ज्यादातर ये देखा गया है कि करदाता टैक्स में छूट पाने के लिए टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश करते हैं। इसके अलावा एक और तरीका है कि लोग होम लोन, एजुकेशन लोन खरीद लें जिस पर इनकम टैक्स रिबेट मिलती
नई दिल्ली: ज्यादातर ये देखा गया है कि करदाता टैक्स में छूट पाने के लिए टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश करते हैं। इसके अलावा एक और तरीका है कि लोग होम लोन, एजुकेशन लोन खरीद लें जिस पर इनकम टैक्स रिबेट मिलती है। वहीं, कार लोन पर किसी तरह की टैक्स रिबेट नहीं मिलती है क्योंकि इसे लग्जरी आइटम माना जाता है। हालांकि, आप कार लोन पर चुकाए गए ब्याज पर भी टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं।

इसके लिए जरूरी है कि आपकी कार का इस्तेमाल कारोबारी गतिविधियों में होना चाहिए। यू कहें कि कार बिजनेस या प्रोफेशन के लिए इस्तेमाल की जा रही है तो टैक्स छूट मिलेगी। वहीं, अगर कार का इस्तेमाल ट्रांसपोर्ट बिजनेस में किया जा रहा है तो पूरे ब्याज पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। याद दिला दें कि पिछले बजट में ही सरकार ने कार खरीदने पर इनकम टैक्स की छूट प्रदान की थी। लेकिन ज्यादातर लोगों को यह याद ही नहीं रहा है कि इस तरह से भी इनकम टैक्स बचाया जा सकता है।
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को इनकम टैक्स में छूट
जानकारी दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार-2.0 का पहला बजट पेश करते हुए इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को इनकम टैक्स में छूट देने की घोषणा की थी। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक कार खरीदता है तो उसे 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट दी जाएगी। यह छूट भी प्रिंसिपल अमाउंट की जगह इलेक्ट्रिक कार खरीदने को लिए गए लोन के ब्याज पर दी जाएगी। ऐसे समझें अगर आपने कार लोन पर पूरे साल में 1.5 लाख रुपये तक का ब्याज चुकाया है तो इनकम टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं। बता दें कि इलेक्ट्रिक कार खरीदने को लिए गए लोन के ब्याज पर इनकम टैक्स छूट आयकर अधिनियम की धारा-80ईईबी के तहत मिलेगी।
आईटीआर में कार लोन के ब्याज को कारोबार लगात दिखाना होगा
- अगर आप लोन पर कार लेकर किराये पर चलाते हैं या ट्रेवल एजेंसी में इस्तेमाल करते हैं या कारोबार के काम से खुद चलाते हैं तो आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
- वहीं, अगर आप पेशेवर हैं तो भी कार लोन पर सालाना दिए जाने वाले ब्याज के बराबर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
- हांलाकि इसके लिए दिए गए ब्याज की रकम को इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरते समय कारोबार की लागत के तौर पर दिखाना होगा।
- कार की कीमत में हर साल आने वाली कमी पर भी छूट का लाभ ले सकते हैं।
- अगर किसी कारोबार या पेशे से आपकी सालाना आय 10 लाख है और 70 हजार रुपये कार लोन का ब्याज देते हैं तो आयकर की गणना 9.30 लाख पर होगी। इसमें डेप्रिसिएशन कॉस्ट शामिल नहीं है।
कार पर्सनल लोन से ली है तो मिलेगा टैक्स छूट का लाभ
- टैक्सपेयर्स को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि अगर कार का इस्तेमाल कारोबारी गतिविधियों में नहीं किया जा रहा है तो टैक्स छूट का दावा खारिज हो जाएगा।
- टैक्स छूट का दावा करने के लिए बैंक से ब्याज का प्रमाणपत्र जरूर ले लें। छूट का दावा करते समय यह प्रमाणपत्र पेश करना होगा।
- वहीं, कार उसी व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर होनी चाहिए, जो टैक्स छूट का दावा कर रहा है। दावे के दौरान आयकर अधिकारी कार के कारोबार में इस्तेमाल होने का प्रूफ मांग सकते हैं।
- वहीं अगर कोई करदाता पर्सनल लोन लेकर कार खरीदता है तो भी ब्याज पर इनकम टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है।
- हालांकि, ऐसे मामले में आप पर्सनल लोन के ब्याज पर इनकम टैक्स की छूट उस साल क्लेम कर सकेंगे, जब कार बेचेंगे।
- बता दें कि कार की बिक्री से होने वाले फायदे में ब्याज को कैपिटल गेन में से घटा दिया जाएगा। इससे आपकी टैक्स देनदारी घट जाएगी।
- हालांकि, इस कार का इस्तेमाल भी कारोबारी गतिविधियों में ही होना चाहिए। दरअसल, आयकर विभाग बिजनेस से आय वाले करदाताओं के मामले में कार के लोन पर चुकाए गए ब्याज को कारोबार की लागत मानकर टैक्स छूट देता है।


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