नयी दिल्ली। बच्चे के लिए जल्दी निवेश शुरू करना उसके भविष्य को सुरक्षित करने का एक शानदार तरीका है। कई माता-पिता अपने बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए पैसा तैयार रखने के लिए फंड बनाते हैं तो कुछ उसकी शादी के लिए। वैसे तो नियमित निवेश (पोस्ट ऑफिस स्कीम, म्यूचुअल फंड एसआईपी आदि) एक अच्छा तरीका है, मगर आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) तेजी से पैसा बनाने का दमदार ऑप्शन है। हाल ही में कुछ कंपनियों के आईपीओ इश्यू ने निवेशकों के पैसे सीधे दोगुने किए हैं। इक्विटी संबंधित निवेश लंबे समय तक किए जाने पर सबसे बेहतर रहता हैं, इसलिए अगर बच्चे के लिए आईपीओ में आवंटित हुए शेयरों में तब तक निवेश रखा जाए जब तक कि वह 18 वर्ष का नहीं हो जाता तो यकीनन बच्चा व्यस्क होने पर एक अमीर व्यक्ति बन चुका होगा। आइए जानते हैं कैसे करें बच्चे के लिए आईपीओ में निवेश।
आईपीओ में पैसा लगाने के लिए जरूरी चीजें
नाबालिग बच्चा आईपीओ में आवेदन कर सकता है, मगर कुछ शर्तें पूरी करनी होंगे। किसी इश्यू में शेयरों के लिए बोली लगाने के लिए आवेदक के पास डीमैट खाता होना आवश्यक है क्योंकि आवंटित किए गए शेयरों को इसी में रखा जाएगा और डीमैट खाता खोलने के लिए पैन और बैंक खाते की जरूरत पड़ेगी। हालांकि बच्चे के पास अपनी इनकम का जरिया नहीं होता, इसलिए उसे पैन जारी नहीं किया जाएगा। नाबालिग के लिए माता-पिता / अभिभावक के पैन और बैंक खाते का उपयोग करके डीमैट खाता खोल सकते हैं। दूसरी बात बच्चे के अलग बैंक खाते की आवश्यकता नहीं होगी।
बच्चे का डीमैट खाता
कई स्टॉकब्रोकर बच्चों के लिए भी डीमैट खाते की सुविधा देते हैं, लेकिन ट्रेडिंग खाते की नहीं। नाबालिग माता-पिता / अभिभावक के बैंक खाते का उपयोग इसे ट्रेडिंग खाते (अभिभावक के नाम पर) से जोड़ने के लिए कर सकते हैं। हालांकि कुछ ब्रोकर नाबालिग के नाम पर डीमैट और ट्रेडिंग दोनों खाते खोलने की सुविधा देते हैं। नाबालिग के ट्रेडिंग खाते से केवल शेयरों की डिलीवरी खरीदी या बेची जा सकती है। इसके अलावा बच्चे का डीमैट खाता जॉइंट नहीं हो सकता है। यानी सिर्फ उसी के नाम पर ये अकाउंट खोला जा सकता है। जिस आईपीओ में आप पैसा लगाना चाहते हैं उससे काफी पहले ही डीमैट खाता खुलवा लें। इसके लिए दो केवाईसी आवेदन फॉर्म भरने होते हैं। एक अभिभावक / माता-पिता के लिए और दूसरा नाबालिग के लिए (अभिभावक / माता-पिता द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए)।
आईपीओ के लिए आवेदन
बच्चा अपने माता-पिता / अभिभावक के बैंक खाते का उपयोग इसे ट्रेडिंग खाते से लिंक करने के लिए कर सकता है। आईपीओ के लिए बोली लगाने के लिए नाबालिग का प्राथमिक तरीका ऐसे बैंक का चयन करना है जो 'थर्ड पार्टी ASBA एप्लीकेशन' सुविधा देता है। यदि इस तरीके आवेदन करें तो ध्यान दें कि बैंक नाबालिगों को शुद्ध बैंकिंग सुविधा प्रदान नहीं करता। अभिभावक / माता-पिता अभिभावक की ग्राहक आईडी का उपयोग करके नाबालिग के बैंक खाते तक एक्सेस हासिल कर सकते हैं। एसबीआई जैसे सरकारी बैंक के मामले में, जो प्रति बैंक खाता अधिकतम 5 आईपीओ आवेदन की सुविधा देता है, एक आईपीओ के लिए आवेदन नाबालिग के नाम पर किया जा सकता है।
प्राइवेट बैंकों का नियम
प्राइवेट बैंक जैसे आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक या कोटक महिंद्रा बैंक नेट बैंकिंग के माध्यम से बच्चे के आईपीओ में आवेदन के मामले में अभिभावक के पैन नंबर को प्री-सिलेक्ट करते हैं। बैंक खाते (एकल, संयुक्त नहीं) के साथ 15 वर्ष से अधिक आयु का नाबालिग आईपीओ आवेदन के लिए भुगतान विकल्प के रूप में यूपीआई का उपयोग कर सकता है। 15 वर्ष से कम आयु के नाबालिग या संयुक्त खाता धारक नाबालिग यूपीआई के जरिए पेमेंट नहीं कर सकते। अगर बच्चा अपनी अलग इनकम हासिल करता है तो ऐसी इनकम को स्वतंत्र आय माना जाता है और उसे पैन जारी किया जाएगा।
टैक्स के लिए क्या हैं नियम
ध्यान रहे कि नाबालिग के लिए कोई विशेष टैक्स कटौती उपलब्ध नहीं है। शॉर्ट टर्म या लॉन्ग-टर्म गैन टैक्स वैसे ही लगाए जाएंगे जैसे किसी व्यस्क के लिए लगाए जाते हैं। 18 वर्ष का होने पर बच्चा माता-पिता / अभिभावक की डिटेल की जगह अपनी डिटेल देकर उसे व्यस्क अकाउंट में बदलवा सकता है। या एक नया खाता खोलने के लिए डीमैट खाते को बंद करा सकता है।


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