फ्रीलांसर और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोग अक्सर सोचते हैं कि बैंक से लोन लेना सिर्फ सैलरी पाने वालों के लिए ही आसान होता है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक कंपनियों के आने से पर्सनल लोन लेना अब हर प्रोफेशनल के लिए संभव हो गया है चाहे वह फ्रीलांसर हो, यूट्यूबर हो, या छोटा व्यापारी।

अगर आपके पास इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और अच्छा क्रेडिट स्कोर है, तो आप भी 50,000 रुपए से 40 लाख रुपए तक का लोन पा सकते हैं, वो भी पूरी तरह ऑनलाइन प्रोसेस के जरिए।
कौन ले सकता है फ्रीलांसर लोन?
फ्रीलांसर लोन किसी भी ऐसे व्यक्ति को मिल सकता है जो खुद काम करता है और जिसकी आमदनी नियमित रूप से आती है। बैंक और NBFC ऐसे आवेदकों के लिए कुछ बुनियादी शर्तें तय करते हैं -
आवेदक की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
मासिक आय कम से कम 25,000 रुपए या उससे अधिक हो।
पिछले दो साल का ITR जमा किया गया हो।
क्रेडिट स्कोर 700 या उससे ऊपर होना जरूरी है।
कम से कम 1 से 3 साल का फ्रीलांस या बिजनेस अनुभव होना चाहिए।
अगर ये सभी शर्तें पूरी हैं, तो लोन अप्रूवल में कोई मुश्किल नहीं होती।
फ्रीलांसर के लिए लोन का प्रोसेस
ऐलिजिबिलिटी देखें
सबसे पहले बैंक की वेबसाइट या किसी लेंडिंग ऐप जैसे HDFC Bank, Axis Bank, Bajaj Finserv, या PaySense पर जाकर अपनी जानकारी भरें। PAN नंबर, मोबाइल नंबर और मासिक आय डालते ही आपको पता चल जाएगा कि आप पात्र हैं या नहीं।
लोन राशि और समय चुनें
अगर आप योग्य हैं, तो अगला कदम है लोन की राशि और अवधि का चयन। फ्रीलांसर 50,000 रुपए से लेकर 40 लाख रुपए तक का लोन चुन सकते हैं, जिसकी EMI अवधि 12 से 60 महीने तक हो सकती है।
ऑनलाइन आवेदन करें
इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने दस्तावेज़ अपलोड करें जैसे Aadhaar Card, PAN Card, पिछले 2 साल का ITR, बैंक स्टेटमेंट और फ्रीलांस इनकम के प्रमाण (इनवॉइस या प्रोजेक्ट रिपोर्ट)।
वीडियो वेरिफिकेशन या KYC प्रक्रिया
बैंक आपके डॉक्युमेंट्स की जांच करता है। अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है वीडियो कॉल या ऐप के जरिए पहचान की पुष्टि होती है।
पैसे का ट्रांसफर
लोन अप्रूव होते ही आपको एक ई-अग्रीमेंट साइन करना होता है, जिसके बाद लोन की रकम सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाती है। कुछ बैंक तो इंस्टेंट डिस्बर्सल यानी कुछ ही मिनटों में पैसे भेज देते हैं।
लोन अप्रूवल जल्दी पाने के टिप्स
ITR समय पर फाइल करें: यह आपकी आय का भरोसेमंद प्रमाण होता है।
क्रेडिट स्कोर सुधारें: EMI समय पर भरें ताकि स्कोर 750+ रहे।
इनकम प्रूफ दिखाएं: फ्रीलांस इनकम के इनवॉइस या बैंक ट्रांजेक्शन से स्थिर आय का प्रमाण दें।
कम EMI का चयन करें: अपनी मासिक आय के अनुरूप EMI तय करें ताकि भुगतान आसान हो।


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