इस सोमवार से प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त एक्शन दिखने वाला है। कई कंपनियों के IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहे हैं, इसलिए निवेशक अभी से अपने UPI ऐप्स तैयार कर लें। आखिरी समय की भागदौड़ और देरी से बचने के लिए तुरंत अपनी बैंक लिमिट चेक करें। सुरक्षित निवेश के लिए ASBA (Application Supported by Blocked Amount) प्रोसेस का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर रहता है। इससे अलॉटमेंट होने तक पैसा आपके खाते में ही रहता है और कहीं फंसता नहीं। साथ ही, टेक्निकल रिजेक्शन से बचने के लिए अपने डीमैट अकाउंट की डिटेल्स एक बार जरूर वेरिफाई कर लें।
आजकल ज्यादातर रिटेल निवेशक मोबाइल से UPI के जरिए अप्लाई करना पसंद करते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि UPI मैंडेट की समय सीमा जल्दी खत्म हो जाती है। अगर आपके बैंक की डेली ट्रांजैक्शन लिमिट कम है, तो आपकी एप्लीकेशन फेल हो सकती है। अपने खाते में हमेशा थोड़ा एक्स्ट्रा बैलेंस (बफर) रखें ताकि ब्लॉकिंग प्रोसेस में कोई दिक्कत न आए। किसी भी तकनीकी खराबी से बचने के लिए आखिरी तारीख का इंतज़ार न करें और जल्दी अप्लाई करें। जैसे ही मैंडेट रिक्वेस्ट आए, उसे तुरंत अप्रूव कर दें।

UPI एप्लीकेशन और अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें ट्रैक
नए T+3 लिस्टिंग नियम ने निवेशकों का इंतज़ार काफी कम कर दिया है। अब सिर्फ तीन दिनों के भीतर आपको रिफंड या अलॉटमेंट का स्टेटस पता चल जाता है। आप रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जाकर आसानी से इसे ट्रैक कर सकते हैं। इसके लिए बस आपको अपना पैन (PAN) कार्ड नंबर या एप्लीकेशन नंबर चाहिए होगा। शेयर आमतौर पर अगले वर्किंग डे तक आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाते हैं। इस तेज प्रोसेस से आपको अपनी अगली रणनीति बनाने में मदद मिलती है। अगर अलॉटमेंट नहीं मिलता है, तो रिफंड अपने आप प्रोसेस हो जाता है।
SME IPO का जोखिम और लिस्टिंग गेन पर टैक्स
SME (स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज) IPO में अक्सर भारी मुनाफे की उम्मीद रहती है, लेकिन इनके बड़े लॉट साइज की वजह से रिस्क भी बहुत ज्यादा होता है। इन शेयरों में लिक्विडिटी कम होती है, यानी लिस्टिंग के बाद इन्हें बेचना मुश्किल हो सकता है। याद रखें कि लिस्टिंग पर होने वाला मुनाफा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) के दायरे में आता है, जिस पर भारत में फिलहाल 20 फीसदी टैक्स लगता है। निवेश से पहले टैक्स और ब्रोकरेज काटकर नेट प्रॉफिट का हिसाब जरूर लगाएं, तभी आप सही मायने में अपनी असली कमाई समझ पाएंगे।
| निवेश का प्रकार | 5 साल का रिटर्न | 10 साल का रिटर्न | 15 साल का रिटर्न |
|---|---|---|---|
| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | 6.5% - 7.0% | 7.0% - 7.5% | 7.5% |
| इक्विटी/IPO ट्रेंड्स | 12% - 14% | 13% - 15% | 15% + |
शेयर बाजार में कामयाबी के लिए अनुशासन और रिसर्च बहुत जरूरी है। IPO की संभावनाओं की तुलना पारंपरिक बचत स्कीमों से करने पर आपको पोर्टफोलियो बैलेंस करने में मदद मिलती है। पैसा लगाने से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जरूर पढ़ें। इस डॉक्यूमेंट में कंपनी की सेहत और उससे जुड़े जोखिमों की पूरी जानकारी होती है। आज समझदारी से किया गया निवेश ही आपके भविष्य को सुरक्षित बनाएगा। बाजार की हलचल के बीच अपडेट रहें और पूरे भरोसे के साथ निवेश करें। मार्केट के उतार-चढ़ाव को मैनेज करने के लिए लगातार सीखते रहना ही सफलता की कुंजी है।


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