पोस्ट ऑफिस खाताधारकों के लिए बड़े काम की खबर है। पोस्ट ऑफिस कई सारी बचत योजनाए चलाता है। इन योजनाओं की सबसे खास बात होती है कि इस पर सरकार की गारंटी होती है।
नई दिल्ली, अप्रैल 21। पोस्ट ऑफिस खाताधारकों के लिए बड़े काम की खबर है। पोस्ट ऑफिस कई सारी बचत योजनाए चलाता है। इन योजनाओं की सबसे खास बात होती है कि इस पर सरकार की गारंटी होती है। यानी आपका पैसा डूबेगा नहीं। वहीं अगर आप टैक्स बचत के साथ अच्छे रिटर्न के लिए निवेश के लिहाज से कोई स्कीम तलाश रहे हैं तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

निवेश करने पर मिलता अच्छा ब्याज दर
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ भारत में बचत का लोकप्रिय और काफी पुराना तरीका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ छोटी बचत स्कीमों में से एक है। इस स्कीम में निवेश करने पर अच्छा ब्याज दर मिलता है। पीपीएफ निवेश का एक सेफ विकल्प है। आप पोस्ट ऑफिस या बैंक में पीपीएफ खाता खुलवा सकता है। इसमें निवेश पर टैक्स कटौती का फायदा मिलता है। इसके अलावा मैच्योरिटी की रकम और ब्याज की इनकम भी कर मुक्त होती है। इसकी सबसे खास बात ये है कि पीपीएफ खाते में जमा रकम को किसी कोर्ट के आदेश के तहत जब्त नहीं किया जा सकता है।
फ्री में पीपीएफ अकाउंट होगा ट्रांसफर
याद दिला दें कि साल 2019 में मोदी सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम 2019 लागू किया था। सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया था। इस नियम के तहत खाताधारक के किसी भी लोन या देनदारी की वसूली को लेकर कोर्ट के आदेश पर भी पीपीएफ खाता में जमा रकम को जब्त नहीं किया जा सकता। अकाउंट होल्डर के अनुरोध पर एक पीपीएफ खाते को एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे पोस्ट ऑफिस में या पोस्ट ऑफिस से बैंक या किसी बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर किया जा सकता है। इस सेवा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
मिलता है टैक्स छूट का फायदा
पीपीएफ योजना में किए गए पूरे निवेश पर आपको टैक्स छूट का फायदा मिलता है। योजना में निवेश से मिलने वाले ब्याज और निवेश की पूरी राशि पर कोई टैक्स नहीं देना होता। पीपीएफ इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाले ब्याज को तिमाही आधार पर संशोधित किया जाता है।
पीपीएफ अकाउंट की खास बातें
- पीपीएफ खाता खोलने के बाद 15 साल पूरे होने यानी मैच्योरिटी के बाद भी आप अगले पांच साल तक पीपीएफ में पैसे जमा कर सकेंगे।
- पीपीएफ की ब्याज दर भारत सरकार द्वारा हर तीन महीने पर निर्धारित की जाती है।
- एक वित्त वर्ष में 500 रुपये से कम और 1.50 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश इस स्कीम में नहीं कर सकते हैं।
- पीपीएफ अकाउंट में एक साल में 500 रुपये का निवेश अनिवार्य है। यदि साल के दौरान खाताधारक न्यूनतम 500 रुपये का रकम जमा नहीं करता है तो यह अकाउंट बंद हो जाएगा।
- हर साल के आखिर में ब्याज की रकम खाताधारक के अकाउंट में जमा की जाती है। अभी पीपीएफ स्कीम पर 7.1 फीसदी सालाना ब्याज दर लागू है।
- पीपीएफ खाते में जमा राशि को खाता खुलवाने के 5 साल के बाद कभी भी निकाला जा सकता है।
छोटी बचज योजनाओं पर पहले की ही तरह मिलता रहेगा ब्याज
सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर आम आदमी को बड़ी राहत दी है। सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर मिल रहे ब्याज दरों में कटौती का आदेश वापस ले लिया है। यानी अप्रैल से जून 2021 तिमाही के लिए छोटी बचज योजनाओं पर पहले की ही तरह ब्याज मिलता रहेगा। इनमें पीपीएफ और एनएससी जैसी पॉपुलर बचत योजनाएं भी शामिल हैं। बता दें कि सरकार वित्त वर्ष की हर तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और जरूरत लगे तो इसमें बदलाव करती है। वहीं तिमाही आधार पर ब्याज दर तय करने की परंपरा 1 अप्रैल 2016 से चल रही है। स्मॉल सेविंग्स स्कीम पर ब्याज दरें गवर्मेंट सिक्योरिटीज की यील्ड से लिंक हैं।
पोस्ट ऑफिस में की टॉप 9 सेविंग स्कीम ब्याज दरें
- सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) 7.6%
- सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (एससीएसएस) 7.4%
- नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी) 6.8%
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) 7.1%
- किसान विकास पत्र (केवीपी) 6.9%
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (पीओएमआईएस) 6.6%
- पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट 4%
- पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट 6.7%
- पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट 5.8%


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