RBI MPC Meeting: जानिए RBI के फैसले का आपके निवेश और जिन्दगी पर असर, बहुत कुछ बदल जाएगा

RBI MPC Meeting Impact News: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा कर दी है। इस नीति में कई फैसले लिए गए हैं, तो कई अनुमान भी जताए गए हैं। इन सब बातों का अब आम आदमी पर असर पड़ेगा। इन असर में जहां एफडी से लेकर लोन की दरों पर असर दिखेगा तो शेयर बाजार में निवेश पर असर आएगा। आइये एक एक करके इन फैसलों को जानते हैं और साथ में उनका असर भी।

आरबीआई का मौद्रिक नीति पर फैसला: रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया।

RBI MPC Meeting Impact News

आरबीआई के फैसले का असर: बैंक इस वक्त पैसों की तंगी झेल रहे थे। लेकिन आज आरबीआई के कुछ फैसलों से बैंकों के पास तरलता लौट आने की उम्मीद है। ऐसे में रेपो रेट नहीं बदलने से एफडी और लोन की ब्याज दरों में असर पड़ने की संभावना लगभग नहीं है। ऐसे में जहां लोन लेने वालों का राहत कही जा सकता है, वहीं एफडी कराने को ज्यादा का ब्याज मौका अब मिलता नहीं लग रहा है।

आरबीआई का मौद्रिक नीति पर फैसला: आरबीआई ग्रोथ और मुद्रास्फीति दोनों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित दृष्टिकोण अपना रहा।

आरबीआई के फैसले का असर: अभी तक आरबीआई महंगाई पर काफी ज्यादा जोर दे रहा था। लेकिन अब उसका ध्यान काफी समय बाद ग्रोथ पर रहेगा। ऐसा नहीं है कि अभी तक ग्रोथ पर ध्यान नहीं था, लेकिन अब काफी समय बाद आरबीआई ने खुलकर महंगाई के साथ ग्रोथ पर ध्यान देने की बात कही है। आरबीआई का यह बयान शेयर बाजार ने काफी अच्छी तरह से लिया है। इससे पहले भारत सहित दुनिया के केन्द्रीय बैंक महंगाई और रेपो रेट पर ही ज्यादा फोकस कर रहे थे। इस फैसले के बाद निवेशकों के मन में भरोसा वापस आएगा और निवेश बढ़ेगा। ऐसे में निवेशकों के लिए यह फैसला अच्छा साबित हो सकता है।

आरबीआई का मौद्रिक नीति पर अनुमान: आरबीआई के अनुसार पहली छमाही में जीडीपी वृद्धि अनुमानों से अच्छी रही है। अक्टूबर-नवंबर के आंकड़े भी बहुत मजबूत हैं। ऐसे में वित्त वर्ष 2024 के लिए 7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान जताया गया है।

आरबीआई के अनुमान का असर: सरकार की तरफ से जीडीपी के आंकड़े 30 नवंबर 2023 को जारी हुए थे। यह आंकड़े आरबीआई के अनुमान से काफी ज्यादा थे। लेकिन इस बार आरबीआई ने पूरे साल के लिए 7 फीसदी का बढ़त का अनुमान जताया है। ऐसे में जानकारों का उम्मीद है कि पूरे साल के दौरान भी देश की जीडीपी आरबीआई के अनुमान से ज्यादा रहेगी। जानकारों का यह अनुमान निवेशकों का भरोसा दे सकता है। जानकारों का मानना है कि आरबीआई ने इस बार भी अपने अनुमान जारी करने में काफी सतर्कता बरती है। ऐसे में देश और विदेश के निवेशक भारत में नया निवेश शुरू कर सकते हैं।

आरबीआई का मौद्रिक नीति पर अनुमान: बैंकिंग सिस्टम के लिए 50,000 रुपये से कम के लोन खतरा नहीं।

आरबीआई के अनुमान का असर: पिछले कुछ समय से तेजी से लोन बंटने को लेकर खतरे की बातें की जा रही थीं। वहीं आशंका जताई जा रही थी कि छोट लोन तेजी से बंट रहे हैं, जो बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के लिए खतरा हो सकते हैं। लेकिन इसको लेकर आरबीआई ने आज सफाई जारी कर दी है। आरबीआई ने कहा है कि देश में जितना भी पर्सनल लोन बांटा जा रहा है उसमें 50,000 रुपये से कम के लोन की हिस्सेदारी आधा प्रतिशत से भी कम है। आरबीआई की इस जानकारी से बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों पर निवेशकों का फिर से भरोसा बढ़ेगा।

आरबीआई का मौद्रिक नीति के दौरान बयान: आरबीआई ने कहा है कि बचत खाते की ब्याज दरों में फिलहाल बदलाव नहीं

आरबीआई के बयान का असर: इस दौरान बताया गया कि बचत खाते की ब्याज दरों में को विनियमित नहीं किया गया है। ऐसे में बचत खातों पर जो ब्याज मिल रहा है, उसमें बढ़त की उम्मीद नहीं के बराबर है। बैंक चाहें तो बढ़ा दें, लेकिन आरबीआई ने इस मामले पर हाथ उठा दिए हैं।

आरबीआई का मौद्रिक नीति के दौरान फैसला: अस्पताल, शैक्षणिक भुगतान के लिए यूपीआई की पेमेंट लिमिटबढ़ाई गई।

आरबीआई के फैसले का असर: आरबीआई ने आज घोषणा की है कि उसने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भुगतान के लिए यूपीआई से पेमेंट की लिमिट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। इससे आम आदमियों को काफी फायदा होगा। वहीं यूपीआई का इस्तेमाल भी बढ़ेगा। इसके अलावा हर माह किए जाने वाले पेमेंट पर भी लिमिट को बढ़ा दिया गया है। इसका हर माह पेमेंट करने वालों को काफी फायदा मिलेगा।

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