एक तरफ कोरोना महामारी के कारण लोग घर से बाहर नहीं जा सकते। दूसरी तरफ मानसून का मौसम है और लगातार बारिश से कई बार सड़कों पर पानी भर जाता है।
नई दिल्ली: एक तरफ कोरोना महामारी के कारण लोग घर से बाहर नहीं जा सकते। दूसरी तरफ मानसून का मौसम है और लगातार बारिश से कई बार सड़कों पर पानी भर जाता है। जिसके चलते लोगों के साथ-साथ उनकी कारें और टू-व्हीलर भी घरों तक सीमित हो गई हैं। फिलहाल तो ऐसी स्थिति है कि अगर कार या टू-व्हीलर लंबे समय तक एक जगह खड़ी रहती है तो इन्हें कुछ समय बाद चालू करने पर काफी परेशानियां आ सकती हैं।

बारिश के इस मौसम में कार को ज्यादा केयर की जरूरत होती है। बारिश के मौसम में कार की समय-समय पर सर्विस करवाते रहना चाहिए। इस मौसम के कारण ड्राइविंग के दौरान मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले ही परेशानी से बचने के इंतजाम कर लेना चाहिए। अगर आप चाहते हैं कि बारिश के मौसम में आपकी कार कोई दिक्कत न करे तो आपको कई बातों का ख्याल रखना होगा।
कार को पानी से धीमी गति से निकालें
कई बार बारिश में ऐसी जगह से कार निकालना होता है, जहां पानी टायर के ऊपर तक बहता है। एक्सपर्ट के अनुसार ऐसी जगह से कार निकालने से बचना चाहिए। लेकिन यदि दूसरा विकल्प ना हो तो फिर कार को धीमी गति से निकालें। तेज ड्राइव करने पर जो पानी उड़ता है, वह कार के इंजन और अन्य इलेक्ट्रिकल पार्ट्स में जाकर उन्हें डेमेज कर सकता है। वहीं यदि किसी कारणवश कार बीच पानी में ही बंद हो जाए तो उसे ज्यादा स्टार्ट करने की कोशिश ना करें। गाड़ी को धक्का लगाकर बाहर सुरक्षित जगह खड़ी करें और वर्कशॉप से मदद लें।
कार की बैटरी पर जरुर ध्यान दें
इस मौसम में देख लें कि क्या आपकी बैटरी ठीक से काम कर रही है या नहीं। अगर नहीं तो फौरन कार की बैटरी बदलवा लें। बारिश के मौसम में ये बहुत जरूरी है। कार में बैटरी से लेकर ऑइल तक के लिए डैशबोर्ड में इंडिकेटिंग लाइट्स होती हैं। किसी सिस्टम के ठीक तरीके से काम ना करने पर यह जल जाती है। इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यदि ऑइल प्रेशर ठीक ना होने पर ऑइल की लाइट जले तो कार को चलाना नहीं चाहिए, बल्कि दूसरे वाहन की मदद से उसे वर्कशॉप तक पहुंचाएं। बैटरी या दूसरा कोई इंडिकेशन मिलने पर भी यही करें। वहीं कई बार बारिश में गड्ढे भी दिखाई नहीं देते और कार चढ़ जाती है। ऐसे में रुककर थोड़ी देर देखें, कहीं ऑइल लीक तो नहीं हो रहा है। इसके साथ में ऑइल की लाइट भी चैक करें। यदि लीकेज हो तो गाड़ी को बिना चलाए वर्कशॉप से मदद लें।
इन बातों का रखें विशेष ख्याल
- बारिश के मौसम में वाइपर की बहुत जरूरत होती है। इस मौसम में कार निकालने के पहले वाइपर की ब्लेड चैक कर लें। कार की पार्किंग लाइट, हेड लाइट, इंडीकेटर चालू हालत में रखें।
- स्टेपनी को दुरूस्त रखें। बारिश में कार पंचर होने पर मदद मिलने में मुश्किल होती है।
- कीचड़ को कार में लगा ना रहने दें। इसके मॉश्चर से कार के इलेक्ट्रिक पार्ट्स को नुकसान हो सकता है। कार पर एंटी रस्ट कोटिंग भी करा सकते हैं।
- आप अपने मोबाइल में वर्कशॉप का नंबर जरूर रखें। सभी कंपनियां ऑन साइट असिस्टेंस की सुविधा उपलब्ध कराती हैं।
- वहीं बारिश में जब भी पानी में गाड़ी रोकें तो हल्का एक्सीलेटर लिए रहें। इससे साइलेंसर में पानी या मॉश्चर नहीं जाएगा।
- गीले पैर कार ड्राइव ना करें। पैडल से पैर स्लिप हो सकता है।


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