CBDT ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अपडेटेड ITR-4 फॉर्म जारी कर दिया है। अब छोटे टैक्सपेयर्स को साल भर के दौरान किए गए खास निवेशों का ब्योरा देना होगा। सरकार का मकसद इसके जरिए आपके फाइनेंशियल फुटप्रिंट्स को ज्यादा सटीक तरीके से ट्रैक करना है। प्रिजम्प्टिव टैक्स भरने वाले लोग आखिरी समय की गलतियों से बचने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दें। आज के समय में सुचारू टैक्स कंप्लायंस के लिए इन नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
ITR-4, जिसे 'सुगम' के नाम से भी जाना जाता है, उन लोगों के लिए है जिनकी इनकम प्रिजम्प्टिव (अनुमानित) होती है। इसमें सेक्शन 44AD के तहत आने वाले बिजनेस मालिक और 44ADA के तहत आने वाले प्रोफेशनल्स शामिल हैं। यह कुल टर्नओवर के एक फिक्स्ड पर्सेंटेज के आधार पर टैक्स कैलकुलेशन को काफी आसान बना देता है। ध्यान रहे, अगर आपकी कुल आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आप सुगम फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

नए ITR-4 फॉर्म में ये जानकारियां देना है जरूरी
इस बार सबसे बड़ा बदलाव अनिवार्य निवेश खुलासे (mandatory investment disclosures) के लिए दिए गए खास कॉलम को लेकर है। टैक्सपेयर्स को अब फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और हाई-वैल्यू इंश्योरेंस प्रीमियम जैसे एसेट्स की जानकारी देनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपकी घोषित आय और आपके खर्च या बचत का तरीका आपस में मेल खाते हैं। इन डिटेल्स को छिपाने पर आपको इनकम टैक्स का नोटिस मिल सकता है या जांच का सामना करना पड़ सकता है। समय रहते जानकारी देना आपके फाइनेंशियल रिकॉर्ड को क्लीन रखता है।
ऑफिशियल पोर्टल पर रिटर्न फाइल करना अब पहले से कहीं ज्यादा तेज हो गया है। बस लॉग-इन करें और ई-फाइल सेक्शन में जाकर ITR-4 चुनें। अपने प्री-फिल्ड डेटा को बैंक रिकॉर्ड और रसीदों से जरूर मिला लें। फाइलिंग शुरू करने से पहले बैंक स्टेटमेंट और आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपने पास तैयार रखें। इन स्टेप्स को फॉलो कर आप डिजिटल सबमिशन की प्रक्रिया को काफी आसान बना सकते हैं।
ITR-4 ऑनलाइन भरते समय इन गलतियों से बचें
अक्सर टैक्सपेयर्स तय समय सीमा के भीतर अपने रिटर्न को ई-वेरिफाई करना भूल जाते हैं। यह एक छोटी सी चूक टैक्स कानूनों के तहत आपके पूरे रिटर्न को इनवैलिड (अमान्य) बना सकती है। इसके अलावा, प्रोफेशनल इनकम के लिए गलत सेक्शन चुनना भी एक आम गलती है। नीचे दी गई टेबल की मदद से आप अपने लिए सही प्रिजम्प्टिव टैक्स सेक्शन चुन सकते हैं।
| सेक्शन कोड | टैक्सपेयर कैटेगरी |
|---|---|
| Section 44AD | छोटे बिजनेस मालिक |
| Section 44ADA | डिजिटल और लोकल प्रोफेशनल्स |
| Section 44AE | गुड्स कैरिज ट्रांसपोर्टर्स |
CBDT के लेटेस्ट अपडेट्स के साथ अपडेट रहना आपको कानूनी अड़चनों से बचाता है। पूरी सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अपने निवेश के आंकड़ों को दोबारा जरूर चेक करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद, आधार ओटीपी (Aadhaar OTP) के जरिए ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। यह सक्रिय तरीका आपके फाइनेंशियल रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने में मदद करेगा।
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