नौकरीपेशा हैं तो ITR भरते समय न करें ये गलती, जानें इनकम टैक्स फाइलिंग के लिए कौन सा फॉर्म है सही?

ITR Filing: अगर आप जॉब करते हैं तो आपको बता दें कि इनकम टैक्स फाइलिंग का प्रोसेस शुरु हो चुका है। रिटर्न फाइलिंग के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पहले ही पोर्टल पर आईटीआर फाइलिंग फार्म को पहले ही इनेबल कर दिया था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आईटीआर भरने की पहली तारीख 31 जुलाई है।

आईटीआर फॉर्म भरते समय अक्सर लोगों को ये कन्फूजन होती है कि कौन सा फॉर्म उनके लिए सही रहेगा। ऐसे में आपको बता दें कि भारत में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए सात फॉर्म मौजूद हैं।

ITR Filing Forms for Salaried Taxpayers

इनकम टैक्स रिटर्न एक डॉक्यूमेंटस है जो किसी व्यक्ति या संस्था की आय और उस पर लगने वाले टैक्स की जानकारी देता है।

यह पूरे साल की आर्थिक गतिविधियों का भी रिकार्ड रखने में मदद करता है। आटीआर फॉर्म टैक्स भरने के प्रोसेस को आसान बनाते हैं। इन फॉर्मों में आय, कटौती और टैक्स छूट आदि की जानकारी भरनी होती है।

आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन सा आईटीआर फॉर्म आपको भरना है। यह तय करने के लिए आपकी आय के सोर्स, निवास स्थान, वित्तीय लेनदेन जैसे फैक्टर को ध्यान में रखना होगा।

ITR-1 (सहज)- यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तिओं के लिए है जिनकी आय वेतन, एक मकान संपत्ति, अन्य सोर्स( ब्याज आदि) से होती है और कुल आय 50 लाख रुपये तक या कृषि आय 5000 रुपये तक है।

ITR-2 यह उन व्यक्तियों और हिन्दू अनडिवाइडेड फैमली (एचयूएफ) के लिए है जिनकी आय व्यापार या पेशे से होने वाले मुनाफे और लाभ से नहीं होती है।

ITR- 3 यह उन व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए है जिनकी आय बिजनेस या पेशे से होने वाले मुनाफे और लाभ से होती है।

ITR-4 -यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो एचयूएफ और फर्मों के लिए निवासी हैं, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। साथ ही जिन्हें बिजनेस और पेशे से अनुमानित आय होती है।

ITR-5 यह व्यक्तियों, एचयूएफ कंपनियों और ITR- 7 फॉर्म भरने वाले व्यक्तियों को छोड़कर अन्य के लिए है।

ITR-6 यह उन कंपनियों के लिए है जो धारा 11 के तहत छूट का दावा नहीं करती हैं।

ITR- 7 यह उन लोगों और कंपनियों सहित के लिए हैं जिन्हें धारा 139(4A) या 139(4B) या 139(4C) या 139 (4D) या 139(4E) या 139(4F) के तहत रिटर्न भरना आवश्यक है।

आईटीआर फॉर्म फाइल करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

आईटीआर फाइल करते समय आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जानकारी जैसे आपको नाम, पता, पैन और बैंक अकाउंट की सारी डिटेल्स फॉर्म में सही ढंग से भरी हों।

आईटीआर फॉर्म चुनते समय भी आपको सावधानी पूर्वक चयन करना होगा क्योंकि इसमें आपकी आय सोर्सेज और आय के प्रकार के आदार पर सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करें। गलत फॉर्म भरने से जुर्माना लग सकता है।

इसके अलावा आपको आईटीआर फाइलिंग की आखिरी डेट का भी ध्यान रखना होगा। अगर आपने डेडलाइन 31 जुलाई को खत्म होने से पहले अपना आईटीआर फाइल नहीं किया तो आयकर विभाग पेनाल्टी लगा देगा। नियमों के अनुसार छोटे करदाताओं यानी 3 लाख तक आय वालों के लिए लेट फाइलिंग फीस 1,000 रुपये है।

वहीं, जिनकी आय 5 लाख रुपये से अधिक उन्हें 5,000 रुपये देने पड़ सकते हैं। साल 2021 के पहले तक लेट पेनाल्टी के रूप में 10,000 रुपये देने होते थे, लेकिन नए नियमों के तहत इसे घटाया गया है।

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