कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के गरीब परिवारों को मुफ्त में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना और तीन माह के लिए बढ़ा दी है।
नई दिल्ली: कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के गरीब परिवारों को मुफ्त में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना और तीन माह के लिए बढ़ा दी है। अब देश की गरीब परिवार की सात करोड़ से अधिक महिलाएं सितंबर के अंत तक मुफ्त में गैस सिलेंडर हासिल करती रहेंगी। गैस सिलेंडर : Google Pay से कैसे कराएं बुक और करें पेमेंट ये भी पढ़ें

सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण देश में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से किया है। लॉकडाउन में गरीब परिवारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिन्होंने तीसरा सिलेंडर नहीं लिया है, वह सितंबर तक इसे मुफ्ते सकते हैं।
उज्ज्वला योजना के लिए रजिस्ट्रेशन बेहद आसान
ऐसे में अगर आप गरीब परिवार से हैं और अभी तक इस योजना का लाभ नहीं लिया है तो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। उज्ज्वला योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना बेहद आसान है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत, गैस कनेक्शन लेने के लिए बीपीएल परिवार की कोई महिला आवेदन कर सकती है। आप खुद इस योजना से जुड़ी आधिकारिक वेबसाइट pmujjwalayojana.com पर जाकर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमयूवाई को 1 मई 2016 को शुरू किया था।
ऐसे कर सकते हैं अप्लाई
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए आपको एक आवेदन पत्र भरकर नजदीकी एलपीजी वितरक के पास जमा करवाना होगा।
- आवेदन पत्र के साथ महिला को अपना पूरा पता, जनधन बैंक खाता और परिवार के सभी सदस्यों का आधार नंबर भी देना होगा।
- इस आवेदन को प्रोसेस करने के बाद देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां योग्य लाभार्थी को एलपीजी कनेक्शन जारी करती हैं।
- अगर कोई उपभोक्ता ईएमआई का विकल्प चुनता है तो ईएमआई की राशि सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी में एडस्जस्ट की जाती है।
- बता दें कि उज्ज्वला योजना के तहत जब आप एलपीजी कनेक्शन लेते हैं तो कुल लागत स्टोव के साथ 3,200 रुपए होती है।
- इसमें 1,600 रुपए की सब्सिडी सीधे तौर पर सरकार की ओर से दी जाती है और बाकी 1,600 रुपए की रकम तेल कंपनियां देती हैं, लेकिन ग्राहकों को ईएमआई के रूप में ये 1,600 रुपए की राशि तेल कंपनियों को चुकाना होता है।
स्कीम की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी
इस योजना को सबसे पहले उत्तर प्रदेश में लांच किया गया था। बता दें कि वर्ष 2016 में यह स्कीम शुरू की गई थी। पहले चरण में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया गया था। इसमें 1600 रुपये का खर्चा सरकार ने वहन किया था। यह कनेक्शन उस परिवार में मौजूद महिला सदस्य के नाम जारी किया जाता है। इसके तहत लोगों को एक चूल्हा, 14.2 किलो वाला सिलेंडर और रेग्यूलेटर दिया जाता है।


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