नयी दिल्ली। भारत कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है। देशों के बीच ट्रेड डॉलर में होते हैं इसलिए कच्चे तेल और अन्य आयात किए जाने वाले सामानों का भुगतान करने के लिए भारत को पर्याप्त अमेरिकी डॉलर के भंडार की आवश्यकता होती है। भारत निर्यात से अधिक आयात करता है और इसलिए देश में अच्छी मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स) होना जरूरी है, जो फिलहाल भारत के पास है। 1991 में भारत के पास 1.3 अरब डॉलर का बहुत कम फॉरेक्स था, जो सिर्फ तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त था। भारत ने तब गोल्ड के जरिए आईएमएफ से 2.2 अरब डॉलर का इमरजेंसी लोन लिया था। इसके बाद भारत पूर्व पीएम और पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में आर्थिक तंगी से बाहर आने और फॉरेक्स बढ़ाने में कामयाब हुआ। इसी से पता चलता है कि पर्याप्त फॉरेक्स रखना कितना जरूरी है। ट्रेड करने के लिए विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है।
ज्यादा फॉरेक्स यानी मजबूत अर्थव्यस्था
अगर डॉलर की मांग के कारण भारतीय रुपया तेजी से गिरता है तो आरबीआई डॉलर बेच सकता है और रुपये को सहारा दे सकता है। वैसे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी अर्थव्यवस्था के मजबूत होने का प्रतीक है। आम तौर पर फॉरेक्स में अमेरिकी डॉलर, यूएस बॉन्ड, यूएस ट्रेजरी बिल, गोल्ड आदि शामिल होते हैं। अब समझते हैं कि क्या होती है विश्व की आरक्षित मुद्रा।
दुनिया की आरक्षित मुद्रा क्या है
इन्वेस्टोपेडिया के अनुसार 1944 में 44 मित्र (Allied) देशों के प्रतिनिधियों ने ब्रेटन वुड, न्यू हैम्पशायर में मुलाकात की, ताकि विदेशी मुद्रा का प्रबंधन करने के लिए एक सिस्टम बनाया जा सके जिससे किसी भी देश को नुकसान नहीं होगा। उस समय यह फैसला लिया गया कि दुनिया की मुद्राओं को सोने से नहीं जोड़ा जा सकता है, लेकिन उन्हें अमेरिकी डॉलर से जोड़ा जा सकता है, जो सोने से जुड़ा हुआ था। फैसला हुआ कि सभी देशों के केंद्रीय बैंक अपनी मुद्राओं और डॉलर के बीच निश्चित विनिमय दरों को बनाए रखेंगे। इन्वेस्टोपेडिया के अनुसार इसी ब्रेटन वुड समझौते के कारण अमेरिकी डॉलर दुनिया की आरक्षित मुद्रा बन गया और निवेशकों ने अमेरिकी डॉलर को जमा करना शुरू कर दिया। अब सवाल उठता है कि अमेरिकी डॉलर कैसे बचाएं? इसके लिए देशों ने अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज या साधारण शब्दों में अमेरिकी सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करना शुरू किया। आज कई देशों के अधिकांश विदेशी मुद्रा भंडार अमेरिकी डॉलर (नकद), अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों और यूएस बॉन्ड्स में हैं।
क्या डॉलर विश्व आरक्षित मुद्रा के रूप में अपना स्टेटस खो सकता है
यह जानना दिलचस्प है कि विदेशी भंडार में अमेरिकी डॉलर का हिस्सा 2001 में 73 प्रतिशत के उच्च स्तर से गिरकर 2018 के अंत में 62 प्रतिशत पर आ गया। अमेरिकी डॉलर अपना स्टेट दुनिया की आरक्षित मुद्रा के रूप में जल्द नहीं खो सकता है। लेकिन इसकी निर्भरता निश्चित रूप से कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, अमेरिका की प्रतिबंधात्मक नीतियां रूस और ईरान जैसे देशों को अमेरिकी डॉलर से दूर ले जा सकती हैं। यह बहुत संभव है कि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव को देखते हुए, चीन अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने का विकल्प चुन सकत है। इससे डॉलर की साख को झटका लग सकता है क्योंकि विश्व व्यापार में चीन की विशाल हिस्सेदारी है।
अमेरिकी डॉलर का विकल्प
अगर अमेरिका के साथ नीतिगत समस्याओं का निपटारा नहीं हुआ तो अन्य देश डॉलर का विकल्प ढूंढ सकते हैं। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को देखते हुए फ्रांस, जर्मनी और यू.के. ने पिछले साल Instrument in Support of Trade Exchanges (INSTEX) की स्थापना की। यह भी संभव है कि यूरो एक अहम भूमिका निभाना शुरू कर दे और करेंसी ट्रेड और फिर आरक्षित मुद्रा में एक प्रमुख भूमिका निभाए। इसके अलावा यह बहुत संभव है कि देश सोने का भंडार रखना चाहेंगे। सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश आज एक सच्चाई है। व्यापार, आर्थिक आकार और खर्च करने की शक्ति के लिहाज से अमेरिका के दबदबे (खरबों डॉलर का कर्ज होने के बावजूद) ने डॉलर को दुनिया की आरक्षित मुद्रा बना रखा है। हालांकि चीजें तेजी से बदल सकती हैं।
More From GoodReturns

Silver Price Today: शनिवार को बाजार में हड़कंप! फिर चांदी के दाम धड़ाम, जानें 1 किलो चांदी का रेट क्या है?

PNB का बड़ा फैसला! 13 डेबिट कार्ड से ATM कैश निकासी सीमा आधी, जानें किन कार्डधारकों पर पड़ेगा असर

Ladli Behna Yojana 34th Installment: 1500 या 3000 रुपये? जानें कब आएगी 34वीं किस्त और ऐसे करें स्टेटस चेक

CM Kisan Samman Yojana: राजस्थान किसानों के लिए अपडेट! कब आएगी 6वीं किस्त, ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस

Gold Rate Today: सराफा बाजार में सोने के दामों में लगातार कमी, जानें आज कितना सस्ता हुआ 22K और 24K गोल्ड

Silver Price Today: 6 मार्च को भी चांदी में उतार-चढ़ाव! 30,100 रुपये टूटा भाव, जानिए प्रति किलो चांदी का रेट

Gold Rate Today: 10 मार्च को कई दिनों बाद सोने की कीमतों में फिर आई तेजी, जानिए 24k, 22k 18k गोल्ड रेट

Silver Price Today: 11 मार्च को चांदी महंगा हुआ या सस्ता? जानिए 1 किलो चांदी का भाव

Gold Price Today: मिडिल ईस्ट जंग के बीच सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट! जानिए 24k, 22k, 18k गोल्ड रेट

Silver Price Today: 9 मार्च को चांदी की कीमत में आई गिरावट...35,000 टूटे भाव, जानिए 1 किलो चांदी का भाव

Gold-Silver Price: सेफ-हेवन माना जाता है सोना-चांदी, फिर भी कीमतों में गिरावट क्यों आ रही, जानिए बड़ी वजह



Click it and Unblock the Notifications