आपके शहर में 1 लीटर पेट्रोल का रेट क्या है? 100 रुपए के आस पास ही होगा. भारत में इस समय ज्यादातर इलाकों में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत करीब 100 रुपए है. सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट्स जारी कर देती हैं. सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेज, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल हैं. देश में फ्यूल प्राइसेज ये कंपनियां ही तय करती हैं. देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में आखिरी बार बदलाव मार्च में हुआ था. दोनों की कीमतों को 2-2 रुपए प्रति लीटर सस्ता किया गया था. राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 94.72 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है. डीजल का रेट भी 87. 62 रुपए प्रति लीटर है. ये कीमतें 5 जून की हैं. जबकि कच्चा तेल आज लगातार छठे दिन सस्ता हो गया है. ऐसे में सवाल है कि फ्यूल प्राइस पर टैक्स से राज्य और केंद्र सरकारें कितनी कमाई करती हैं...
क्यों महंगा मिलता है पेट्रोल-डीजल?
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है. इसका कैलकुलेशन समझते हैं...एक लीटर का बेस प्राइस 55.46 रुपए रहा. भाड़ा पर खर्च 20 पैसे रहा. इसमें 19.90 रुपए की एक्साइज ड्यूटी जुड़ गई. फिर 3.77 रुपए का डीलर कमीशन भी जुड़ गया. इसके अलावा 15.39 रुपए का VAT लगा. इस लिहाज से पेट्रोल का भाव 94.72 रुपए हो गया.
सरकारी कंपनी की ही वेबसाइट पर डीजल की कीमतों का गणित समझतें हैं...इसके बेस प्राइस 56.20 रुपए है. इसमें भाड़ा खर्च 22 पैसे लगा. एक्साइज ड्यूटी 15.80 रुपए लगा. फिर औसत डीलर कमीशन 2.58 रुपए हुआ. आगे 12.82 रुपए का VAT लग गया. इस लिहाज से ग्राहकों को एक लीटर डीजल 87.62 रुपए का मिलता है.

केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई
एक्साइज ड्यूटी एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर है, जोकि सरकार कुछ उत्पादों की बिक्री, लाइसेंस और उत्पादन पर लगाती है. इसे केंद्र सरकार वसूलती है. इस लिहाज से केंद्र सरकार एक लीटर पेट्रोल पर 19.90 रुपए और डीजल पर 15.80 रुपए कमाती है. वहीं, वैट वह कर है जो माल की बिक्री के प्रत्येक चरण में सकल मार्जिन पर लगाया जाता है. इसे राज्य सरकारें वसूलती हैं. राज्य सरकार पेट्रोल पर 15.39 रुपए कमाती है. डीजल पर 12.82 रुपए कमाती है.
कच्चे तेल में जारी है गिरावट
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे दिन करेक्शन देखने को मिल रहा. ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है. क्रूड का ये आंकड़ा 4 महीने का निचला स्तर है. WTI क्रूड ऑयल भी 73 डॉलर प्रति बैरल के पास ट्रेड कर रहा है. डिमांड को लेकर चिंताओं के चलते करेक्शन देखने को मिल रहा. साथ ही अमेरिकी भंडार में भी क्रूड बढ़ा है.
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