नयी दिल्ली। फाइनेंशियल इंडस्ट्री बदलती रहती है, क्योंकि इसमें नए प्रोडक्ट्स और सेवाएं आती रहती हैं। जैसे कि अब डिजिटल बैंकिंग अपने पैर फैला रही है तो एक नया बैंकिंग सिस्टम "नियो बैंक" उभर कर सामने आया है। नियो बैंक ने अभी परंपरागत बैंकिंग को नहीं पछाड़ा है, मगर निवेशकों और कई उद्मियों ने इस नई बैंकिंग प्रणाली में रुचि दिखाई है। एक ग्राहक के रूप में कोरोनोवायरस महामारी के बीच अपने दिन-प्रतिदिन की जरूरतों के लिए अच्छी मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस ऑप्शन के लिए आप नियो बैंक का विकल्प चुन सकते हैं जो आपको तकनीकी रूप से आगे भी रखेगा। क्या है नियो बैंक सिस्टम और इसके फायदे आइये जानते हैं।
क्या होते हैं नियो बैंक
आसान शब्दों में कहें तो नियो बैंक बिना किसी फिजिकल ब्रांच वाले डिजिटल बैंक हैं। ये केवल ऑनलाइन मौजूद हैं। विश्व स्तर पर इसका यही मतलब है। हालाँकि भारत में नियमों के अनुसार 100 प्रतिशत डिजिटल बैंकों की अनुमति नहीं है, इसलिए इन नियो बैंकों को फिनटेक कंपनियों के रूप में भी जाना जा सकता है। ये कंपनियां ट्रेडिश्नल बैंकों के साथ टाई-अप करके बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करती हैं और एक टेक्नोलॉजी आधारित बैंकिंग सिस्टम चलाती हैं, जो तेज, कस्टमर फ्रेंडली और कम लागत वाला होता है।
भारत में ये कंपनियां हैं मौजूद
भारत में, Niyo, Open, Razorpay X, Yelo, InstantPay जैसे स्टार्टअप हैं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य मशीन लर्निंग विधियों का उपयोग करके बेहतर बैंकिंग सॉल्यूशन पेश करने के लिए पारंपरिक बैंकों के साथ साझेदारी कर रहे हैं। नियो बैंक मोबाइल फर्स्ट दृष्टिकोण अपनाते हैं, यानी ये सभी सेवाएं मोबाइल के जरिए देते हैं और डिजिटल ऑपरेटिंग मॉडल पर जोर देते हैं। एसबीआई कुछेक उन पारंपरिक बैंकों में है जिनके पास ऐसा ही सिस्टम है। एसबीआई के पास YONO सिस्टम है, जो पूरी तरह से ऑनलाइन ऑपरेट करता है और नियो बैंक मॉडल के काफी समान है। इससे किसी ग्राहक के बैंक ब्रांच जाने की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। ऐसे डिजिटल बैंक अक्सर किसी स्थापित इकाई की सब्सिडरी के रूप में ऑपरेट करते हैं। दरअसल भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों का पालन करने के लिए नियो बैंकों को देश में किसी पारंपरिक बैंक के साथ भागीदार बनना पड़ता है।
इन बैंकों खाता में खुलवाएं या नहीं
इन बैंकों खाता में खुलवाना है या नहीं ये पूरी तरह से आप निर्भर करता है। वैसे नियो बैंक तकनीकी समझ रखने वालों ग्राहकों के लिए हैं। यदि आप इन तकनीक आधारित, तेज़ और नए जमाने के बैंकिंग मॉडल को पसंद करते हैं तो आप बतौर टेस्टिंग खाता खोल कर छोटे लेन-देन शुरू कर सकते हैं। पहले बताया गया है कि ये बैंक किसी मौजूदा पारंपरिक कमर्शियल बैंक के साथ भागीदारी में ऑपरेट करते हैं, जो आरबीआई की निगरानी में होते हैं। ये नियो बैंकों को परंपरागत बैंकों का समर्थन मिलता है, बदले में ये उन्हें अत्याधुनिक तकनीकी जानकारी, बल्क ट्रांजेक्शन प्रोसेस करना, सिस्टम में विफलताओं की पहचान करना, भुगतान शेड्यूल को स्वचालित करना जैसी सुविधाएं देते हैं।
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