PPF : खाता हो गया बंद तो ऐसे कराएं दोबारा चालू, जानिए पूरा प्रोसेस

नई दिल्ली, अगस्त 26। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) सबसे लोकप्रिय छोटी बचत योजनाओं में से एक है। पीपीएफ पर ब्याज की दर भी काफी शानदार है। पीपीएफ एक सरकारी गारंटी वाली स्कीम है, जिस पर मिलने वाली ब्याज दर की समीक्षा हर तिमाही में होती है। फिलहाल पीपीएफ खाते पर ब्याज दर ब्याज दर 7.1 फीसदी है। निवेश पर ब्याज दर की गणना सालाना आधार पर की जाती है। इसकी गणना हर महीने की 5 और आखिरी तारीख के बीच खाते में न्यूनतम बैलेंस के आधार पर की जाती है। अगर आप भी पीपीएफ में निवेश करते हैं या करने की सोच रहे हैं तो बता दें कि कुछ वजहों से पीपीएफ खाता बंद यानी इनएक्टिव भी हो जाता है। यहां हम आपको इसे फिर से एक्टिव करने का प्रोसेस बताएंगे।

पीपीएफ में निवेश के फायदे

पीपीएफ में निवेश के फायदे

पीपीएफ पर आपको दोहरा लाभ मिलता है। पहला कि चक्रवृद्धि तरीके से आपका पैसा बढ़ता है और दूसरा पीपीएफ में निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। कोई व्यक्ति पीपीएफ खाते में सालाना 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। पीपीएफ एक 'छूट, छूट, छूट' या ईईई कैटेगरी वाला निवेश ऑप्शन है, जिसका मतलब है कि निवेश राशि, ब्याज पर अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी राशि सभी टैक्स फ्री हैं।

मैच्योरिटी अवधि है 15 साल

मैच्योरिटी अवधि है 15 साल

पीपीएफ बचत योजना में 15 साल की मैच्योरिटी अवधि होती है लेकिन निवेशक कुछ शर्तों के आधार पर खाता खोलने के 5 साल बाद पैसा निकाल सकते हैं। बहरहाल यदि आपका पीपीएफ खाता इनएक्टिव हो गया है, तो इसे फिर से चालू कराया जा सकता है।

लिखित आवेदन करें

लिखित आवेदन करें

खाताधारक संबंधित बैंक या डाकघर की शाखा, जहां खाता खोला गया था, को एक आवेदन पत्र लिख सकता है। यह लिखित अनुरोध 15 वर्ष की अवधि के दौरान कभी भी किया जा सकता है। अगर किसी वजह से आपका खाता इनएक्टिव हो गया है तो सबसे पहले पोस्ट ऑफिस या बैंक में लिखित आवेदन करें।

डिपॉजिट करना होगा कुछ पैसा
नियमों के मुताबिक किसी वित्तीय वर्ष में सिर्फ 500 रुपये जमा करके पीपीएफ खाते को एक्टिव रखा जा सकता है। ऐसा न करने पर खाता इनएक्टिव रहेगा। पीपीएफ को एक्टिव मोड में रखने के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक पीपीएफ खाते में 500 रुपये जमा करने की सलाह दी जाती है।

लगेगा जुर्माना

लगेगा जुर्माना

यदि कोई पीपीएफ खाता सालों से निष्क्रिय पड़ा हुआ है तो हर नॉन-पेमेंट वर्ष के लिए 500 रुपये जमा करने की जरूरत होगी। साथ ही प्रति वर्ष 50 रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। इसका मतलब है कि अगर कोई खाता तीन साल से निष्क्रिय है, तो 1650 रुपये यानी 1500 रुपये (500x3) जमा और 150 रुपये (50x3) का जुर्माना जमा करना होगा। एक जमाकर्ता 15 साल की परिपक्वता अवधि के बाद पैसे निकाल सकता है या इसे और 5 साल के लिए बढ़ा सकता है। ऐसा न करने पर पीपीएफ 'बिना योगदान के विस्तार' के दायरे में आता है।

पीपीएफ से करोड़पति

पीपीएफ से करोड़पति

पीपीएफ में यदि आप हर महीने 12,500 रु का निवेश करें तो साल का हुआ 1.5 लाख रु। अब इस पर आपको 7.1 फीसदी रिटर्न मिलेगा। पीपीएफ कैल्कुलेटर के अनुसार यदि आप इतना निवेश 30 साल तक जारी रखें तो मैच्योरिटी पर आपको मिलेंगे 1.54 करोड़ रु।

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