एलआईसी देश की सबसे भरोसेमंद इंश्योरेंस कंपनी है। इस कंपनी की अलग-अलग पॉलिसी में करोड़ों लोगों ने निवेश किया हुआ है। अगर आपने भी एलआईसी पॉलिसी ले रखी थी और किसी कारणों से वह बंद हो गई है तो चिंता न करें।
नई दिल्ली: एलआईसी देश की सबसे भरोसेमंद इंश्योरेंस कंपनी है। इस कंपनी की अलग-अलग पॉलिसी में करोड़ों लोगों ने निवेश किया हुआ है। अगर आपने भी एलआईसी पॉलिसी ले रखी थी और किसी कारणों से वह बंद हो गई है तो चिंता न करें। आज हम आपको बताते हैं कि कैसे लैप्स पॉलिसी को दोबारा शुरू किया जा सकता है।

बंद हुई बीमा पॉलिसी को दोबारा कर सकते शुरू
कई बार पैसे की कमी और कई कारणों से वह पॉलिसी की रकम को समय पर जमा नहीं कर पाते जिसके कारण पॉलिसी लैप्स हो जाती है। वहीं ऐसे में कई लोग जिन्हें यह नहीं पता कि लैप्स हुई पॉलिसी को कैसे दोबारा शुरू करना उन्हें काफी बार दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम तय समय पर जमा नहीं करने पर पॉलिसी लैप्स हो जाती है। वहीं एक निश्चित समय के अंदर कुछ शर्तों को पूरा करके बंद हुई बीमा पॉलिसी को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
पॉलिसियों को फिर चालू करने का अभियान शुरू की कंपनी
महामारी के मद्देजनर जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने पॉलिसीधारकों को अपनी ऐसी पॉलिसियों को फिर चालू करने का अवसर दिया है जो किसी वजह से बीच में ही बंद हो गई। एलआईसी ने ऐसी पॉलिसियों को फिर चालू करने का अभियान शुरू किया है। एलआईसी ने बीच में बंद हो चुकी पॉलिसियों को फिर चालू करने के लिए सात जनवरी से छह मार्च तक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है।
पॉलिसी लैप्स होने की शर्त
न्यूनतम एक साल तक प्रीमियम नहीं जमा करने पर पॉलिसी लैप्स मानी जाती है। वैसे यह अवधि अलग-अलग कंपनियों में अलग हो सकती है। तीन साल तक प्रीमियम नहीं जमा करने पर पॉलिसी को लैप्स घोषित हो जाती है और इसकी जानकारी पॉलिसी होल्डर को एसएमएस के द्वारा भेजी भी जाती है। भारतीय जीवन बीमा निगम के अनुसार पांच साल तक प्रीमियम नहीं जमा करने पर पॉलिसी पूरी तरह लैप्स घोषित हो जाती है। इसे रीवाइव नहीं किया जा सकता है।
लैप्स पॉलिसी रिवाइव करने का तरीका
- अपनी लैप्स पॉलिसी को रिवाइव करने के लिए आपको सबसे पहले अपने बीमा कंपनी के निकटतम ब्रांच में जाकर रिवाइवल कोट लेना पड़ता है।
- बता दें कि रिवाइवल कोट बची हुई प्रीमियम का कुल जोड़ होता है। ग्राहक को इस रिवाइवल कोट के साथ ही रिवाइवल पेनाल्टी भी भरनी होगी। इसके साथ ही ग्राहक को अपना हेल्थ सर्टिफिकेट भी जमा करना होता है।
- रिवाइवल के लिए राशि जमा करते समय फॉर्म संख्या 680 को भी भरना जरूरी होता है। ग्राहक को अपने आई डी और एड्रेस प्रूफ की कॉपी भी जमा करना पड़ता है।
- अगर रिवाइवल राशि 50 हजार से ज्यादा की है, उस स्थिति में ग्राहक को पैनकार्ड की भी एक कॉपी जमा करनी होगी। इसे बीमा कंपनी के निकटतम ब्रांच में जमा करके ग्राहक अपने लैप्स पॉलिसी को दोबारा शुरु कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
लैप्स हो चुकी पॉलिसी को दोबारा चालू कराने से पहले कुछ बातों पर गौर कर लें, सबसे पहले यह जान लें कि, पॉलिसी दोबारा चालू कराने से नई पॉलिसी खरीदना कभी कभी अधिक किफायती रहता है। वहीं दूसरा, इंश्योरेंस कंपनियां अक्सर पॉलिसी रिवाइवल कैंपन चलाती हैं। ऐसे में लैप्स हो चुकी पॉलिसी को दोबारा चालू कराना ज्यादा सस्ता पड़ता है।
More From GoodReturns

Gold Price Today: 4 सितंबर को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, जानें 22 और 24 कैरेट का ताजा रेट

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
