पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ भारत में बचत का लोकप्रिय और काफी पुराना तरीका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ छोटी बचत स्कीमों में से एक है।
नई दिल्ली: पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ भारत में बचत का लोकप्रिय और काफी पुराना तरीका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ छोटी बचत स्कीमों में से एक है। अकसर देखा गया है कि नौकरी लगने के बाद ही हर कोई अपने लिए फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू करता है। लेकिन अगर एक अभिभावक की बात करें तो उन्हें अपने बच्चों की भविष्य की चिंता लगी रहती है।
पीपीएफ अकाउंट की मेच्योरिटी 15 साल की
इसलिए ज्यादातर पैरेंट्स समझदारी से प्लानिंग करते है ताकि उनके बच्चे की नौकरी लगते लगते उसके लिए अच्छा खास फंड तैयार कर दे सकते हैं। बता दें कि कोई भी अपने बच्चे के नाम से भी पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है। बस बच्चे के 18 साल होने तक अभिभावक को इस खाते की देख रेख करनी पड़ती है। वहीं अगर बच्चा 18 साल की उम्र में पहुंच जाएं तो वह खुद इस खाते को मैनेज कर सकता है। जानकारी दें कि पीपीएफ अकाउंट की मेच्योरिटी 15 साल की होती है, लेकिन उसे 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
मिलेगा सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का फायदा
- इस बात से भी अवगत करा दें कि अगर आप बच्चे के नाम भी पीपीएफ अकाउंट में पैसा जमा करते हैं तो इस पर भी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट का फायदा मिलेगा।
- पीपीएफ लांग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए बेहद ही पॉपुलर विकल्प है, जहां इंटरेस्ट और मेच्योरिटी दोनों टैक्स फ्री हैं।
- इस खाते में मिनिमम और मैक्सिमम जमा करने की लिमिट 500 रुपये और 1.50 लाख है।
- लेकिन ध्यान रखें कि अगर अभिभावक के नाम से भी पीपीएफ अकाउंट खुला है तो दोनों अकाउंट मिलाकर ही अधिकतम रकम की लिमिट मानी जाएगी। ऐसा नहीं है कि दोनों अकाउंट में 1.5 लाख सालाना जमा हो सकता है।
जानिए कितना मिलेगा रिटर्न
जानकारी के लिए बता दें कि अगर बच्चा के 1 साल होते ही आपने उसके लिए पीपीएफ अकाउंट खोला है। पहले इसकी मेच्योरिटी 15 साल की होगी। तबतक बच्चा 16 साल को हो जाएगा। वहीं इसे 5 साल और बढ़ाने पर बच्चा 21 साल का पूरा जाएगा। यह वह उम्र है, जिसके आस पास बच्चों की नौकरी लगनी शुरू होती है। आपके सहूलियत के लिए इसे कैलकुलेशन के जरिए बता दें।
15 साल की मेच्योरिटी के लिए
- अधिकतम मंथली जमा 12,500 रुपये की है।
- अधिकतम सालाना जमा 1,50,000 रुपये होगी।
- वहीं ब्याज दर 7.1 फीसदी सालाना कंपांउंडिंग है।
- 15 साल बाद मेच्योरिटी पर रकम 40,68,209 रुपये
- इसमें कुल निवेश 22,50,000 रु होगा।
- जबकि ब्याज का फायदा 18,18,209 रुपये होगा।
5 साल और बढ़ाने पर, यानी 20 साल पर
- अधिकतम मंथली जमा 12,500 रुपये की है।
- अधिकतम सालाना जमा 1,50,000 रुपये होगी।
- वहीं ब्याज दरें 7.1 फीसदी सालाना कंपांउंडिंग है।
- 20 साल बाद मेच्योरिटी पर रकम: 66.58 लाख रुपये
- इसमें कुल निवेश 30,00,000 रुपये होगा।
- जबकि ब्याज का फायदा 36,58,288 रुपये है।


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