यह कंपनियां एंड टु एंड एनक्रिप्शन का हवाला देती रही है। कंपनी का मानना है कि एनक्रिप्शन तोड़ने से प्राइवेसी पर आंच आएगी। फेसबुक ने अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट से भी कहा था कि वह यूजर्स का डेटा भारत सरकार को देने को बाध्य नहीं है।
क्या डील से पहले पॉलिसी मैटर्स पर हुई चर्चा
जानकारों के अनुसार हो सकता है कि दोनों पार्टनर्स अपना रुख नरम न करें, खासतौर से डेटा लोकलाइजेशन या एनक्रिप्शन के मामले में, लेकिन वे कई बातों में तालमेल कर सकते हैं। एक सूत्र ने कहा कि पॉलिसी मैटर्स पर मतभेदों के बारे में डील पर दस्तखत होने से पहले चर्चा की गई थी। इस मसले पर पूछे गए सवाल के जवाब में रिलायंस जियो के एक प्रवक्ता ने रिलायंस के स्ट्रैटेजी हेड अंशुमान ठाकुर के पहले दिए गए एक जवाब का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि फेसबुक और जियो स्वतंत्र इकाइयां हैं और कई क्षेत्रों में वे सहयोग करेंगी और कई अन्य में हो सकता है कि उनकी राय एक न हो।
More From GoodReturns

Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक

Navin Fluorine के शेयरों में तूफानी तेजी! Q1 Results के दौड़ा शेयर, आगे क्या होगा?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?

कच्चे तेल में बड़ी गिरावट: आज इन 5 सेक्टर्स के शेयरों में दिखेगी हलचल, चेक करें लिस्ट

3 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या आज खरीदारी करना सही रहेगा? जानें 22K और 24K के ताजा रेट

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

आज 2 अगस्त को सोने के दाम स्थिर: क्या खरीदारी का सही मौका है? जानें 22K-24K के ताजा रेट

SEBI के नए बायबैक नियम लागू: अब ओपन-मार्केट में निवेश से पहले जान लें ये 5 बड़े बदलाव



Click it and Unblock the Notifications