Jio-Facebook डील : जानें कब तक कर्जमुक्त हो जाएगा Reliance ग्रुप

नई दिल्ली। दुनिया की लॉकडाउन के दौरान सबसे बड़ी निवेश डील आज भारत में हुई है। यह डील रिलायंस जियो और फेसबुक के बीच हुई है। इस डील के तहत फेसबुक ने रिलायंस जियो में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी 5.7 अरब डॉलर यानी 43,574 करोड़ रुपये में ली है। इस डील के बाद अपने कमर्शियल लॉन्च के करीब 4 साल के भीतर जियो की वैल्यू बढ़कर 65.95 अरब डॉलर हो गई है। इस डील के मिले पैसों से रिलायंस ग्रुप अपने भारी भरकम कर्ज को घटाएगा। कंपनी का इरादा मार्च 2021 तक पूरी तरह से कर्ज मुक्त बनने का है। आइये जानते हैं कि रिलायंस पर कुल कितना कर्ज और यह इस पटाने का क्या प्लान है।

40 अरब डॉलर के निवेश से शुरू हुई थी रिलायंस जियो

40 अरब डॉलर के निवेश से शुरू हुई थी रिलायंस जियो

रिलायंस जियो की लॉन्चिंग और इसका कारोबार बढ़ाने में रिलायंस ने काफी निवेश किया है। 2016 में जियो की लॉन्चिंग हुई थी और रिलायंस ने इसमें 40 अरब डॉलर का निवेश किया था। इस कारण रिलायंस ग्रुप पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया था। इसी कारण मुकेश अंबानी रिलायंस को मार्च 2021 तक कर्ज मुक्त कंपनी बनाने की बात कह चुके हैं। ऐसे में यह डील रिलायंस ग्रुप का कर्ज कम करने में मदद करेगी। मुकेश अंबानी ने 12 अगस्त 2019 को कंपनी के 42वें सालाना आम बैठक में कहा था कि कंपनी के पास रोडमैप है, जिसके जरिए वो 31 मार्च 2021 तक कर्ज मुक्त कंपनी बन सकती है।

सऊदी की अमारको को भी हिस्सेदारी बेचने की योजना

सऊदी की अमारको को भी हिस्सेदारी बेचने की योजना

रिलायंस कर्ज मुक्त होने के लिए कई तरह की डील पर काम कर रही है। इसके तहत रिलायंस अपने ऑयल कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी सऊदी अरामको को बेचने के लिए बातचीत कर रही है। इसके अलावा टेलीकॉम टॉवर बिजनेस की हिस्सेदारी कनाडा की प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट को बेचने की तैयारी चल रही है। रिलायंस ने 2018 में रिलायंस ने अपना टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स 1.25 लाख करोड़ रुपये में दो अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट को ट्रांसफर कर दिया था। कंपनी का मकसद इसके जरिए ग्लोबल इनवेस्टर्स से फंड जुटाना था।

जानिए कितना है रिलायंस पर कर्ज

जानिए कितना है रिलायंस पर कर्ज

रिलायंस देश की सबसे बड़ी मार्केट कैप वाली कंपनी है। अपना कारोबार तेजी से बढ़ाने के लिए रिलायंस ने पिछले कुछ सालों में काफी कर्ज लिया था। अब कंपनी को लग रहा है कि वह इन कर्ज को पटाने की स्थिति में है। यही कारण है कि रिलायंस ग्रुप इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। जहां तक कर्ज की बात है तो रिलायंस पर मार्च 2019 के अंत तक 1,54,478 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसे पटाने के लिए अब रिलायंस अपने कई कारोबार में हिस्सेदारी बेच कर पैसा जुटाने की योजना पर काम कर रही है। इससे मिले पैसों से रिलायंस ग्रुप तय समय में कर्ज मुक्त कंपनी बनना चाहती है। मुकेश अंबानी के अनुसार रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस में सऊदी अरामको 20 फीसदी हिस्सेदारी ले रही है। साथ ही केजी-डी6 में ब्रिटिश पेट्रोलियम (बीपी) निवेश करने जा रही है। रिलायंस ग्रुप को उम्मीद है कि इन डील से उसे करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये मिल जाएगा। वहीं आज हुई डील से उसे करीब 45000 करोड़ रुपये मिलेगा। इस प्रकार रिलायंस ग्रुप पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो जाएगा। 

इस डील से फेसबुक को क्या फायदा होगा

इस डील से फेसबुक को क्या फायदा होगा

इस डील से फेसबुक को तेजी से बढ़ते भारतीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। यहां के 38.80 करोड़ भारतीयों तक फेसबुक का एक्सेस बढ़ेगा। दूसरी तरफ इस डील से अरबपति मुकेश अंबानी को काफी पैसा मिलेगा, जिससे वह अपना कर्ज पटा सकेगी।

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