नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की तारीख 30 नवंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। कोरोना संकट के मद्देनजर आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने के साथ ही 2019-20 के लिए नए आईटीआर फॉर्म भी जारी किए गए हैं। किसी भी करदाता को अपने लिए उचित आईटीआर फॉर्म का भी पता होना चाहिए, जो उसकी स्टेटस, कमाई गई इनकम की प्रकृति और लिमिट पर निर्भर करता है। फिर चाहे करदाता किसी कंपनी में निदेशक हो या शेयरधारक। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आईटीआर फाइलिंग प्रोसेस शुरू करने के लिए हाल ही में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने नए रिटर्न फॉर्म अधिसूचित किए। अलग-अलग कैटेगरी के करदाताओं के लिए सात फॉर्म निर्धारित किए गए हैं। यहां हम आपको विभिन्न आईटीआर फॉर्म की जानकारी देंगे, जिनमें से आपके अपने लिए उचित फॉर्म चुनना होगा।
आईटीआर-1 (सहज)
आईटीआर-1 (सहज) सबसे सरल फॉर्म है, जिसे वो निवासी व्यक्ति दाखिल कर सकता है जिसकी कुल इनकम 50 लाख रुपये से अधिक नहीं है। इसमें सैलेरी से इनकम कमाने, एक घर, अन्य स्रोत से इनकम (ब्याज, आदि) और 5,000 रुपये तक की कृषि आय भी शामिल है। कारोबार, प्रोफेशन, पूंजीगत लाभ या एक से अधिक घर की संपत्ति से आय वाले करदाता आईटीआर -1 का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
आईटीआर-4 (सुगम)
एक और सरल फॉर्म आईटीआर-4 (सुगम) निवासी व्यक्तियों, एचयूएफ (हिंदू यूनाइटेड फैमिली) और फर्मों (एलएलपी के अलावा) के लिए लागू होता है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक होती है और वे ऐसे छोटे कारोबार या प्रोफेशन से कमाते हों जो आयकर अधिनियम, 1961 के 44AD, 44ADA, 44AE के प्रकल्पित आय प्रावधानों के तहत कर योग्य है। पूंजीगत लाभ से इनकम हासिल करने वाले करदाता कर आईटीआर-4 नहीं चुन सकते हैं। आईटीआर-1 (सहज) और आईटीआर-4 (सुगम) इन दोनों ही फॉर्म्स में ज्यादा जानकारी देने की जरूरत नहीं होती। मगर ये फॉर्म किसी ऐसे व्यक्ति के लिए लागू नहीं होते जो किसी कंपनी में निदेशक हो या उसने नॉन-लिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश किया हो। एक बात और ध्यान रखें कि आईटीआर-2 उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए लागू होगा जिनके पास व्यावसायिक इनकम नहीं है, लेकिन वे आईटीआर-1 (सहज) के पात्र नहीं हैं, जबकि आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए लागू होगा, जिनके पास व्यवसाय इनकम तो है, लेकिन वे आईटीआर-4 (सुगम) के पात्र नहीं हैं।
आईटीआर-5 और दूसरे फॉर्म
वे व्यक्ति और एचयूएफ जिनके लिए आईटीआर-1 या आईटीआर-4 हो, वे कंपनियां जिनके लिए आईटीआर-6 हो और वे चेरिटेबल ट्रस्ट/संस्थान जिनके लिए आईटीआर-7 हो इन सभी को छोड़ कर आईटीआर-5 हर कैटेगरी के करदाताओं द्वारा दाखिल किया जाना आवश्यक है। इस प्रकार, आईटीआर-5 पार्टनरशिप फर्मों (जिनके लिए आईटीआर-4 लागू हो उन्हें छोड़ कर), एलएलपी, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स, बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स आदि के लिए लागू होता है, जिनके लिए कोई अन्य फॉर्म लागू नहीं होता है।
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