नई दिल्ली, अगस्त 10। अगर आप पहली बार घर खरीद रहे हैं, तो जान लीजिए कि बाजार में आपके लिए कई विकल्प हैं। मगर ज्यादा ऑप्शन और डील्स आपको कंफ्यूज भी कर सकते हैं। आप ब्याज दरों, लोन राशि, मार्जिन आदि जैसे कई फैक्टरों के बारे में चिंतित हो सकते हैं, क्योंकि होम लोन एक लंबी अवधि वाला ऑप्शन है जो 30 साल तक जा सकता है। वैसे इस समय होम लोन की ब्याज दरें काफी कम हैं। यानी घर खरीदने के लिए होम लेने वालों के लिए यह एक दम ही समय है। जरूरत है तो कुछ बातों पर ध्यान देने की। हम यहां कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जो पहली बार खरीदने के लिए होम ले रहे लोगों के लिए काम आएंगे।
अपने वित्तीय हालत का मूल्यांकन करें
घर खरीदने से पहले अधिकांश लोग सबसे पहले अपने सपनों का घर खोजने के लिए प्रॉपर्टी लिस्टिंग चेक करते हैं। यह जरूरी है लेकिन हमें सबसे पहले जो काम करना चाहिए वह है अपनी वित्तीय हालत का मूल्यांकन करना। ऐसा इसलिए ताकि ये पता चल सके कि क्या हम होम लोन की ईएमआई चुकाने का जोखिम उठा सकते हैं। अपनी बचत पर एक नज़र डालें और देखें कि क्या आपके पास डाउन पेमेंट करने के लिए पर्याप्त पैसा है। जब तक आपके पास आपात स्थिति के लिए भी पर्याप्त बचत न हो, तब तक होम लोन लेने पर विचार न करें।
ब्याज दर चेक करें
यदि आप बेस्ट डील के साथ कम ब्याज दर पर होम लोन प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको कई बैंकों की ब्याज दरें चेक करनी होंगी। फिर ये काम आप चाहे ऑनलाइन करें या बैंकों के चक्कर काट कर। एक बार जब आप अलग-अलग बैंकों के बेनेफिट, नियम, शर्तें और ब्याज दरों की तुलना कर लेंगे तो निर्णय लेना आसान हो जाएगा। आप ईएमआई राशि की गणना करने के लिए होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर टूल का उपयोग कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत, आप बैंकों या किसी फाइनेंस कंपनी द्वारा होम लोन पर दी जाने वाली क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) का लाभ उठा सकते हैं। इस योजनाओं की सबसे अच्छी बात यह है कि ब्याज दरों पर सब्सिडी देने के अलावा यह केवल पहली बार घर खरीदने वालों के लिए ही उपलब्ध है। एक अन्य लाभ जो ये प्रदान करती है वह यह है कि आपको किसी भी प्रोसेसिंग शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।
डाउन पेमेंट के लिए पर्याप्त बचत करें
जैसा कि हमने ऊपर बताया कि आपात स्थिति के लिए कुछ राशि अलग रखने के बाद आपके पास होम लोन के लिए डाउन पेमेंट करने लायक पैसा अलग से होना चाहिए। उसी से डाउन पेमेंट करें। आपकी डाउन पेमेंट राशि संपत्ति के 10% से 25% के बीच होगी। उदाहरण के लिए, यदि आप 35 लाख रुपये की संपत्ति खरीद रहे हैं तो आपको लगभग 7 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ सकता है। यानी आपको इतना पैसा पहले से तैयार रखना होगा।
लोन की लंबी अवधि न चुनें
लंबी अवधि चुनने से उच्च ईएमआई का बोझ कम होगा लेकिन लंबे समय में आप ज्यादा ब्याज का भुगतान करेंगे। इसलिए, आपको ऐसा कार्यकाल चुनना चाहिए जो कम हो, लेकिन जिसके लिए आप आराम से ईएमआई का भुगतान कर सकें। ब्याज पर आप जो पैसा बचाएंगे, उसका उपयोग विभिन्न वित्तीय उत्पादों जैसे म्यूचुअल फंड, सावधि जमा (एफडी), आदि में निवेश करने के लिए किया जा सकता है। इन उत्पादों में निवेश करने से आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
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