नयी दिल्ली। एक निवेशक के रूप में आपके पास शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड दोनों में निवेश करने का ऑप्शन है। जब आप शेयरों में निवेश करते हैं तो इसका मतलब है कि आप सीधे इक्विटी में निवेश करते हैं और आप एक शेयरधारक बन जाते हैं। इक्विटी म्यूचुअल फंड के मामले में आप फंड की इकाइयां खरीदते हैं, जो इक्विटी शेयरों में आपके पैसा का निवेश करती है। यानी आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके इक्विटी बाजार में सीधे निवेश नहीं करते। आसान शब्दों में आप सीधे अपने नाम से शेयर खरीद सकते हैं या आप इक्विटी म्यूचुअल फंड यूनिट खरीद सकते हैं, जो इक्विटी बाजार से शेयर खरीदते हैं। शुरू में कोई कंपनी खुद को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट करने के लिए शेयर जारी करती है, जबकि म्यूचुअल फंड इकाइयां फंड हाउसों द्वारा जारी की जाती है। यहां तक आप शेयर और म्यूचुअल फंड (इक्विटी, क्योंकि इक्विटी फंड ही शेयरों में निवेश करते हैं) का बुनियादी अंतर समझ गए होंगे। अब जानते हैं इनमें आपके लिए बेस्ट क्या है।
म्यूचुअल फंड है सही रास्ता
इक्विटी म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर होते हैं, जो अपने काम में एक्सपर्ट होते हैं। यही वजह है कि कई निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड यूनिट ही खरीदते हैं। आमतौर पर जब आप शेयर खरीदते हैं तो इसमें बहुत सारे फंडामेंटल एनालिसिस शामिल होती है। इक्विटी फंड मैनेजर्स के पास इक्विटी रिसर्च विश्लेषकों की एक समर्पित टीम होती है, जो विभिन्न तरीकों से शेयरों के सही मूल्य की पहचान करते हैं। इसके लिए वे कई अनुपातों को आजमाते हैं, इनमें प्राइस टू अर्निंग रेशियो, प्राइस टू बुक वैल्यू रेशियो और दूसरी टेक्निकल चीजें शामिल होती हैं। जिन लोगों के पास खुद ये जानकारी होती है वे खुद डायरेक्ट निवेश करते हैं।
शेयर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स में अंतर
जारीकर्ता : शेयर कंपनियां जारी करती हैं, जबकि म्यूचुअल फंड यूनिट्स म्यूचुअल फंड हाउस जारी करते हैं
जारी करने का उद्देश्य : कंपनी लिस्ट होने के लिए शेयर जारी करती है, जबकि म्यूचुअल फंड यूनिट्स शेयरों में निवेश के लिए जारी होते हैं
कहां से खरीदें : शेयरों को स्टॉक एक्सचेंजों से खरीदा जा सकता है, जबकि म्यूचुअल फंड को फंड हाउस से खरीदा जा सकता है
टैक्स : इनमें एक समानता भी है। दोनों पर शॉर्ट और लॉन्ग टर्म गैन टैक्स लगता है
म्यूचुअल फंड काफी सुरक्षित
आज निवेशक तेजी से म्यूचुअल फंड इकाइयों में निवेश कर रहे हैं। लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड ने अच्छे रिटर्न दिए हैं। हालांकि इस मामले में शेयर भी पीछे नहीं हैं। यदि आपके पास जानकारी की कमी है और आप इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं तो आप इक्विटी म्यूचुअल फंड पर एक नज़र डाल सकते हैं। लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के लिए ये सही है। वहीं शेयर बाजार के मुकाबले म्यूचुअल फंड में जोखिम कम है।
2021 में होगा अच्छा मौका
2020 में शेयरों और म्यूचुअल फंड ने अच्छा रिटर्न दिया। कई ऐसे शेयर और म्यूचुअल फंड हैं जिन्होंने इस साल कोरोना संकट के बावजूद लोगों को मालामाल कर दिया। यदि आप 2021 में निवेश करने की सोच रहे हैं तो कुछ अच्छे शेयर और म्यूचुअल फंड्स अपनी जानकारी में रखें। अगले साल दोनों ही जगहों से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।


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