नयी दिल्ली। म्यूचुअल फंड मैनेजर और सलाहकार इस समय सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मगर कई निवेशक, खासकर नए निवेशक, इन दिनों अधिक जोखिम ले सकते हैं। कई निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता अधिक हो सकती है। यानी वे म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय अधिक जोखिम ले सकते हैं। इस समय निवेशक म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए भी निवेश के लिए तैयार हैं। मगर इस वक्त बाजार की स्थिति को देखते हुए जरूरी चीज है कि सही म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश किया जाए। पर इसके साथ ही कुछ और भी फैक्टर हैं जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए ताकि आपको नुकसान न हो। कोराना संकट जैसी किसी भी परिस्थिति के समय संयम और सावधानी बरतना और भी जरूरी हो जाता है। आइये जानते हैं म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले ध्यान दी जाने वाली बातें।
जरूरत पर रखें नजर
उदाहरण के लिए आपके पास 50,000 रुपये हैं। इस समय इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसे का निवेश करना एक अच्छा विचार है, खासकर तब जब बाजार पिछले एक महीने में लगभग 30 फीसदी गिर गया है। मगर निवेश से पहले रुकें और अपनी स्थिति पर बारीक नज़र डालें। क्या आप श्योर हैं कि आपको अगले 7 से 10 वर्षों में पैसों की आवश्यकता नहीं होगी? एक ऐसे समय जब नौकरी छूट जाए या स्वास्थ्य की समस्या हो तो क्या आपको पैसे की जरूरत नहीं होगी। अगर नहीं तो आगे बढ़ कर निवेश करें।
क्या आप बीमा से कवर हैं
आप अपने और परिवार के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवर लेकर स्वास्थ्य संबंधी कुछ अप्रत्याशित स्थितियों से बच सकते हैं। इसलिए चेक करें कि क्या आप और आपके परिवार के सदस्यों के पास हेल्थ इमरजेंसी के लिए अस्पताल में भर्ती खर्चों की देखभाल करने के लिए एक बड़ा कवर है। और याद रखिए कि 1-3 लाख रु के कवर पर निर्भर न रहें। अधिकांश जानकार कम से कम 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर के लिए कहते हैं। बल्कि ये सलाह 25 लाख रुपये तक की है। इसलिए बीमा पहले ले लें।
क्या आपके पास है कोई इमरजेंसी फंड
याद रखिए कि आपको कम से कम तीन से छह महीने का आपातकालीन फंड रखना है, जिसके लिए अधिकांश वित्तीय सलाहकार सलाह देते हैं। हालांकि, यह मौजूदा स्थिति में कम होगा। आपके पास मौजूदा अनिश्चित स्थिति से निपटने के लिए कम से कम छह महीने से लेकर एक साल तक अपने रहने के खर्च का ख्याल रखने के लिए एक इमरजेंसी फंड होना चाहिए। वित्तीय योजनाकारों का कहना है कि यह बुजुर्ग माता-पिता या छोटे बच्चों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो आर्थिक रूप से उन पर निर्भर हैं।
शेयर बाजार में फौरन वापसी की उम्मीद न करें
बाजार पहले से भी अधिक तेजी से गिरा है। मगर निवेशकों को उम्मीद है कि हर बार की तरह ये फिर से मजबूत स्थिति में आ जाएगा। वैसे तो निश्चित रूप से, भारतीय बाजारों में भारी गिरावट देखी गई है और यह तेजी से ठीक भी हुआ है, लेकिन इस पर हमेशा भरोसा न करें। हर स्थिति अलग होती है और इतिहास को हर समय खुद को दोहराए ऐसा जरूरी नहीं। याद रखें कि अपवाद भी होते हैं। निश्चित रूप से अगर बाजार कुछ ही समय में वापसी करे तो अच्छा, मगर यदि ऐसा न हुआ तो। इसलिए सावधान।
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