National Pension Scheme : रिटायरमेंट प्लान में जरूर करें शामिल, जानिए 5 फायदे

नई दिल्ली, जून 6। यदि आप अपने जीवन में कमाई शुरू कर रहे हैं या आपको कमाना शुरू किए ज्यादा समय नहीं हुआ तो तो रिटायरमेंट फंड या योजनाओं में निवेश करने का यह एक अच्छा समय है। हालाँकि एक पर्याप्त फंड बनाने के लिए, जो आपके पूरे जीवन तक चलेगा, आपको समझदारी से निवेश करने की आवश्यकता होगी। इसके लिए विभिन्न निवेश ऑप्शन उपलब्ध हैं और आप जो चुनते हैं वह आपकी वर्तमान आयु और इनकम प्रोफाइल पर आधारित होगा। यदि आप युवा हैं, जिसका मतलब है कि आपके पास रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए लंबा समय है, तो आप राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) को सकते हैं। लेकिन, सवाल यह है कि आपको एनपीएस में निवेश क्यों करना चाहिए? आपकी सेवानिवृत्ति के लिए एनपीएस एक अच्छा विकल्प क्या है? असल में इसके 5 बड़े फायदे हैं। आइए जानते हैं सबके बारे में।

50,000 रुपये का अतिरिक्त टैक्स लाभ

50,000 रुपये का अतिरिक्त टैक्स लाभ

एनपीएस में निवेश आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सीसीडी के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स कटौती के योग्य होता है। इस टैक्स लाभ को अपने रिटायरमेंट फंड में "अतिरिक्त निवेश" के रूप में देखें। इस तरह अगले 25 से 30 वर्षों में यह अतिरिक्त निवेश आपके रिटायरमेंट फंड पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। इसे देखने का एक और तरीका यह है कि टैक्स बचत आपकी 'इनकम इन हैंड' के रूप में काम कर सकता है।

आपका पैसा मैच्योरिटी तक पहुंचने पर टैक्स-फ्री होगा

आपका पैसा मैच्योरिटी तक पहुंचने पर टैक्स-फ्री होगा

एक एनपीएस निवेशक के रूप में आप मौजूदा टैक्स कानूनों के अनुसार मैच्योरिटी पर राशि का 60 फीसदी टैक्स-फ्री ले सकते हैं। आपको बाकी 40% के लिए एक एन्युटी खरीदनी होगी। हालांकि, खरीद के समय कोई टैक्स देय नहीं है। नतीजतन मैच्योरिटी पर पैसा पूरी तरह से टैक्स फ्री है। आपको प्राप्त होने वाले मासिक एन्युटी भुगतानों पर ही टैक्स लगाया जाएगा। इससे यह युवा निवेशक के लिए एक आकर्षक निवेश बन जाता है।

कम लागत और काफी रेगुलेटेड निवेश

कम लागत और काफी रेगुलेटेड निवेश

इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) और यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूलिप) जैसी योजनाओं में फंड मैनेजमेंट शुल्क कहीं भी 1% से 2% तक होता है। जबकि इसकी तुलना में एनपीएस फीस एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) का 0.01 फीसदी है। इसके अलावा, नियामक एजेंसी पीएफआरडीए एनपीएस को सक्रिय रूप से नियंत्रित और मॉनिटर करती है। इसका मतलब यह है कि आपके अधिकारों और हितों की हर समय रक्षा की जाती है।

मल्टीपल फंड प्रबंधन और एसेट एलोकेशन ऑप्शंस

मल्टीपल फंड प्रबंधन और एसेट एलोकेशन ऑप्शंस

एनपीएस आपको विभिन्न प्रकार के फंड मैनेजरों और फंड आवंटन विकल्पों में से चुनने की सुविधा देता है। जब फंड मैनेजर के चयन की बात आती है, तो आप अपना निर्णय लेने में सहायता करने के लिए प्रत्येक फंड के पिछले प्रदर्शन को तेजी से देख सकते हैं। यहां तक ​​कि एक बार निवेश करने के बाद, यदि आप प्रदर्शन में गिरावट देखते हैं, तो बीच में ऑनलाइन फंड स्वैप करना भी आसान है।

लंबी लॉक-इन अवधि एनपीएस को एक स्मार्ट रिटायरमेंट निवेश बनाती है

लंबी लॉक-इन अवधि एनपीएस को एक स्मार्ट रिटायरमेंट निवेश बनाती है

एक युवा निवेशक के रूप में, रिटायरमेंट पर विचार करना या इसके बारे में सोचना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यह ट्रेंड आपकी रिटायरमेंट की आयु और फंड को खतरे में डाल सकता है। मान लीजिए कि आप अपनी आयु के 40 के दशक की शुरुआत में अपना रिटायरमेंट निवेश शुरू करते हैं, ऐसा करने से आप चक्रवृद्धि (कंपाउंड) की शक्ति से चूक जाएंगे। जबकि एनपीएस आपके पैसे को कंपाउंड करने का एक शानदार तरीका है।

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