नई दिल्ली, अगस्त 7। होम लोन एक लंबी अवधि का फाइनेंशियल कमिटमेंट है क्योंकि इसमें बड़ी लोन राशि और लंबी अवधि शामिल होती है। होम लोन आवेदन स्वीकार किया जाना आपके क्रेडिट स्कोर और डाउन पेमेंट करने की आपकी क्षमता के साथ-साथ भविष्य में समय पर रीपेमेंट करने की क्षमता पर निर्भर करती है। आरबीआई ने एक बार फिर से रेपो रेट बढ़ाई है। इससे होम लोन की ब्याज दरें फिर से बढ़ने लगी हैं। ऐसे में आपके पास कुछ सवालों के जवाब जरूर होने चाहिए।
डाउन पेमेंट की क्षमता
होम लोन आवेदकों को होम लोन के माध्यम से प्रॉपर्टी की लागत का 75%-90% तक फाइनेंस मिल जाता है। बाकी पैसे की व्यवस्था आवेदकों को अपने पास से करनी होती है। इसलिए, यदि आप होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो डाउन पेमेंट या मार्जिन योगदान करने के लिए संपत्ति मूल्य का 10%-25% जमा करने की योजना तैयार रखें। अधिक डाउन पेमेंट या मार्जिन योगदान का भुगतान करने के कई लाभ हैं। इससे कम ब्याज दरों पर होम लोन लेने की संभावना बढ़ जाती है। ऊंची डाउन पेमेंट बैंक के लिए क्रेडिट जोखिम को कम करता है, इसलिए कई उन्होंने उच्च डाउन पेमेंट या मार्जिन योगदान करने वाले लोन आवेदकों को कम ब्याज दरों की पेशकश करना शुरू कर दिया है।
क्रेडिट स्कोर कैसा है
750 और उससे अधिक के क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को वित्तीय रूप से अनुशासित माना जाता है। वे उधारदाताओं के पसंदीदा होते हैं। इसलिए, अगर आप भविष्य में होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो 750 और उससे अधिक के क्रेडिट स्कोर की दिशा में काम करना शुरू कर दें। क्रेडिट ब्यूरो या ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केट लोकेशनों से समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट प्राप्त करके इस प्रोसेस को शुरू करें। आपको वित्तीय अनुशासन का भी पालन करना चाहिए और अच्छी क्रेडिट आदतों का पालन करना चाहिए जैसे कि सही समय पर क्रेडिट कार्ड बिलों का भुगतान आदि।
इमरजेंसी फंड में ईएमआई शामिल है या नहीं
बीमारी के कारण इनकम का नुकसान, नौकरी छूटना, विकलांगता भविष्य में आपकी लोन चुकाने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। होम लोन की ईएमआई को उनकी ड्यू डेट तक चुकाने में विफल रहने पर भारी जुर्माना लगेगा और आपका क्रेडिट स्कोर और भविष्य की लोन एलिजिबिलिटी कम हो जाएगी। होम लोन की ईएमआई चुकाने के लिए अपने मौजूदा निवेश को खत्म करने से आपकी लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल हेल्थ पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए अपने नए होम लोन की कम से कम 6 महीने की अनुमानित ईएमआई को अपने इमरजेंसी फंड में जोड़ दें।
होम लोन चुकाने की क्षमता
होम लोन देने वाले आमतौर पर उन लोगों को लोन देना पसंद करते हैं जो समय पर मासिक ईएमआई अदा कर सकें। ये सवाल आपको खुद से भी करना चाहिए कि आपकी मासिक इनकम इतनी है कि उसमें से ईएमआई अदा करके बचा हुआ पैसा आपके लिए काफी होगा। अगर हां तो आगे बढ़ें। वैसे भी बैंक भी आपकी इनकम देख कर ही लोन देंगे। दूसरी बात होम लोन के कई ऑफर पेश किए जाते हैं, उनका फायदा लें।
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