नई दिल्ली, अप्रैल 13। डिजिलॉकर एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के तहत शुरू किया गया। यह भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का भी एक हिस्सा है। डिजिलॉकर को फिजिकल डॉक्यूमेंट्स या दस्तावेजों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था। डिजिलॉकर इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के बड़े स्टोरेज की सुविधा देता है। डिजिलॉकर ने यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के साथ हाथ मिलाया है ताकि लोगों को उनके डिजिलॉकर खाते को उनके आधार कार्ड से लिंक करने के तुरंत बाद इसे उपलब्ध कराया जा सके। आगे जानिए आधार और डिजिलॉकर को लिंक करने का आसान प्रोसेस।
होते हैं कई फायदे
डिजिटल आधार कार्ड के कई फायदे हैं। प्रिंटआउट या फोटोकॉपी की आवश्यकता को दूर करते हुए इसे किसी भी संस्थान या संगठन के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप से शेयर किया जा सकता है।
मोबाइल नंबर हो लिंक
आधार को डिजिलॉकर से लिंक करना आसान है। अगर आपका आधार लिंक हुआ मोबाइल नंबर आपके पास है तो आप अपने आधार को डिजिलॉकर से आसानी से लिंक कर सकते हैं। यहां हम आगे बताएंगे कि कैसे आप 6 आसान स्टेप्स से अपने आधार को डिजिलॉकर से लिंक कर सकते हैं।
ये हैं आसान स्टेप्स
अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके अपने डिजिलॉकर खाते में लॉग इन करें। फिर क्रेडेंशियल का उपयोग करके सही तरीके से लॉग इन करने के बाद आपको डैशबोर्ड पर एक विकल्प लिंक मिलेगा, जो आपको अपना आधार नंबर दर्ज करने के लिए कहेगा। इसके बाद अपना आधार नंबर सही ढंग से दर्ज करें और चेक बॉक्स पर क्लिक करें।
ये है बाकी प्रोसेस
उस विकल्प पर क्लिक करें जो पेज पर लिंक नाउ बताए। आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा। अब, आवश्यक फ़ील्ड में ओटीपी को सही ढंग से दर्ज करें। अब, 'वेरिफाई' विकल्प पर क्लिक करें। यदि आपका आधार लिंक मोबाइल नंबर आपके पास नहीं है या आपका नंबर आपके आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो आप अपने आधार को डिजिलॉकर से लिंक नहीं कर पाएंगे।
बहुत काम का है डिजिलॉकर
आज वित्तीय धोखाधड़ी बहुत आम है। विभिन्न टच पॉइंट्स पर दस्तावेजों से छेड़छाड़ की जा रही है। डिजिटलीकरण ऐसे सभी जोखिमों को समाप्त कर देगा। डिजिलॉकर से दस्तावेजों को सुरक्षित और सेफ तरीके से साझा किया जा सकता है। आप ये ध्यान रखें कि डिजिलॉकर को सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट या अन्य कंप्यूटरों से एक्सेस न करें। आप अपने दस्तावेज़ों को कभी भी कहीं भी एक्सेस कर सकते हैं। अपने दस्तावेज़ ले जाने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए, डिजिलॉकर सुविधा वाला है। उपयोगकर्ता आधार से जुड़े डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से दस्तावेज़ पर साइन कर सकता है। आप "डिजिटल दस्तावेज़" के अलावा "अपलोड किए गए दस्तावेज़" पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ये ई-साइन सुविधा मुफ्त है जबकि डिजिटल हस्ताक्षर के लिए आपको वार्षिक शुल्क का भुगतान करना होगा। आप आधार ई-केवाईसी सेवा का उपयोग करके डिजिलॉकर के माध्यम से दस्तावेजों पर ई-हस्ताक्षर करेंगे। ईसाइन डिजिटल सिग्नेचर के समान है। फर्क सिर्फ इतना है कि जब भी आप डिजिटल हस्ताक्षर के लिए आवेदन करते हैं तो आपको केवाईसी पूरा करना होता है। ई-साइन के मामले में, आधार का केवाईसी ई-साइन के लिए पर्याप्त होगा।


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