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खुशखबरी : ग्रेच्युटी अब 1 साल बाद ही देने की तैयारी

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नई दिल्ली। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो ग्रेच्युटी के बदले नियम अब आपका नुकसान बचाएंगे। सरकार जल्द ही ग्रेच्युटी से जुड़े नियम बदलने जा रही है। अभी नियमों के अनुसार नौकरीपेशा लोगों की ग्रेच्युटी की कटौती तो पहले ही दिन से होने लगती है, लेकिन इसे लेने की पात्रता 5 बाद मिलती है। यही कारण है कि अगर नौकरी 5 साल से पहले बदल जाए तो ग्रेच्युटी का पूरा पैसा डूब जाता है। आजकल लोग नौकरी तेजी से बदलते हैं। ऐसे में लोगों का पैसा खूब डूबता है। लेकिन मोदी सरकार अब ग्रेच्युटी से जुड़े इन नियमों को बदलने जा रही है। इस बदलाव के बाद अब लोगों को 1 साल की नौकरी पूरी होने ही ग्रेच्युटी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। आइसे जानते हैं इससे क्या होगा फायदा और ग्रेच्युटी की गणना का क्या है फॉर्म्यूला।

 

जानें सरकार की क्या है तैयारी

ग्रेच्युटी से जुड़े नियम बदलना मोदी सरकर की प्राथमिकता में है। ग्रेच्युटी के नियमों को बदलने के लिए केंद्र की मोदी सरकार संशोधित बिल को इसी साल शीतकालीन सत्र में संसद में लाने की तैयारी में है। संसद का शीतकालीन सत्र इसी नवंबर में शुरू होने जा रहा है।

ग्रेच्युटी के नियमों में ये है बदलाव की तैयारी

ग्रेच्युटी के नियमों में ये है बदलाव की तैयारी

अभी ग्रेच्युटी के नियम के अनुसार किसी भी कर्मचारी के कंपनी में 5 साल तक काम करने के बाद यह पैसा मिलता है। लेकिन मोदी सरकार अब इस समयाअवधि को घटाने जा रही है। इसके लिए संशोधित बिल नवंबर में शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। अगर मोदी सरकार यह फैसला लेती है और बिल पास होता है, तो नौकरीपेशा वर्ग के लिए बड़ा उपहार होगा। इस बिल के पास होने का सबसे बड़ा फायदा निजी क्षेत्र में नौकरी करने वालों को मिलेगा। निजी क्षेत्र में नौकरी करने वाले अगर 1 साल बाद नौकरी छोड़ेंगे तो भी उन्हें ग्रेच्युटी का फायदा मिलेगा।

क्या होती है ग्रेच्युटी
 

क्या होती है ग्रेच्युटी

ग्रेच्युटी एक तरह से आपकी नौकरी में मिलने वाला अतिरिक्त लाभ है। यह फिलहाल तभी मिलता है जब कोई कर्मचारी किसी कंपनी में 5 साल तक लगातार काम करता है। लेकिन इसके अलावा यह तब भी दी जाती है, जब कर्मचारी की मौत हो जाए। ऐसे में नौकरी का समय नहीं देखा जाता है।

कैसे होती है ग्रेच्युटी के पैसों की गणना

कैसे होती है ग्रेच्युटी के पैसों की गणना

ग्रेच्युटी के रूप में कर्मचारी को कितनी रकम मिलेगीख् इसका फैसला 2 बातों पर निर्भर होता है। पहला है उसका अंतिम माह में मिला वेतन, और दूसरा यह कि उसकी कंपनी के लिए सेवा कितने साल तक की।

ऐसे होती है ग्रेच्युटी की रकम की गणना

ऐसे होती है ग्रेच्युटी की रकम की गणना

ग्रेच्युटी की रकम की गणना के लिए नियम बने हुए हैं। इसको समझना काफी आसान है। अगर किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी कानून के तहत कवर मिला हुआ है उसके 15 दिनों के वेतन को उसके नौकरी के साल में गुणा करके जाना जा सकता है। यहां पर 15 दिन के वेतन का मतलब अंतिम बेसिक सैलरी में महंगाई भत्ता जोड़कर जो हो।

ग्रेच्युटी फार्मूला

(15Xअंतिम बेसिक सैलरीXकामकाज के साल) भाग 26

इस उदाहरण से समझें अपनी ग्रेच्युटी की रकम

इस उदाहरण से समझें अपनी ग्रेच्युटी की रकम

अगर आपकी बेसिक सैलरी और डीए मिलाकर 25000 रुपये वेतन है। इसके अलावा आपने 10 साल तक नौकरी की है। ऐसे में आपको 1.45 लाख रुपये ग्रेच्युटी के रूप में मिलेगा।

-ऐसे होगी इसकी गणना (15X25000X10)/ 26 = 1 लाख 45 हजार 230 रुपये

अब आपके गोल्ड पर है मोदी सरकार की नजर, जानें क्या है तैयारी

English summary

Now preparing to pay gratuity amount only after 1 year of job what is gratuity

Modi government is going to change the rules of gratuity. The gratuity amendment bill may come in the winter session of Parliament. what is gratuity.
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