नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान आज निवेश के 2 बड़े मौके सामने आए हैं। यह दोनों मौके ऐसे हैं, जिनमें फायदा साफ-साफ दिख रहा है। तारीफ की बात यह है कि यह दोनों मौकों में से एक मौका जहां मोदी सरकार लेकर आई है, वहीं दूसरा मौका देश की बड़ी कंपनी लेकर आई है। दोनों ही जगह कम पैसों के निवेश पर ज्यादा फायदा दिया जा रहा है। जहां एक निवेश का मौका सस्ते में गोल्ड खरीदने का मिल रहा है, वहीं सस्ते में शेयर पाने का चांस भी है। आइये जानते हैं कि यह दोनों मौके क्या हैं, और कैसे इनका फायदा उठाया जा सकता है।
पहले जानते हैं कैसे रिलायंस का शेयर सस्ते में पाया जा सकता है
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज पहली बार राइट इश्यू लेकर आ रही है। कंपनी ने इसके लिए कट ऑफ डेट 14 मई 2020 तय कर दी है। इसका मतलब हुआ कि जिन निवेशकों के पास 14 मई को रिलायंस के शेयर होंगे, उनको यह राइट इश्यू खरीदने का हक होगा। ऐसे में जिनके पास पहले से ही रिलायंस के शेयर हैं, उनको तो यह मौका मिलेगा ही। लेकिन अगर कोई आज या कल (11 मई और 12 मई 2020) में रिलायंस का शेयर खरीद लेता है, तो उसे भी राइट इश्यू में शेयर खरीदने का मौका मिलेगा। रिलायंस अपनी राइट इश्यू के माध्यम से करीब 53,125 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को पटाने में करेगी। पिछले वित्तीय साल में मुकेश अंबानी ने रिलायंस को कर्जमुक्त कंपनी बनाने के लक्ष्य पेश किया था।
जानिए कितने रुपये में मिलेगा राइट इश्यू
राइट्स इश्यू के लिए रिलायंस ने 10 रुपये प्रति वाले शेयरों का भाव 1257 रुपये रखा है। यानी इसमें 1247 रुपये का प्रीमियम शामिल रहेगा। 1257 रुपये का भाव कंपनी के 30 अप्रैल के शेयर भाव से करीब 210 रुपये या 14 फीसदी का डिस्काउंट है। वहीं आज यानी 11 मई को रिलायंस के शेयर ने 1600 रुपये का स्तर छुआ है। इसके हिसाब से करीब 300 रुपये से ज्यादा सस्ता रिलायंस का शेयर खरीदने का मौका है। जिनके पास 14 मई को 15 रिलायंस के शेयर होंगे, उनको 1 शेयर राइट इश्यू के माध्यम से खरीदने का मौका मिलेगा। यहां पर ध्यान रखने की बात यह है कि अगर किसी के पास 16 रिलायंस के शेयर होंगे तो उसको भी केवल 1 राइट इश्यू खरीदने का मौका मिलेगा। राइट इश्यू के लिए कब से आवेदन शुरू होगा, इसकी जानकारी 14 मई के बाद दी जाएगी। च्वाइस ब्रोकिंग के प्रेसीडेंट अजय केजरीवाल के अनुसार यह निवेश का मौका है। लोगों को अगर लम्बे समय तक रिलायंस में निवेश रखना है, तो उनको इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। उनके अनुसार कंपनी इस पैसे से कर्ज मुक्त बनने का प्रयास करेगी। इससे उसकी बैलेंसशीट मजबूत होगी। इसके अलावा इस दौरान जियो में आए नए निवेश से नए अवसर भी बनेंगे। ऐसे में रिलांयस में लम्बे नजरिए से निवेश का अच्छा मौका है।
मोदी सरकार लेकर आई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
वहीं निवेश का दूसरा मौका मोदी सरकार लेकर आई है। सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को निवेश के लिए लांच कर दिया है। इसमें 11 मई से लेकर 15 मई 2020 तक निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम के तहत सरकार बाजार के रेट से कम पर सोना बेच रही है। शुक्रवार को भारत के बाजार में सोना 46221 रुपये प्रति दस ग्राम के रेट पर बंद हुआ था। इसके बाद सरकार ने अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए रेट की घोषणा कर दी। इस बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए 45900 रुपये प्रति 10 ग्राम का रेट तय किया है। वहीं शुक्रवार को देश में गोल्ड का रेट 46221 रुपये पर बंद हुआ था। इस प्रकार सरकार प्रति 10 ग्राम पर 310 रुपये की छूट दे रही है। वहीं अगर कोई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए ऑनलाइन पेमेंट करता है तो उसे 500 रुपये प्रति 10 ग्राम की छूट अलग से दी जाएगी। इस प्रकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में लोग अधिकतम 810 प्रति 10 ग्राम तक की छूट ले सकते हैं।
आज से खरीद सकेंगे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
वित्त वर्ष 2021 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की आज जारी होने वाली यह दूसरी सीरीज है। लोग आज यानी 11 मई से लेकर 15 मई 2020 तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में निवेश कर सकते हैं। अगर आप चाहें तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में आनलाइन भी निवेश कर सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीदा जा सकता है। इसकी बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), चुनिंदा डाकघरों और एनएसई व बीएसई जैसे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए होती है। कोई भी भारतीय नागरिक 1 वित्त वर्ष में न्यूनतम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलोग्राम तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं किसी ट्र्स्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किग्रा तय की गई है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड हर साल कई बार जारी किए जाते हैं। हर वित्तीय वर्ष के लिए यह सीमा है। लेकिन अगर आप हर साल चाहें तो इस सीमा तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर मिलता है 2.5 फीसदी ब्याज
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश के बाद सोने के रेट बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है। इसके अलावा सालाना 2.5 फीसदी ब्याज भी मिलता है। यह ब्याज निवेशक के बैंक खाते में हर 6 महीने पर जमा किया जाता है। ब्याज की अंतिम किस्त मूलधन के साथ मेच्योरिटी पर दे दी जाती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का मेच्योरिटी पीरियड 8 साल है। लेकिन अगर आप चाहें तो 5 साल, 6 साल या 7 साल के बाद इसे बेच सकते हैं।
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