भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 8 अप्रैल को रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। होम और कार लोन लेने वालों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। अब कर्जदारों को अगले कुछ महीनों तक अपनी ईएमआई (EMI) बढ़ने की चिंता नहीं करनी होगी, क्योंकि इसमें स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि कमेटी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया है। यह रणनीति भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई को काबू में रखने और विकास की रफ्तार को बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है।

लोन की ईएमआई और एफडी (FD) रिटर्न को कैसे मैनेज करें?
जब केंद्रीय बैंक अपनी मुख्य पॉलिसी रेट्स को स्थिर रखता है, तो बैंक भी आमतौर पर ब्याज दरों में बदलाव नहीं करते। ऐसे में अपने मौजूदा होम लोन को रिफाइनेंस कराने की जल्दबाजी न करें। इसके बजाय, ब्याज दरें घटने से पहले ऊंची दरों वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश कर अपनी बचत को सुरक्षित करने पर ध्यान दें।
फिलहाल बड़े बैंक आम नागरिकों को 6.40 से 6.60 प्रतिशत तक ब्याज दे रहे हैं। वहीं, स्मॉल फाइनेंस बैंक कुछ खास अवधि के लिए 8.10 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न दे रहे हैं। बेहतर लिक्विडिटी के लिए आप 'लैडरिंग स्ट्रैटेजी' अपना सकते हैं, यानी अपने पैसे को अलग-अलग समय सीमा वाली स्कीमों में बांटकर निवेश करें।
SIP या एकमुश्त निवेश: आपके लिए क्या है बेहतर विकल्प?
एसआईपी (SIP) शुरू करें या एकमुश्त (Lump sum) पैसा लगाएं, यह पूरी तरह आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है। ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच नए निवेशकों के लिए SIP जोखिम कम करने का सबसे अच्छा तरीका है। वहीं, अगर आप मौजूदा कीमतों पर निवेश को लॉक करना चाहते हैं, तो एकमुश्त निवेश का विकल्प चुन सकते हैं।
निवेश करने से पहले अपनी रिस्क प्रोफाइल और अपने फाइनेंशियल गोल्स की समय सीमा जरूर जांच लें। ऑनलाइन कैलकुलेटर की मदद से देखें कि अलग-अलग ब्याज दरों का आपके लोन की कुल लागत पर क्या असर पड़ता है। इन आंकड़ों पर नजर रखने से आपको यह तय करने में मदद मिलेगी कि लोन का प्री-पेमेंट करना बेहतर है या निवेश बढ़ाना।
| मुख्य इंडिकेटर | दर या अनुमान |
|---|---|
| पॉलिसी रेपो रेट | 5.25% |
| पॉलिसी रुख (Stance) | न्यूट्रल |
| GDP ग्रोथ (FY27) | 6.9% |
| CPI महंगाई (FY27) | 4.6% |
रेपो रेट स्थिर रहने से आपको अपना पूरा फाइनेंशियल पोर्टफोलियो रिव्यू करने का एक बेहतरीन मौका मिला है। इस समय का सही इस्तेमाल अपनी बचत और कर्ज को भविष्य के लक्ष्यों के हिसाब से ढालने में करें। रिजर्व बैंक के फैसलों के प्रति अपडेट रहकर आप अपने परिवार के भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय चुनाव कर सकते हैं।
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