नयी दिल्ली। दिसंबर 2019 में टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई की तरफ से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी या एमएमपी को लेकर जारी किये गये नये दिशानिर्देश लागू हो चुके हैं। नये दिशानिर्देशों के पीछे ट्राई का उद्देश्य एक मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर से दूसरे में अपने मोबाइल कनेक्शन को पोर्ट करना आसान बनाना है। नए नियमों के तहत किसी भी उपभोक्ता के आवेदन पर 3-5 कार्य दिनों में उसका मोबाइल नंबर पूरी तरह से पोर्ट होना चाहिए। अभी तक नंबर पोर्ट होने में 15 दिनों का समय लग जाता था। अकसर लोग बेहतर नेटवर्क, तेज इंटरनेट, बेहतर रिचार्ज प्लान या ऐसी ही किसी जरूरत के चलते अपना मोबाइल नंबर एक कंपनी के नेटवर्क से दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर पोर्ट करवाते हैं। अगर आप भी ऐसी ही किसी वजह से अपना एयरटेल या वोडाफोन आइडिया का नंबर रिलायंस जियो में पोर्ट करवाना चाहते हैं तो हम आपको उसका तरीका बताते हैं।
बहुत आसान है एमएनपी
अगर आप एयरटेल या वोडाफोन के ग्राहक हैं और जियो में अपना नंबर पोर्ट करवाना चाहते हैं तो हम बता दें कि इसका प्रोसेस बेहद आसान है। आपको एक एसएमएस भेजना है, जिसमें सबसे पहले लिखें 'PORT' फिर स्पेस देकर अपना मोबाइल नंबर (जिसे आप पोर्ट करवाना चाहते हैं)। इस मैसेज को '1900' पर भेज दें। इसके बाद एक यूनिक पोर्टिंग कोड जनरेट होगा, जो आपको उसी नंबर पर मैसेज के जरिये मिलेगा। यूनिक पोर्टिंग कोड मिलने के बाद आपको उस सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना है, जिसके नेटवर्क में आप शिफ्त करना चाहते हैं।
देनी होगी जरूरी जानकारी
नंबर पोर्ट करवाने के लिए आपको आवश्यक Customer Acquisition Form, पोर्टिंग फॉर्म भरना, UPC का उल्लेख करना होगा और जरूरी Know Your Customer (KYC) को भी पूरा करना होगा। इसके बाद जियो आपको एक नया सिम कार्ड उपलब्ध करवायेगी। आपको एक कंफर्मेशन भी प्राप्त होगा कि पोर्टिंग आवेदन प्रोसेस अब सक्रिय है। इसके बाद आप रिलायंस जियो टैरिफ प्लान चुन सकते हैं। ध्यान रहे कि आप पोर्टिंग फीस के रूप में 6.46 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा, चाहे आप किसी भी नेटवर्क से किसी दूसरे नेटवर्क में नंबर पोर्ट करवायें।
पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन वालों के लिए जरूरी चीजें
अगर आपका मोबाइल कनेक्शन पोस्टपेड है तो नंबर पोर्ट करवाने से पहले आपको बकाया राशि यानी बकाया बिल चुकाना होगा, अगर हो तो। अगर आपका बिल क्लियर नहीं है तो आप नंबर पोर्ट नहीं करवा सकेंगे। इसके अलावा आपको मौजूदा नेटवर्क पर कम से कम 90 दिनों तक रहना जरूरी है। मतलब नंबर पोर्ट करवाने के लिए आपका अपने मौजूदा नेटवर्क पर 90 दिन पुराना ग्राहक होना आवश्यक है। अगर आप अपने सर्कल के भीतर किसी अन्य ऑपरेटर के लिए नंबर पोर्ट कर रहे हैं, तो ये 3 दिनों में हो जायेगा। मगर यदि आप दूसरे टेलीकॉम सर्कल में पोर्ट कर रहे हैं, तो इसमें लगभग 5 दिन लगने चाहिए।
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