नयी दिल्ली। होम लोन की ब्याज दरें ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। इससे होम लोन सस्ता हुआ है। कोविड-19 से जुड़ी चल रही आर्थिक अनिश्चितता के साथ बहुत से लोग अतिरिक्त पैसा बचाने की सोच रहे होंगे। ऐसे लोगों के लिए होम लोन कम होना एक अच्छी बात है, जिससे उनकी ईएमआई घटेगी और हाथ में अतिरिक्त पैसा बचेगा। मगर क्या आप जानते हैं कि नए और मौजूदा दोनों होम लोन ग्राहकों के लिए कुछ टिप्स हैं जो ईएमआई का बोझ कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए नजर डालते हैं इन टिप्स पर।
नए उधारकर्ताओं के लिए 3 बेस्ट टिप्स :
कम ब्याज दर वाला लोन लें
लोन की ब्याज दर आपकी ईएमआई पर प्रभाव डालती हैं। कम दर का मतलब है कम ईएमआई। लोन बाज़ार विकल्पों से भरा हुआ है और आप कम ब्याज दर वाला लोन ढूंढ कर चुन सकते हैं। अगर आप 20 साल के लिए 8.5 फीसदी की दर पर 50 लाख रु का लोन लें तो आपकी ईएमआई 43,391 रु की होगी। मगर यही लोन आपको अगर 7 फीसदी पर मिल जाए तो आपकी ईएमआई 38,765 रु रह जाएगी। इसलिए लोन की ब्याज दरों की तुलना करें। आप ऑनलाइन भी ब्याज दरें चेक कर सकते हैं।
लोन के लिए लंबी अवधि चुनें
आपका लोन जितने ज्यादा समय के लिए आपकी ईएमआई उतनी ही कम होगी। उदाहरण के लिए यदि आप 20 वर्षों के लिए 7 फीसदी की दर पर 25 लाख रुपये लोन लेते हैं तो आपकी ईएमआई 19,382 रुपये होगी। मगर आप यदि 30 साल के लिए यही लोन ले तो आपकी ईएमआई 16,633 रुपये होगी। वैसे ये भी ध्यान रखने वाली बात है कि ज्यादा लंबी अवधि होने पर आपको ब्याज भी ज्यादा चुकाना होता है। मगर इससे कम से कम आप पर मासिक ईएमआई का बोझ कम पड़ेगा। लंबी अवधि के बावजूद आपके पास प्री-पे (समय से पहले कर्ज का भुगतान) का ऑप्शन हो सकता है, जिससे आपका कुल ब्याज कम हो जाएगा।
उच्च डाउन पेमेंट
जब आप होम लोन लेते हैं तो आपको आमतौर पर संपत्ति के 80 फीसदी तक मूल्य के बराबर लोन मिल सकता है। इसे लोन-टू-वैल्यू अनुपात भी कहा जाता है। बाकी डाउन पेमेंट आपको जेब से भुगतान करनी होती है। जितना बड़ा आप लोन लेंगे आपकी ईएमआई उतनी ही अधिक होगी। इसलिए ईएमआई कम करने के लिए एक तरीका ये है कि आप कम से कम लोन लें और ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट दें।
मौजूदा उधारकर्ताओं के लिए 2 बेस्ट टिप्स :
लोन को करें रिफाइनेंस
यदि आपको अधिक ब्याज दर चुकाना पड़ रहा है तो अपने लोन को रिफाइनेंस करने पर विचार करें। इसके 2 तरीके हैं। पहला आप अपने कर्जदाता को अपना लोन कम ब्याज दर में करने के लिए कंवर्जन शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। दूसरा आप कम दर पर एक अन्य लोन लेकर उसे अपने मौजूदा महंगे लोन में ट्रांसफर कर दें। यानी एक जगह से सस्ता लोन लेकर महंगी जगह का लोन चुका दें और फिर सस्ता लोन धीरे-धीरे चुकाते रहें। आपकी ईएमआई कम हो जाएगी।
नियमित समय से पूर्व-भुगतान करें
होम लोन के लिए प्री-पेमेंट (पूर्व-भुगतान) को प्रिंसिपल बैलेंस के मुकाबले एडजस्ट किया जाता है। इसलिए प्रत्येक प्री-पेमेंट आपके ईएमआई को कम या आपके लोन की अवधि को कम करके आपके लोन भुगतान में तेजी ला सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप 20 साल के लिए 8 फीसदी पर 25 लाख रु का लोन लें तो आपका कुल ब्याज 25.18 लाख रु होगा। लेकिन अगर आप अपने लोन का 5 फीसदी (1.25 लाख रु) प्रति वर्ष (एक बार प्रत्येक 12वीं ईएमआई पर) चुकाते हैं तो आपके लोन का भुगतान 240 के बजाय 120 महीनों में हो जाएगा और आपका 11.46 लाख रु होगा।
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