मोदी सरकार किसानों के फायदे की कई योजनाएं चला रही है। इसी में एक पीएम किसान मानधन योजना है। जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद पेंशन का प्रावधान है। इस योजना में 18 साल से 40 साल तक की उम्र का कोई भी किसान भाग ले सकता है।
नई दिल्ली: मोदी सरकार किसानों के फायदे की कई योजनाएं चला रही है। इसी में एक पीएम किसान मानधन योजना है। जिसके तहत 60 साल की उम्र के बाद पेंशन का प्रावधान है। इस योजना में 18 साल से 40 साल तक की उम्र का कोई भी किसान भाग ले सकता है। PM Kisan : नहीं आई खाते में सातवीं किस्त तो करें ये काम

3000 रुपये मंथली या 36000 रुपये सालाना पेंशन
जिसे उम्र के हिसाब से मंथली आंशदान करने पर 60 की उम्र के बाद 3000 रुपये मंथली या 36000 रुपये सालाना पेंशन मिलेगी। इसके लिए अंशदान 55 रुपये से 200 रुपये तक मंथली है। अबतक इस स्कीम से करीब 2112941 किसान जुड़ चुके हैं। जानते हैं कि इस योजना का लाभ कैसे उठा सकते हैं। इस पेंशन कोष का प्रबंधन भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कर रहा है।
इस उम्र के किसानों को मिलेगा फायदा
किसान पेंशन योजना में 18 से 40 वर्ष तक की आयु वाला छोटी जोत वाला किसान हिस्सा ले सकता है, जिनके पास 2 हेक्टेयर तक ही खेती की जमीन है। इन्हें योजना के तहत कम से कम 20 साल और अधिकतम 40 साल तक 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान करना होगा, जो उनकी उम्र पर निर्भर है।
जान लें किस उम्र के किसान को कितना मिलेगा राशि
अगर 18 साल की उम्र में जुड़ते हैं तो मासिक अंशदान 55 रुपये या सालाना 660 रुपये होगा। वहीं अबर 40 की उम्र में जुड़ते हैं तो 200 रुपये महीना या 2400 रुपये सालाना योगदान करना होगा। पीएम किसान मानधन में जितना योगदान किसान का होगा, उसी के बराबर योगदान सरकार भी पीएम किसान अकाउंट में करेगी। यानी अगर आपका योगदान 55 रुपये है तो सरकार भी 55 रुपये का योगदान करेगी।
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
- पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
- रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की नकल ले जानी होगी।
- रजिस्ट्रेशन के लिए 2 फोटो और बैंक की पासबुक की भी जरूरत होगी।
- रजिस्ट्रेशन के लिए किसान को अलग से कोई भी फीस नहीं देनी होगी।
- रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान का किसान पेंशन यूनिक नंबर और पेंशन कार्ड बनाया जाएगा।
नहीं मिलेगा इन किसानों को लाभ
नेशनल पेंशन स्कीम, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) स्कीम, कर्मचारी भविष्य निधि स्कीम (ईपीएफओ) जैसी किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा स्कीम के दायरे में शामिल लघु और सीमांत किसान। वे किसान जिन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना के लिए विकल्प चुना है। वे किसान जिन्होंने श्रम और रोजगार मंत्रालय दवारा संचालित प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना के लिए विकल्प चुना है।
नइ राज्यों में हुए सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन
फिलहाल के आंकड़ों के मुताबिक 11 जनवरी 2021 तक इस योजना से करीब 2112941 किसान जुड़ चुके हैं। जिन राज्यों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं, उनमें 424446 रजिस्ट्रेशन के साथ हरियाणा नंबर 1 है। जबकि बिहार में 310864, यूपी में 250939, झारखंड में 249372 और छत्तीसगढ़ में 2.3975 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। बता दें कि अगर कोई किसान बीच में स्कीम छोड़ना चाहता है तो उसका पैसा नहीं डूबेगा। उसके स्कीम छोड़ने तक जो पैसे जमा किए होंगे उस पर बैंकों के सेविंग अकाउंट के बराबर का ब्याज मिलेगा। वहीं अगर पॉलिसी होल्डर किसान की मौत हो गई, तो उसकी पत्नी को 50 फीसदी रकम मिलती रहेगी।


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