नई दिल्ली, फरवरी 14। अब ये फाइनल हो गया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आईपीओ आने वाला है, सभी के मन में यह खयाल आ रहा है कि उनको इस आईपीओ में शेयर मिलेंगे या नहीं। एलआईसी आईपीओ में अपने हर बीमाधारक को शेयर लेने का मौका देने जा रही है। लेकिन अगर आपकी बीमा लैप्स हो चुकी है या आपने तुरंत में यह बीमा कराया है, तो क्या आपको आईपीओ में कोटे के तहत शेयर ऐलाट होंगे या नहीं, अगर जानना चाहते हैं तो यहां पर पूरी जानकारी ली जा सकती है। यहां पर साफ साफ बताया जा रहा है कि एलआईसी के किन किन बीमाधारकों को आईपीओ में कोटे के तहत शेयर दिए जाएंगे। जिन लोगों को एलआईसी बीमा कोटे के तहत शेयर मिलेंगे, उनको कुछ छूट भी दी जाएगी। हालांकि यह छूट कितनी होगी, इसका खुलासा बाद में किया जाएगा।
आइये जानते हैं इस बारे में सब कुछ।
जानिए एलआईसी का बीमा होने पर कितना है शेयर मिलने का चांस
एलआईसी का आईपीओ का साइज बहुत ही बड़ा होने वाला है। कंपनी कई करोड़ शेयर जारी करेगी। ऐसे में चर्चा के अनुसार अगर कंपनी अपने 10 फीसदी शेयर एलआईसी बीमाधारकों के लिए भी आरक्षित करती है, तो उनको शेयर मिलने का चांस काफी ज्यादा हो जाएगा। जानकारी के अुनसार एलआईसी ने अपने ड्राफ्ट दस्तावेज में बताया है कि वह आईपीओ के तहत जारी कुल शेयरों का अधिकतम 10 फीसदी तक पॉलिसीधारकों के लिए आरक्षित किया जा सकता है। वहीं पॉलिसीधारकों को कंपनी यह शेयर कुछ डिस्काउंट पर दे सकती है। हालांकि यह डिस्काउंट कितना होगा, इसका खुलासा आईपीओ खुलन के बाद ही होगा।
लैप्स पॉलिसी वालों को क्या मिलेंगे एलआईसी के आईपीओ में शेयर
एलआईसी ने अपने आईपीओ के दस्तावेज में बताया है कि ऐसे पॉलिसीहोल्डर जिनकी बीमा पॉलिसी लैप्स की अवस्था में हैं, वह भी कोटे के तहत आवेदन के लिए योग्य होंगे। ड्राफ्ट दस्तावेज के अनुसार एलआईसी के रिकॉर्ड से जो पॉलिसी मैच्योरिटी, सरेंडर या पॉलिसीधारक की मृत्यु के चलते बाहर नहीं हुई हैं, उन सभी बीमाधारकों को पॉलिसीधारक माना जाएगा और उनको आईपीओ में कोटे के तहत आवेदन का मौका दिया जाएगा।
अगर तुरंत बीमा कराया है तो क्या आईपीओ में मिलेगा मौका
अगर कोई व्यक्ति बीमाधारक के कोटे से आवेदन करने के लिए तुरंत बीमा कराता है, तो ऐसे लो्गों को लेकर भी एलआईसी ने अपने आईपीओ के दस्तावेज में स्पष्ट रूप से बताया है। इसके अनुसार एक ऐसा पॉलिसीधारक, जिसने एलआईसी पॉलिसी के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन अभी तक उसे पॉलिसी डॉक्यूमेंट नहीं मिला है, तो उस स्थिति में, प्रॉस्पेक्टस में कहा गया है कि पॉलिसी को आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने की तारीख को या उससे पहले जारी होना चाहिए। डीआरएचपी के अनुसार पॉलिसीहोल्डर कोटे के तहत आवेदन के लिए यह जरूरी है कि पॉलिसी ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने की तारीख को या उससे पहले जारी होना चाहिए। साथ ही उस तारीख तक पॉलिसी सरेंडर या मैच्योर नहीं होनी चाहिए।
क्या एलआईसी बीमाधारकों के लिए डीमैट की अनिवार्यता रहेगी
एलआईसी ने अपन आईपीओ दस्तावेज में साफ कहा है कि जो भी निवेशक एलआईसी के आईपीओ में बीमा कोटे के तहत आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास डीमैट खाता होना जरूरी है। सेबी नियमों के अनुसार, किसी भी कंपनी की तरफ से फिजिकलक रूप में शेयर जारी नहीं किए जा सकते हैं। ऐसे में बिना डीमैट के किसी भी रूप में लोग एलआईसी के आईपीओ में आवेदन नहीं कर पाएंगे।
ज्वाइंट पॉलिसीहोल्डर के लिए क्या होगा नियम
अगर किसी व्यक्ति ने ज्वाइंट नाम से बीमा पॉलिसी ली है, तो वह लोग भी एलआईसी के आईपीओ में निवेश के लिए पात्र होंगे। लेकिन ऐसी स्थिति में केवल एक ही व्यक्ति कोटे के तहत आवेदन कर सकेगा। ऐसी स्थिति में बीमा पॉलिसी में दोनों का पैन अपडेट होना चाहिए।


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