नई दिल्ली, सितंबर 30। क्या आप का भी एफडी में निवेश का पैसा मैच्योरिटी के बाद कई सालों से बट्टा खाते में फंसा है? अगर मैच्योरिटी के बाद भी आप अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं तो आपकों पैसे निकालने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा। ऐसा कई बार सुनने को मिलता है कि एफडी की अवधि पूरी होने के बाद कई लोग पैसा निकालते नहीं हैं। कई सालों तक पैसा यू हीं पड़ा रहता है, और कई लोग तो एफडी के नॉमिनी भी नियु्क्त नहीं करते हैं। ऐसे में उनकी मृत्यु के बाद एफडी का पैसा निकालना और भी मुश्किल हो जाता है। चलिए आज हम आपकों जानकारी देते हैं कि एफडी का पैसा फसता क्यूं है, और इसे कैसे निकाल सकते हैं।
सेविंग एकाउंट का एक्टिव होना जरूरी
अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि होता जो सेविंग खाता एफडी अकाउंट जुड़ा है एक्टिव नहीं होता है। कई बार खाताधारक एफडी के पैसे जरूरत न होने की वजह से यू हीं छोड़ देता है। इस तरह की छोटी-छोटी गलतियां परेशानी का सबब बनती हैं। इन कारणों से मैच्योरिटी की रकम बट्टा खाते में जमा हो जाती है।
डीईएएफ फंड में जमा हो जाता है पैसा
रिजर्व बैंक के बेवसाइट से मिली जानकारी के अनुसार अगर किसी भी प्रकार के डिपॉजिट का पैसा, इनमें मैच्योरिटी भी शामिल है को 10 साल के अन्दर निकासी नहीं किया जाता है तो यह राशि डिपॉजिटर्स एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड यानी कि डीईएएफ में ट्रांसफर कर दी जाती है। डीईएएफ में डाले गए पैसों को निकालने के लिए कुछ गाइडलाइन का ध्यान रखना पड़ता है।
क्या कहती हैं आरबीआई की गाइडलाइन
रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक अगर आप सेविंग्स या करंट अकाउंट में दो साल तक कोई लेन देन नहीं करते हैं तो खाता निष्क्रिया हो जाता है। सेविंग एकाउंट की तरह ही टर्म डिपॉजिट खाते का पैसा मैच्योरिटी के दिन के बाद अगर 2 साल के अंदर निकासी नहीं जाता है तो वह खाता बंद कर दिया जाता है। आरबीआई के नियम के मुताबिक खाता बंद करने का नियम एफडी, आरडी, डिमांड ड्राफ्ट, बैंकर चेक, पे ऑर्डर और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के लेनदेन पर भी लागू होता है।
पैसे निकालने की क्या है प्रक्रिया
आरबीआई गाइडलाइन के मुताबिक सभी बैंकों को अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर इस तरह के फंसे पैसे और ग्राहकों को जिक्र करना जरूरी है। जिन लोगों का पैसा फंसा है वह बैंक की बेवसाइट चेक करके बैंक के ब्रांच से संपर्क करें। आपकों पैसे पाने के लिए पूरी प्रक्रिया को फॉलो करना होगा। आपकों ब्रांच जाकर क्लेम फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ डिपॉजिट की गई राशि की रसीद और केवाईसी के लिए दस्तावेज भी अटैच करना होगा। आप यह प्रक्रिया बैंक के किसी भी ब्रांच में जाकर कर सकते हैं।
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