नई दिल्ली, जुलाई 21। कोरोना महामारी के बाद से ही देश में नौकरी की कमी की समस्या बनी हुई है। हालांकि, कोरोना के बाद अब स्थिति सामान्य हो रही है लेकिन रोजगार की समस्या से देश अभी बाहर नहीं आया है। लॉकडाउन के समय शहरों से बड़े पैमाने पर लोगों ने अपने गांव को पलायन किया था, इनमें से कई लोग अभी भी अपने गांव के आसपास ही काम तलाश रहे हैं। जो लोग गांव में ही अपना रोजगार शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं, तो केन्द्र सरकार की एक योजना उनकी मदद कर सकती है। आपको यह कारोबार शुरू करने के लिए पहले खुद से कुछ इन्वेस्टमेंट करनी होगी, बाद में सरकार आपकी मदद करेगी। चलिए आपको बिजनेस आइडिया के बारे में बताते हैं।
मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब
केन्द्र सरकार की स्वाइल हेल्थ योजना के तहत आप ग्राम पंचायत लेवल पर मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब खोल सकते हैं। देश के ग्रामीण इलाके में टेस्टिंग लैब बेहद ही कम हैं और गांव के किसान भी खेत की मिट्टी का परीक्षण कराने के लिए जागरूक हो रहे हैं। अगर आप भी खेती के काम में दिलचस्पी रखते हैं तो आप अपने गांव में ही इस काम को शुरू कर सकते हैं। इस काम में कमाई की अपार संभावनाएं हैं।
कौन उठा सकता है इसका लाभ
जिन लोगों ने एग्री क्लीनिक, या फिर 10वी के बाद आईटीआई से कृषि संबंधित ट्रेनिंग ली है, वह इस खास स्कीम के लिए आवेदन कर पाएंगे। आपकी उम्र 18 से 40 साल होनी चाहिए और आपके परिवार खेती से जुड़ा होना चाहिए।
क्या है आवेदन की प्रक्रिया
मिनी सॉइल टेस्टिंग लैब शुरू करने के लिए आपको अपने जिले के कृषि उपनिदेशक से संपर्क करना होगा। आप ऑनलाईन माध्यम से भी सरकार के वेबसाइट soilhealth.dac.gov.in पर जाकर भी आप स्वॉइल हेल्थ सेंटर स्थापित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं। आप पूछताछ के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 पर भी कॉल कर सकते हैं। आपको सॉइल हेल्थ सेंटर स्थापित करने हेतु फार्म भरना होगा। इस संबंध में सारी कार्रवाई जिले के कृषि विभाग से ही होगी।
कितना आएगा खर्चा
पंचायत में मिनी स्वॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत टेस्टिंग लैब शुरू करने में लगभग 5 लाख रुपये का खर्चा आता है। यह कारोबार शुरू करने के लिए सरकार 75 फीसदी रकम देती है। अगर आप लैब शुरू करना चाहते हैं तो सरकार की ओर से आपको 3.75 लाख रुपये दिए जाएंगे। इस बिजनेस को शुरू करके गांव में ही 15-20 हजार रुपये कमाया जा सकता है।


Click it and Unblock the Notifications