नई दिल्ली। एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना महामारी के खिलाफ जंग कर रहा है, वहीं रिलायंस जियो और फेसबुक इस महामारी से विजय के बाद होने वाली जंग की तैयारी कर रहे हैं। यह जंग होगी किराना का सामान बेचने वाली दुकानों को लेकर। देश में किराना स्टोर का कारोबार करीब 1 लाख करोड़ रुपये का है। लेकिन इस कारोबार की एक दिक्कत है कि यह बिखरा हुआ है। ऐसे में रिलायंस जियो और फेसबुक ने हाथ मिलाया है, और उम्मीद है कि किराना स्टोर के कारोबार से यह कंपनियां अपनी कमाई का रास्ता निकालेंगी। दोनों कंपनियों के पास संसाधनों की कमी नहीं है, ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि जियो की लांचिंग जैसी ही किराना स्टोर के कारोबार की लांचिंग हो सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या रिलायंस जियो और फेसबुक इस कारोबार के अकेले बड़े खिलाड़ी बनेंगे या और भी कंपनियां कारोबार में कूदेंगी। फिलहाल मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो और फेसबुक के मार्क जकरबर्ग ने कुल मिलाकर 5.7 अरब डॉलर (43,574 करोड़ रुपये) का समझौता कर लिया है। यानी तैयारी बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है।
जियो मार्ट होगी अब बड़ी भूमिका
अभी घरेलू सामान का कारोबार करने वाली कंपनी जियो मार्ट उतनी चर्चा में नहीं थी। लेकिन फेसबुक से डील के बाद अब इसमें बड़ी कंपनी बनने की क्षमता दिखने लगी है। अब जियो मार्ट आपको आस पास के किराना दुकानदारों से जोड़ने के का काम शुरू कर सकती है। इस काम में फेसबुक की बड़ी भूमिका हो सकती है। फिलहाल भारत में व्हाट्सएप्प के करीब 40 करोड़ यूजर हैं। फेसबुक और रिलायंस जियो दोनों कपनियां चाहती हैं कि छोटे कारोबारी जियो मार्ट के जरिए अपने प्रोडक्ट की बिक्री करें। जियो मार्ट एक ऑनलाइन टू ऑफलाइन मार्केटप्लेस है, जिसके तहत नजदीकी किराना स्टोर की मदद से ग्राहकों को किराने का सामान उपलब्ध कराया जाता है। यही काम अब बड़े पैमाने पर हो सकता है।
मुकेश अंबानी ने दिया है बड़ा बयान
मुकेश अंबानी ने बड़ा देते हुए कहा है कि आने वाले समय में 3 करोड़ से ज्यादा कारोबारियों को जियो मार्ट से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रकार उनके काम करने के तरीके को पूरी तरह से डिजिटाइज किया जाएगा। फेसबुक- व्हाट्सएप्प के जरिए ऑर्डर लिए जाएंगे और पेमेंट का काम पूरा किया जाएगा। इस दौरान सामानों की जल्द से जल्द होम डिलिवरी की जाएगी। मुकेश अंबानी के अनुसार इससे छोटे दुकानदार और ग्राहकों को सीधा फायदा होगा।
एमएसएमई से लेकर किसानों तक पर नजर
फेसबुक जियो की डील की घोषणा करते हुए बताया गया है कि उनकी निगाह 6 करोड़ एमएसएमई, 12 करोड़ किसानों, 3 करोड़ छोटे कोरोबारियों और लाखों छोटी और मझोली कंपनियों पर है। यह सब अभी असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं। दोनों कंपनियों के लिए यह डील इसलिए भी बड़ा मौका है, क्योंकि देश के रिटेल इंडस्ट्री में किराना स्टोर्स की हिस्सेदारी 80 फीसदी है। अंबानी ने पिछले साल सालाना आम बैठक में कहा था कि न्यू कॉमर्स भारत में 700 अरब डॉलर के कारोबारी अवसर पैदा करता है। रिलायंस रिटेल भारत का सबसे बड़ा रिटेल प्लेटफॉर्म है, जहां सभी तरह का सामान उपभोक्ताओं के लिए मौजूद है। नए कॉमर्स का मुख्य मकसद असंगठित रिटेल मार्केट को पूरी तरह से बदलना है।
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