अगर आपका भी नेशनल पेंशन सिस्टम किसी भी कारण से इन एक्टिवेट हो गया है तो अब आप उसको आसानी से दोबारा एक्टिवेट करा सकते हैं। एनपीएस अकाउंट में ऑनलाइन लॉग-इन करने में दिक्कत हो रही है।
नई दिल्ली: अगर आपका भी नेशनल पेंशन सिस्टम किसी भी कारण से इन एक्टिवेट हो गया है तो अब आप उसको आसानी से दोबारा एक्टिवेट करा सकते हैं। एनपीएस अकाउंट में ऑनलाइन लॉग-इन करने में दिक्कत हो रही है। तो ऐसे में मुमकिन है कि यह फ्रीज हो गया हो। एनपीएस सरकारी व प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए सरकार और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) की निवेश स्कीम है।

इसमें नौकरी काल के दौरान निवेश करने पर व्यक्ति को 60 साल की उम्र पर पहुंचने पर एकमुश्त रिटायरमेंट फंड और बाद में एन्युटी बेनिफिट उपलब्ध होता है। एनपीएस में जमा पर टैक्स छूट भी मिलती है। एनपीएस से जुड़े हर तरह के फायदे लेने के लिए इसका चालू रहना जरूरी है यानी अकाउंट फ्रीज नहीं होना चाहिए। दरअसल एनपीएस अकाउंट में एक वित्त वर्ष में मिनिमम अमाउंट जमा करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो अकाउंट फ्रीज हो जाता है।
जानिए कितना है मिनिमम अमाउंट
एनपीएस के तहत दो तरह के अकाउंट खुलते हैं टियर-1 और टियर-2 है। टियर-1 एक रिटायरमेंट अकाउंट होता है, वहीं टियर-2 एक वॉलंटरी अकाउंट है, जिसमें कोई भी वेतनभोगी अपनी तरफ से निवेश शुरू कर सकता है। बता दें कि टियर-1 अकाउंट खुलने के बाद ही टियर-2 खाता खुलता है। टियर-1 अकाउंट में हर वित्त वर्ष मिनिमम 1000 रुपये का योगदान किया जाना जरूरी है। वहीं टियर-2 अकाउंट के लिए कोई मिनिमम योगदान अनिवार्य नहीं है। अगर टियर-1 अकाउंट में सालाना मिनिमम योगदान नहीं किया गया और परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (पीआरएएन) फ्रीज हो गया तो टियर-2 अकाउंट भी अपने आप फ्रीज हो जाएगा।
कैसे कराएं एनपीएस अकाउंट अनफ्रीज
एनपीएस अकाउंट को अनफ्रीज कराने के लिए सब्सक्राइबर को Form UOS-S10 फिजिकली भरकर संबंधित पीओपी-एसपी को जमा करना होगा। फॉर्म के साथ पीआरएएन कार्ड की एक कॉपी भी उपलब्ध करानी होगी। वहीं नियमित एनपीएस अकाउंट को अनफ्रीज कराने के लिए सब्सक्राइबर को चालू वित्त वर्ष के लिए 500 रुपये के योगदान के साथ फ्रीज के हर एक साल के लिए 100 रुपये की पेनल्टी देनी होगी। वहीं स्वावलंबन खातों के मामले में चालू वित्त वर्ष के लिए 500 रुपये के योगदान के साथ फ्रीज के हर साल के लिए 25 रुपये की पेनल्टी देनी होगी। 100 रुपये की पेनल्टी टियर-1 या टियर-2 या दोनों अकाउंट्स को अनफ्रीज करने के लिए लागू है। पीओपी यानी प्वॉइंट ऑफ प्रेजेन्स एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक आदि जैसी एंटिटीज हैं, जो कस्टमर इंटरफेस के रूप में कार्य करने के लिए पीएफआरडीए के साथ रजिस्टर्ड हैं। पीओपीएस अपने जिन ब्रांच नेटवर्क से काम करते हैं उन्हें पीओपी सर्विस प्रोवाइडर्स कहते हैं।
फॉर्म लेने के लिए यहां करें क्लिक
एनपीएस अकाउंट अनफ्रीज करने के लिए फॉर्म को अकाउंट की मौजूदगी वाले बैंक से प्राप्त किया जा सकता है या https://npscra.nsdl.co.in/download/non-government-sector/all-citizens-of-india/forms/UoS-S10A-Unfreezing%20of%20PRAN.pdf से डाउनलोड किया जा सकता है। एनपीएस अकाउंट अनफ्रीज करने के लिए एप्लीकेशन, कॉन्ट्रीब्यूशन व पेनल्टी प्राप्त होने के बाद डिटेल्स को सिस्टम में रिकॉर्ड कर दिया जाता है। सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (सीआरए) में योगदान की सूचना अपलोड होने के बाद और वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद एनपीएस अकाउंट को फिर से एक्टिवेट कर दिया जाता है और सब्सक्राइबर को ईमेल से सूचना भेज दी जाती है।
इन बातों का भी ध्यान रखें
जानकारी के लिए बता दें कि अकाउंट अनफ्रीज कराने के लिए एप्लीकेशन जमा करने के बाद संबंधित पीओपी-एसपी से साइन की हुई या स्टांप लगी एकनॉलेजमेंट स्लिप संभालकर रखें। कॉन्ट्रिब्यूशन ट्रांजेक्शन के लिए पीएफआरडीए द्वारा तय पीओपी चार्ज लागू होंगे। टियर 2 अकाउंट की अनफ्रीजिंग के लिए रिक्वेस्ट तभी सबमिट की जा सकेगी, जब टियर 1 अकाउंट एक्टिव हो। कॉन्ट्रिब्यूशन ट्रांजेक्शन के लिए पीएफआरडीए द्वारा निर्धारित सीआरए सर्विस चार्ज लागू होंगे।
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