नई दिल्ली। केन्द्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल पंप खोलने के नियम आसान कर दिए हैं। नए नियमों के तहत अगर कोई न्यूनतम 100 पेट्रोल पंप भी खोलना चाहता है तो उसे इसके लिए लाइसेंस दिया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि अब ज्यादा कंपनियां पेट्रोल वितरण के काम में आ सकेंगी। इस कारण देश में ज्यादा पेट्रोप पंप की स्थापना हो सकेगी। ऐसा होने से लोगों को आसानी से पेट्रोल पंप का लाइसेंस मिल सकेगा। इस नई पॉलिसी की एक खास शर्त है कि इन लोगों को कम से कम 5 फीसदी पेट्रोल पंप ग्रामीण क्षेत्र में खोलना होंगे। इस संबंध में सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध कराना होगा एक ग्रीन ईंधन
नोटिफिकेशन के अनुसार, नए पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक ग्रीन ईंधन उपलब्ध कराना होगा। इसमें सीएनजी, बायोफ्यूल्स, लिक्विफाइड नेचुरल गैस या इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग प्वाइंट शामिल हो सकते हैं। पेट्रोल पंप का लाइसेंस लेने वालों को यह सुविधा पंप शुरू होने के 3 साल के भीतर उपलब्ध करानी होगी। नई पॉलिसी के तहत अब नॉन ऑयल कंपनीज को भी पेट्रोल पंप शुरू कर सकती हैं।
नई कंपनियों के लिए यह है शर्त
इस नई पॉलिसी के तहत फ्यूल रेटेलिंग का लाइसेंस लेने की इच्छुक कंपनियों को कम से कम 2000 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा। यह निवेश हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन, रिफाइनिंग, पाइपलाइन या एलएनजी टर्मिनल की स्थापना में किया जाना चाहिए। नोटिफिकेशन के अनुसार रिटेल मार्केटिंग में आने की इच्छुक कंपनियों की नेटवर्थ आवेदन के समय कम से कम 250 करोड़ रुपये होनी चाहिए। आवेदन करने के लिए 25 लाख रुपये की फीस भी कंपनियों को भरना होगी।
जुर्माने का भी प्रावधान
नई नीति के तहत ग्रामीण इलाकों में तय जगहों पर 5 फीसदी पेट्रोल पंप नहीं खोलने पर लाइसेंस लेने वाली कंपनी पर जुर्माना लगेगा। जुर्माने की यह राशि 3 करोड़ रुपये प्रति पेट्रोल पंप होगी। हालांकि, कंपनियां प्रति पेट्रोल पंप 2 करोड़ रुपये एडवांस जमा करके इस शर्त से राहत पा सकती हैं। इस समय देश में आईओसी के 28,237, एचपीसीएल के 15,855 और बीपीसीएल 15,289 पेट्रोल पंप देश में काम कर रहे हैं।


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