नई दिल्ली। गिरती ब्याज दरों के बीच अगर पोस्ट ऑफिस में मिलने वाले नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) से भी ज्यादा ब्याज मिल रहा हो, तो यह सुनकर आश्चर्य ही होगा। लेकिन वाकई में ऐसा हो रहा है। यही नहीं इस पैसे की सुरक्षा और ब्याज की गारंटी भी रिजर्व बैंक यानी आरबीआई दे रहा है। अगर आप भी इस मौके का फायदा उठाना चहते हैं तो जल्दी करें। जहां बैंकों की ब्याज दरें 5 फीसदी के आसपास आ चुकी हैं, वहीं पोस्ट ऑफिस का नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) इस वक्त 6.8 फीसदी ब्याज दे रहा है। लेकिन आपके पास पूरी सुरक्षा के साथ निवेश कर 7 फीसदी से भी ज्यादा ब्याज पाने का मौका है। आइये जानते हैं इस निवेश के बारे में पूरी जानकारी।
ये हैं आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड इस वक्त बहुत ही अच्छा ब्याज दे रहे हैं। आरबीआई इन बांड पर एनएससी से 0.35 फीसदी ज्यादा ब्याज दे रही है। ऐसे में इस वक्त आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड पर 7. 15 फीसदी ब्याज मिल रहा है। यह ब्याज न सिर्फ एनएससी से काफी ज्यादा है, बल्कि पोस्ट ऑफिस की कई सारी लघु बचत योजनाओं से भी ज्यादा है। वहीं इस बांड में निवेश की कोई अधिकतम की सीमा भी नहीं है।
कहां से ले सकते हैं आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में अगर पैसा लगाना चाहते हैं तो इनको सरकारी बैंकों के माध्यम से निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा आरबीआई ने कुछ प्राइवेट बैंकों को भी यह सुविधा दी है। इसमें एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक जैसे बैंक शामिल हैं।
कौन कर सकता है आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में निवेश
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा एचयूएफ भी निवेश कर सकते हैं। आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में न्यूनतम 1000 रुपये का निवेश किया जा सकता है। वहीं अधिकतम की सीमा नहीं है। हालांकि यह निवेश 1000 रुपये के गुणांक में होना चाहिए।
कब होता है ब्याज का भुगतान
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में निवेश पर साल में दो बार ब्याज दिया जाता है। यह ब्याज हर साल 1 जनवरी और उसके बाद 1 जुलाई को दिया जाता है। इन बांड में ब्याज दरों में बदलाव किया जा सकता है। ऐसे में 31 दिसंबर से पहले निवेश कर अधिक ब्याज पाया जा सकता है।
कितने समय के पैसे का होता है निवेश
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड में निवेश 7 सालों के लिए किया जाता है। हालांकि प्री मैच्योर विड्राल की सुविधा होती है। अगर आपकी उम्र 60 से 70 साल के बीच है तो यह लॉकइन पीरियड 6 साल का है। वहीं अगर उम्र 70 से 80 साल है तो यह लॉकइन पीरियड 5 साल का है। इसके अलावा अगर उम्र 80 साल से ज्यादा है तो यह लॉकइन पीरियड 4 साल का होगा।
पूरी तरह से रिस्क फ्री हैं यह आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड पूरी तरह से रिस्क फ्री हैं। यह भारत सरकार की तरफ से जारी किए जा रहे हैं, जिन्हें आरबीआई मैनेज करता है। यह बांड उन लोगों के लिए काफी आकर्षक हैं, जो बिना रिस्क के अच्छा ब्याज कमाना चाहते हैं। वहीं इस बांड से हर छह माह पर निश्चत ब्याज भी मिलता रहेगा। आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड की अविध खत्म होने पर पूरा वापस कर दिया जाएगा।
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