Gold और ज्वेलरी पर कैसे लगता है GST, जानिए कैलकुलेशन

नई दिल्ली, अप्रैल 14। सरकार सोने की मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों पर जीएसटी लगाती है। जब आप सोने की ज्वेलरी खरीदते हैं, तो आपको सोने पर जीएसटी और मेकिंग चार्ज दोनों का भुगतान करना होता है। सोना उन कुछ प्रोडक्ट्स में से एक है जिस पर खरीदारी से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक की लाइफ साइकिल के विभिन्न चरणों में अलग-अलग जीएसटी दरें लगाई जाती हैं। इसके नतीजे में सोने पर जीएसटी, सोने की उपलब्धता और सोने के आभूषणों बनाने दोनों को रेफर करता है। हालांकि अगर कोई व्यक्ति पुराना सोना बेचता है और नए गहने खरीदने के लिए उसी पैसे का उपयोग करता है, तो उसे टैक्स का भुगतान नहीं करना होगा। एक और तरीका यह है कि आप पुराने सोने के बदले में नया सोना खरीद कर जीएसटी टैक्स में बचत कर सकते हैं। यहां हम आपको गोल्ड पर अलग-अलग समय पर लगने वाले जीएसटी और बाकी टैक्स के बारे में बताएंगे।

गोल्ड पर लागू अलग-अलग दरें

गोल्ड पर लागू अलग-अलग दरें

सबसे पहले आयातित सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगती है। फिर ज्वेलरी में इस्तेमाल होने वाले सोने की कीमत पर 3 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है। इसके अलावा मेकिंग चार्जेस पर 5 फीसदी लगता है। यह जीएसटी सिस्टम लागू होने से पहले के नियमों से उलट है, जब सोने के आभूषणों पर कोई शुल्क नहीं था। पहले ये शुल्क और भी ज्यादा था। बाद में इसे घटा कर 5 फीसदी कर दिया गया।

वैट और एक्साइज ड्यूटी

वैट और एक्साइज ड्यूटी

सोने पर जीएसटी रेट सोने के आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले किसी भी कीमती / अर्ध-कीमती पत्थरों पर जीएसटी रेट से अलग होती है। आप ये चेक करना चाहिए कि शुल्क अलग से बिल में दर्ज हों। पुराने सिस्टम में गोल्ड ज्वेलरी खरीदते समय आपको कस्टम ड्यटी के अलावा 1.2% वैट और 1% एक्साइज ड्यूटी (सर्विस टैक्स) देना पड़ता है। दिलचस्प बात यह है कि जीएसटी लागू होने से पहले मेकिंग चार्जेस पर कोई टैक्स नहीं था। हालांकि यदि आप अपने पुराने सोने को नए आभूषणों के लिए बेचते हैं या ट्रेड करते तो आपको 3% शुल्क का भुगतान करना होगा।

गोल्ड पर टैक्स (जीएसटी से पहले)

गोल्ड पर टैक्स (जीएसटी से पहले)

अगर आपने 25 ग्राम सोना 1 लाख रु का खरीदा। तो जीएसटी से पहले के नियम के तहत इस पर 10000 रु की कस्टम ड्यूटी (10 फीसदी), 1100 रु का सर्विस टैक्स (कस्टम ड्यूटी जुड़ने के बाद 1 फीसदी), जीएसटी शून्य और 1.2 फीसदी वैट (सर्विस टैक्स जुड़ने के बाद) यानी 1333 रु लगता। साथ ही 11000 रु का मेकिंग चार्ज देना होता। इस तरह आपको 1 लाख रु का सोना 1,12,433.20 रु में पड़ता।

जीएसटी सिस्टम में गोल्ड पर टैक्स

जीएसटी सिस्टम में गोल्ड पर टैक्स

अगर आप 25 ग्राम सोना 1 लाख रु में खरीदें तो इस पर 10 फीसदी (10000 रु) कस्टम ड्यूटी, फिर कस्टम ड्यूटी सहित मूल्य पर 3 फीसदी जीएसटी, 10 फीसदी (11000 रु) मेकिंग चार्ज और 5 फीसदी (550) मेकिंग चार्ज पर जीएसटी देना होगा। इस तरह आपको 1 लाख रु का सोना 1,24,850 रु का पड़ जाएगा। रोजाना गोल्ड रेट करने के लिए इस लिंक पर जाएं।

https://hindi.goodreturns.in/gold-rates/
जीएसटी पर छूट

जीएसटी पर छूट

जीएसटी काउंसिल की 31वीं बैठक में लाइसेंस प्राप्त आभूषण निर्यातकों को सोने की आपूर्ति पर जीएसटी छूट की घोषणा की गई थी। इस छूट का उद्देश्य सोने के आभूषण निर्यातकों पर जीएसटी के बोझ को कम करके वैश्विक बाजार में भारत के गोल्ड निर्यात क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।

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