नई दिल्ली, जुलाई 22। बैंकबाजार के अनुसार 2021 में महिलाएं काफी अधिक मात्रा में होम लोन ले रही हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में महिलाओं ने औसतन होम लोन 29.78 लाख रुपये का लिया। वहीं 2020-21 में यह राशि 7.41% बढ़ कर 31.98 लाख रु हो गई। कोरोना काल में हुई इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। बहरहाल अब अधिक महिलाएं लोन ले रही हैं क्योंकि कई कामकाजी महिलाएं अब खुद घर की मालकिन बनने को प्राथमिकता दे रही हैं। होम लोन पर कम ब्याज दरों और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन चार्जेस में कमी से महिला उधारकर्ता होमओनर्स बनने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं। अगर यदि कोई महिला इस समय होम लोन लेना चाहती है तो बहुत ही बेहतर है। मगर यदि कोई पुरुष भी होम लोन ले तो उसे किसी महिला को सह-उधारकर्ता बना लेना चाहिए। इसके कई फायदे हैं।
बढ़ जाएगी लोन मिलने की उम्मीद
कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि महिलाएं समय पर और पूरा लोन चुका कर सुनिश्चित करती हैं कि बेहतर लोन मैनेजमेंट हो। इसलिए यदि कोई पुरुष एक महिला को सह-उधारकर्ता बना ले तो लोन मिलने की उम्मीद काफी बढ़ जाएगी। वैसे कोई हाई क्रेडिट स्कोर और स्थिर आय वाला सह-उधारकर्ता भी आपकी लोन पात्रता को मजबूत कर सकता है, जिससे आपके लिए लोन पास कराने में आसानी होगी।
ब्याज दर हो जाएगा कम
महिलाएं चाहे खुद लोन के लिए अप्लाई करें या किसी के साथ मिल कर पुरुषों की तुलना में उन्हें कम दर पर लोन मिल जाएगा। ज्यादातर बैंकों में महिलाओं को 0.05 प्रतिशत से 0.1 प्रतिशत तक कम दर पर लोन मिल सकता है। उदाहरण के लिए यदि किसी पुरुष को 6.75% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर होम लोन मिलेगा, मगर पत्नी को सह-आवेदक बनाने पर ब्याज दर 6.65 फीसदी प्रति वर्ष तक कम हो सकती है। इससे आपकी मासिक ईएमआई कम हो जाएगी।
मिलेगा ज्यादा समय
यदि महिला मुख्य आवेदक हो तो होम लोन 30 वर्ष तक या महिला की 70 वर्ष की आयु तक के लिए मिल सकता है। पुरुषों के मामले में यह 20 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक हो सकता है। उदाहरण के लिए यदि पति की आयु 50 वर्ष है तो उसे केवल 15 वर्ष की चुकौती अवधि मिलेगी। मगर पत्नी को सह-आवेदक बतौर जोड़ने पर यह अवधि बढ़ सकती है।
स्टाम्प ड्यूटी चार्ज में मिलेगी छूट
महिला को घर खरीदारी में भी आप सह-मालिक बनाएं, जिससे स्टांप ड्यूटी चार्जेस में छूट मिलेगी। आम तौर पर महिला घर खरीदारों के लिए स्टांप ड्यूटी शुल्क पर 1-2% की रियायत दी जाती है। इसका मतलब है कि अगर संपत्ति 40 लाख रुपये की है, तो वह 40,000 रुपये से 80,000 रुपये तक की स्टांप ड्यूटी बचा सकती है।
टैक्स बेनेफिट भी लें
आयकर अधिनियम की धारा 80 सी और 24 के अनुसार संपत्ति के जॉइंट मालिक के रूप में सभी सह-उधारकर्ताओं को मूलधन चुकाने पर 1.5 लाख रुपये तक और भुगतान किए गए ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का लाभ मिल सकता है।
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