नई दिल्ली, मार्च 2। माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपने बच्चे के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए उसकी की ओर से निवेश कर सकते हैं। हालांकि ध्यान रहे कि नाबालिग के म्यूचुअल फंड निवेश को जॉइंट नाम में नहीं रखा जा सकता। इसलिए इसे विशेष रूप से बच्चे के नाम पर रखा जाना होगा और माता-पिता या अभिभावक खाते को मैंटेनेंस रख सकते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि आप कैसे बच्चे के नाम पर म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।
जन्म तिथि की पुष्टि
एक बच्चे के लिए एक म्यूचुअल फंड खाता खोलने के लिए, माता-पिता/अभिभावकों को उसकी उम्र और जन्म तिथि की पुष्टि करने की आवश्यकता होती है। यह प्रूफ जन्म प्रमाण पत्र या स्थानीय सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट के रूप में दिया जा सकता है।
नाबालिग और अभिभावक के बीच संबंध
एक और जरूरी बात है नाबालिग और उनके अभिभावक के बीच संबंध को साबित करने की जरूरत। माता-पिता के मामले में जन्म प्रमाण पत्र या माता-पिता के नाम के साथ पासपोर्ट पर्याप्त है। इस बीच, खाता खोलने वाले अभिभावक के मामले में इसे साबित करना होगा। इस मामले में, बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की एक प्रति बच्चे की उम्र और अभिभावक के साथ संबंध के प्रमाण के रूप में काम कर सकती है।
नाबालिग से व्यस्क
एक बार जब नाबालिग 18 वर्ष का हो जाता है, तो उसे नाबालिग से व्यस्क (एमएएम फॉर्म) में स्टेटस बदलने के लिए एक आवेदन भरना होगा और इसे जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। जैसे ही बच्चा 18 वर्ष की आयु प्राप्त करता है, एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) सभी म्यूचुअल फंड निवेश (एसआईपी) रोक देती है और अभिभावक और नाबालिग के रजिस्टर्ड पते पर एक लेटर भेजती है। स्टेटस बदलने के बाद वे फोलियो में फिर से निवेश करना शुरू कर सकते हैं।
व्यस्क होने पर इन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
इसके लिए आपको सही तरीके फिल हुआ एमएएम फॉर्म और आवेदक के पैन कार्ड की कॉपी चाहिए होगी। इसके अलावा केवाईसी एकनोलेजमेंट या फुल कंप्लीट भरा हुए केवाईसी फॉर्म के साथ आवेदक की लेटेस्ट बैंक डिटेल / पासबुक या आवेदक के नाम वाला प्री-प्रिंटेड एक कैंसल चेक लीफ भी देना होगा। साथ ही नामांकन फार्म और निर्दिष्ट फॉर्मेट में एक नया एसआईपी, एसटीपी, या एसडब्ल्यूपी मैंडेट आवश्यक है।
टैक्स का नियम
वर्तमान आयकर अधिनियम के प्रावधानों में कहा गया है कि नाबालिग की आय को माता-पिता या अभिभावक की आय के साथ जोड़ दिया जाएगा। उन पर माता-पिता या अभिभावक की आय के आधार पर कर लगाया जाएगा। इस बीच, एक वर्ष से अधिक समय तक रखे गए डिविडेंड और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गैन्स कर-मुक्त हैं। हालांकि, अगर नाबालिग के फंड को साल के अंत तक बेच दिया जाता है, तो इसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा। जानकार सलाह देते हैं कि निवेश के लिए कोई लक्ष्य होना चाहिए। नाबालिग के लिए भी म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आपकी ओर से एक लक्ष्य तय होना चाहिए जिसे म्यूचुअल फंड में निवेश करके हासिल किया जाना हो। इनमें उच्च शिक्षा के लिए फंडिंग आदि जैसा कोई टार्गेट हो सकता है।
More From GoodReturns

Gold Price Today: 8 मार्च को सोना खरीदने का प्लान है? जानें आज रविवार को गोल्ड रेट सस्ता हुआ या महंगा

Happy Holi Shayari: रंगों से भी ज्यादा खूबसूरत हैं ये मैसेज, भेजें प्यार का पैगाम, पढ़ें बेस्ट होली मैसेज

Gold Rate Today: 6 मार्च को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Silver Price Today: 8 मार्च को चांदी खरीदने का प्लान है? जानें आज 1 किलो चांदी का भाव क्या है?

Gold Rate Today: चंद्र ग्रहण के दिन सोने की कीमतों में आई गिरावट! जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

Gold Rate Today: होली पर सस्ता हुआ सोना-चांदी का भाव, जानिए 24K, 22K और 18K गोल्ड रेट



Click it and Unblock the Notifications