नयी दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में सभी ड्राइवरों से कॉन्टैक्टलेस सर्विसेज का लाभ उठाने के लिए अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड के साथ लिंक करने के लिए कहा। नए नियम का मकसद आम जनता के लिए सेवाओं को परेशानी मुक्त बनाना है। यही नहीं इस कदम का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में फरार ड्राइवरों को दस्तावेजों की जालसाजी से रोकना भी है। आधार और लाइसेंक लिंकिंग से ड्राइवर के बारे में पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी और इससे पुलिस के लिए आरोपी को पकड़ने में आसानी होगी। जानते हैं आधार-ड्राइविंग लाइसेंस लिंकिंग के बाकी फायदे।
डुप्लीकेसी पर लगेगी रोक
आधार कार्ड को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक कराने पर सबसे बड़ा फायदा होगा डुप्लीकेसी खत्म होने का। कोई भी फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकेगा। दूसरे जैसा कि हमने ऊपर जिक्र किया एक्सीडेंट या किसी इमरजेंसी की स्थिति में पहचान आसानी से हो सकेगी। सरकार को यह फायदा होगा कि फाइन में बढ़ोतरी होगी। कुछ अपना फाइन जमा करने से बचने के लिए नया लाइसेंस बनवा लेते हैं। मगर आधार से लिंक होने पर नया लाइसेंस नहीं बन सकेगा।
18 सर्विसेज हैं ऑनलाइन
इस समय मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी से संबंधित 18 सेवाएं ऑनलाइन देना शुरू कर दिया है। इनमें डीएल का रिन्यूअल, लर्नर का लाइसेंस और डीएल में एडरेस परिवर्तन शामिल है। आधार को लाइसेंस से लिंक करने के लिए आपको राज्य परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
जानिए आधार-लाइसेंस लिंकिंग का पूरा प्रोसेस
आधार को लाइसेंस से लिंक करने के लिए राज्य सड़क परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाएं। यहां लिंक आधार विकल्प पर क्लिक करें। फिर ड्रॉप-डाउन मेनू में से ड्राइविंग लाइसेंस विकल्प चुनें। ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करें और गेट डिटेल्स पर क्लिक करें। अब दिए गए स्पेस में 12 अंकों का आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें। आगे जानिए बाकी का प्रोसेस।
ये है बाकी प्रोसेस
ऊपर बताई गई प्रोसेस के तहत जरूरी डिटेल भरने के बाद 'सबमिट' पर क्लिक करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। प्रोसेस को पूरा करने के लिए ओटीपी दर्ज करें।
फटाफट करें लिंक
रिपोर्ट्स के अनुसार यदि ड्राइविंग लाइसेंस निर्धारित समयसीमा के भीतर डीएल से लिंक करने में विफल रहने पर ड्राइविंग लाइसेंस निष्क्रिय हो जाएगा। यानी एक निश्चित अवधि में डीएल को आधार से लिंक न करने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस एनएक्टिव हो सकता है। पैन कार्ड को भी आधार से लिंक करना जरूरी है। इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च है। इसी तरह आधार को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक करना भी अब जरूरी है।


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