नई दिल्ली, जुलाई 15। किसानों के लिए ट्रैक्टर एक महत्वपूर्ण कृषि वाहन है। ट्रैक्टर से किसान जुताई और रोपण आदि जैसे काम करते हैं। हालांकि भारत में कई किसान ऐसे हैं, जिनके पास आर्थिक तंगी के चलते ट्रैक्टर नहीं है। ऐसे में वे ट्रैक्टर किराए पर लेते हैं या बेल का इस्तेमाल करते हैं। बल्कि कई खबरें ऐसी भी सामने आई हैं, जिनमें कुछ किसानों ने खुद ही सारा खेत जोत दिया। ऐसे ही किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने ट्रैक्टर खरीदने पर सब्सिडी देने की योजना शुरू की है। इस योजना को पीएम किसान ट्रैक्टर योजना के नाम से जाना जाता है।
कितनी मिलेगी मदद
पीएम ट्रैक्टर योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि किसान किसी भी कंपनी का ट्रैक्टर खरीद सकते हैं और वह भी आधी कीमत में। जी हां उन्हें आधा पैसा सरकार से सब्सिडी के तौर पर मिलेगा। कई राज्य सरकारें किसानों को अपने-अपने स्तर पर ट्रैक्टरों पर 20 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करती हैं। मध्य प्रदेश सरकार ई यंत्र कृषि अनुदान के तहत इस मामले में किसानों की काफी मदद कर रही है।
इन शर्तों का पूरा करना जरूरी
यदि कोई किसान पीएम किसान ट्रैक्टर योजना के तहत फायदा लेना चाहता है तो उसे कुछ शर्तों को पूरा करना होगा। पीएम किसान ट्रैक्टर योजना के लिए पंजीकरण कराने वाले किसान के लिए पहली शर्त यह है कि उसने पिछले 7 वर्षों में कोई ट्रैक्टर नहीं खरीदा हो। दूसरी बात एक किसान केवल एक ट्रैक्टर ही खरीद सकता है। अच्छी बात ये है कि महिला किसानों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है।
जमीन होना जरूरी
योजना का लाभ उठाने के लिए किसान के पास सभी जरूरी दस्तावेज होने जरूरी हैं। साथ ही उसके पास जमीन भी होनी चाहिए। किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल कृषि विभाग कार्यालय या करीबी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) जाना है। कॉमन सर्विस सेंटर पर आवेदन फॉर्म लें और उसमें पूछी गई सभी जानकारी जैसे नाम, पता आदि भरें। इसके बाद अपने सभी दस्तावेजों को आवेदन फॉर्म के साथ अटैच करें और जमा करें।
जानिए ऑनलाइन प्रोसेस
अगर आप इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको अपने स्टेट के तहत आवेदन करना होगा। हर स्टेट का योजना के लिए आवेदन करने का अपना लिंक है। यहां आपको कुछ राज्यों के लिंक दे रहे हैं। मध्य प्रदेश (https://dbt.mpdage.org/index.htm), महाराष्ट्र (https://agriwell.mahaonline.gov.in/), बिहार (http://farmech.bih.nic.in/FMNEW/Homenew.aspx), असम (https://mmscmsguy.assam.gov.in/documents-detail/forms-for-the-revised-scheme-distribution-of-tractor-units-under-cmsguy) और गोवा (https://www.agri.goa.gov.in/HomePage;jsessionid=DCDB3F5932A6ADD7C45E4597E3C043BB.jvm1?0)।
क्या है योजना का मकसद
इस योजना का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना है। किसानों को सब्सिडी का पैसा मिलेगा, वो सीधे उनके बैंक अकाउंट में भेजा जाएगा। इसी तरह की एक और योजना है। ये है पीएम किसान एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) योजना। इस योजना के तहत किसानों को सरकार 15 लाख रु तक की मदद देती है। एफपीओ किसानों का संगठन होता है। एफपीओ बकायदा कंपनी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होते है। इन्हीं एफपीओ को सरकार से 15 लाख रु तक की मदद मिल सकती है। इस योजना के पीछे सरकार का मकसद खेती को मुनाफे वाला बिजनेस बनाना है ताकि किसान इस तरफ ज्यादा ध्यान दें।


Click it and Unblock the Notifications