Flag Code of India: स्वतंत्रता दिवस की तैयारी पूरे देश में हो रही है। 15 अगस्त से पहले भारत सरकार ने भी 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरूआत कर दी है। राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेल्फी लेकर 'harghartiranga.com' पर अपलोड करने की भी सरकार ने अपील की है। घर की छत से लेकर स्कूलों और ऑफिस में राष्ट्रीय ध्वज को लोग फहराते हैं। अक्सर लोग अपनी बाइक या कार पर भी तिरंगा लगा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर किसी को ऐसा करने की इजाजत नहीं है। आइए इससे जुड़े हुए नियमों के बारे में आपको बताते हैं।

क्या गाड़ी पर लगा सकते हैं राष्ट्रीय ध्वज?
15 अगस्त के मौके पर अगर आप अपनी गाड़ी पर तिरंगा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपको बता दें कि देश के हर नागरिक को अपने वाहन पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने की इसकी अनुमति नहीं है। इससे जुड़े हुए कुछ नियम बनाए गए हैं।
क्या है वाहन पर तिरंगा लागने का नियम?
भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के अनुच्छेद 3.44 के अनुसार, मोटर कारों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का विशेषाधिकार केवल कुछ व्यक्तियों तक ही सीमित है। इसमें राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, राज्यपाल और उपराज्यपाल, भारतीय मिशन पदों के प्रमुख, प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और संघ के उप मंत्री, किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपाध्यक्ष, लोकसभा के उपाध्यक्ष, उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश,राज्यों में विधान परिषदों के अध्यक्ष, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभाओं के अध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषद के उपाध्यक्ष, राज्यों में विधानसभाओं के उपाध्यक्ष और केंद्र शासित प्रदेश भारत के मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च, न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं।
प्राइवेट गाड़ियों पर तिरंगा लगाने पर क्या मिलती है सजा?
देश के नागरिकों को प्राइवेट गाड़ियों पर झंडा लगाने की अनुमति नहीं है और ये कानूनी अपराध है। अगर कोई इसका दोषी पाया जाता है तो उसे पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वही, घर पर तिरंगा फहराने या हाथ में झंडा लेकर चलने की आजादी है।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के अनुसार, भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान करने पर व्यक्ति को 3 साल तक की जेल, या जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं।
नियमों के अनुसार कोई भी पब्लिक/निजी संस्था या शैक्षिक संस्थान का सदस्य किसी भी दिन और किसी भी मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना अहम है कि जब भी राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित किया जाए, तो उसे पूरा सम्मान देना सबसे जरूरी है।


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