नई दिल्ली, अगस्त 02। भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी भारत में इंश्योरेंस की सुविधा देने वाली सबसे बड़ी, सबसे पुरानी और सबसे विश्वसनीय बीमा कंपनी है। देशभर में एलआईसी के सबसे ज्यादा ग्राहक हैं। कई बार ऐसा होता है कि ग्राहक जीवन बीमा पॉलिसी खरीद तो लेता है, लेकिन बाद में किसी कारण से बीमा का प्रीमियम को पूरा न कर पाने की वजह से वे पॉलिसी को सरेंडर करना चाहते हैं। ऐसे में एलआईसी अपने ग्राहको को भरपूर सहयोग करती है। एलआईसी में बीमा को सरेंडर करने की सुविधा है।
क्या है प्रोसेस
अगर आप या आपके जानने में कोई अपनी पॉलिसी से खुश नहीं हैं या आगे प्रीमीयम का भुगतान करने में सक्षम नहीं है तो वह पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है। सरेंडर करने के लिए कुछ आसान स्टेप्स का अनुसरण करना है। इसके बाद बीमा पॉलिसी आसानी से सरेंडर हो जाएगी। आपको बता दें कि एलआईसी ने पॉलिसी सरेंडर करने के लिए कुछ नियम बनाए हैं।
सरेंडर से पहले जान ले यह बाते
जब भी आप एलआईसी की कोई भी पॉलिसी सरेंडर करते हैं तो जमा की गई प्रीमियम की वैल्यू कम हो जाती है।
पॉलिसी सरेंडर करने से पहले ग्राहक को कम से 3 साल तक का प्रीमियम जमा करना होगा.
अगर आप तीन साल से कम समय में पॉलिसी सरेंडर करते हैं तो आपको प्रीमियम की राशि भी नहीं मिलती है.
अगर आप प्रीमीयम सरेंडर करते हैं तो आपको एक्सीडेंटल क्लेक की राशि नहीं मिलेगी.
लेट पॉलिसी सरेंडर करने से ही फायदा होता है
सरेंडर करने का तरीका
अगर आप अपनी पॉलिसी सरेंडर करना चाहते हैं तो ब्रांच में जाकर सबसे पहले एलआईसी पॉलिसी सरेंडर फॉर्म नंबर 5074 को भरे.
फार्म के साथ पॉलिसी का ओरिजिनल डॉक्यूमेंट अटैच करना जरूरी है.
बैंक अकाउंट नंबर और आईएएफएससी कोड की जानकारी को भरे.
एलआईसी के नेफ्ट फार्म के जरिए भी सरेंडर किया जा सकता है.
अपने पहचान पत्र की प्रती को फार्म के साथ लगाएं.
फार्म को एलआईसी के ब्रांच में जमा कर दे.
आपकी पॉलिसी इसके बाद सरेंडर हो जाएगी.


Click it and Unblock the Notifications