नयी दिल्ली। आपने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी का नाम जरूर सुना होगा। एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है। बल्कि एसआईपी को म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे बेहतर ऑप्शन माना जाता है। मगर बहुत कम निवेशकों को पता होगा कि एसआईपी के जरिए शेयरों में भी निवेश किया जा सकता है। निवेश के जरिए तगड़ा रिटर्न हासिल करने के लिहाज से शेयर बाजार सबसे बढ़िया ऑप्शन है। हालांकि शेयर बाजार में जोखिम भी अधिक रहता है। इस मामले में एसआईपी काफी फायदेमंद और सहूलियत भरा ऑप्शन हो सकता है। आइए जानते हैं कि कैसे शेयरों में एसआईपी के जरिए निवेश किया जा सकता है।
ऐसे करें शुरुआत
सबसे पहले तो शेयर बाजार में निवेश शुरू करने के लिए आपको डीमैट खाते की जरूरत होगी। डीमैट खाता खुलवाने के लिए आपको ब्रोकिंग फर्म से संपर्क करना होगा। शेयरों में एसआईपी की फैसिलिटी आपको शेयर ब्रोकर मुहैया कराएंगे। ये ब्रोकर ही आपका डीमैट खाता खुलवा सकते हैं। डीमैट खाते के बाद आप मोबाइल ऐप की मदद से शेयरों में निवेश कर सकते हैं। मगर ध्यान रहे कि आपका डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट आपके बैंक खाते से लिंक होने चाहिए।
फिक्स कर दें तारीख
शेयरों में एसआईपी के जरिए निवेश के लिए आप महीने की एक तारीख फिक्स कर सकते हैं। साथ ही मासिक आधार पर कितना निवेश करना चाहते हैं ये भी तय करना होगा। एक और अहम चीज होती है ट्रिगर डेट। ट्रिगर डेट पर आप जिन शेयरों में पैसा लगाना चाहते हैं उनके लिए एक अलग से ऑर्डर देना होगा। ये ऑर्डर आपको ब्रोकर के ऑर्डर मैचिंग सिस्टम के जरिए पूरा होगा।
चुन सकते हैं निवेश का समय
जरूरी नहीं कि आप मासिक एसआईपी ही करें। आपके पास दैनिक, साप्ताहिक और पाक्षिक एसआईपी का भी विकल्प होता है। आप ब्रोकर को पहले ये बता सकते हैं कि किस शेयर में निवेश नहीं करना है। बता दें कि म्यूचुअल फंड एसआईपी के जरिये किए गए निवेश को जो व्यक्ति संभालता है (यानी अन्य जगहों पर निवेश करता है) उसे फंड मैनेजर कहा जाता है। मगर शेयरों में एसआईपी के जरिए किए गए निवेश को या तो आप खुद संभालेंगे या फिर ये काम आपका ब्रोकर करेगा।
बन सकते हैं करोड़पति
एसआईपी का फायदा ये है कि आप इससे लंबे समय में करोड़पति बन सकते हैं। म्यूचुअल फंड में हर महीने लगातार 9000-10000 रु की एसआईपी से आप कुछ सालों में करोड़पति बन सकते हैं। यदि आप शेयरों में एसआईपी के जरिए निवेश करें तो म्यूचुअल फंड से जल्दी करोड़पति बन सकते हैं। क्योंकि शेयर बाजार में आपको म्यूचुअल फंड के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
ध्यान रखने वाली जरूरी बात
यदि आप शेयरों में एसआईपी शुरू करने की सोच रहे हैं तो एक अहम बात जान लें। स्टॉक एसआईपी के लिए आवेदन से पहले ब्रोकर की ब्रोकरेज जैसे चार्जेस की जानकारी ले लें। अच्छी बात ये है कि स्टॉक एसआईपी निर्देश को किसी भी समय कैंसिल या बदला जा सकता है। शेयरों में एसआईपी का ई-एसआईपी कहा जाता है। जानकार मानते हैं कि बढ़िया रिटर्न पाने के लिए ई-सिप के जरिये अलग-अलग शेयरों में निवेश करें।
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