Home Loan EMI: अक्सर लोग जब घर खरीदने का सपना देखते हैं तो सबसे पहले उनके दिमाग में आता है कि कैसे वह घर खरीदने के लिए पैसे इकट्ठा करें। ऐसे में लोग बैंक से होम लोन ले लेते हैं लेकिन लोन की ईएमआई चुकाते-चुकाते कई साल निकल जाते हैं और घर की बाकि जरूरतें भी ठंग से पूरी नहीं हो पाती।
घर का बजट अस्त-व्यस्त हो जाता है। अगर आप भी होम लोन ईएमआई को भरते-भरते परेशान हो गए हैं तो हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे जिससे आप आसानी से होम लोन ईएमआई को जल्दी भर पाएंगे।

होम लोन टेन्योर को करें कम
कर्ज का समय जितना ज्यादा होगा, उतनी कंपाउंड इंटरेस्ट अधिक होगा। उदाहरण के लिए 10 साल के लिए 9 प्रतिशत के ब्याज पर 50 लाख रुपये के लोन पर कुल 26 लाख रुपये का ब्याज का पेमेंट करना पड़ेगा। वहीं, अगर आप 15 साल की समय अवधि के लिए 50 लाख रुपये का लोन ले रहे हैं तो, आपको 41 लाख रुपये के ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। कोशिश करें कि आप जो भी होम लोन टेन्योर रखें वह कम रखें कि ज्यादा जल्दी आपकी ईएमआई खत्म हो जाए।
होम लोन प्रीपेमेंट ऑप्शन को चुनें
आप होम लोन प्रीपेमेंट को भी चुन सकते हैं। जब भी आपके पास एक्सट्रा पैसा आए, तो आप प्रीपेमेंट कर अपनी लोन की EMI घटा सकते हैं। प्रीपेमेंट करने पर रकम सीधे प्रिंसिपल अमाउंट से कम होती है और ऐसे आपकी मंथली किस्त भी कम हो जाती है। ऐसे लोन की अवधि कम होने से आपकी टेंशन कम होगी, और आपको बैंक को ब्याज भी कम चुकाना पड़ेगा।
इसके अलावा होम लोन को चुनते समय आपको समय बेंचमार्क और लोन रेट के बीच के लिंक को समझना बहुत जरूरी होता है। अधिकतर होम लोन में फ्लोटिंग रेट बाहरी बेंचमार्क से लिंक होते हैं, जैसे RBI रेपो रेट, जो जून 2023 से 6.5% पर बना हुआ है।
लोने देने वाले बैंक या संस्थाएं रीसेट अवधि तय करते हैं, जो तीन महीने, 6 महीने या एक साल पर सेट की जाती है। लोन लेने से पहले रेट रीसेट की आवृत्ति निर्धारित करें। आपको ऐसा ही लोन चुनना चाहिए जिसपर बाहरी बेंचमार्क रेट में बदलावों का भी असर पड़ता हो।
रीस्ट्रक्चर करवाएं अपना होम लोन
आप अपने होम लोन को रीस्ट्रक्चर करवा सकते हैं। अगर आपकी भविष्य में सैलरी अधिक हो जाती है या आपकी आय बेहतर हो जाती है तो यह ऑप्शन आपके दिमाग से ईएमआई के बोझ को कम कर देगा। ऐसे में आपको अपनी ईएमआई बढ़वा लेनी चाहिए, ताकि लोन चुकाने की अवधि कम हो सके।
होम लोन ट्रांसफर भी है ऑप्शन
अगर आपको होम लोन चुकाते हुए कुछ साल हो गए हैं और आपका री-पेमेंट रिकॉर्ड अच्छा है, तो आप अपना लोन किसी ऐसे लेंडर के पास ट्रांसफर करवा सकते हैं, जो कम ब्याज दर दे रहा है।
लोन ट्रांसफर करने से पहले अतिरिक्त लागतों का हिसाब जरूर लगा लें इसमें प्रोसेसिंग फीस और फोरक्लोजर फीस। आपको बता दें कि होम लोन बैलेंस ट्रांसफर ऑप्शन के माध्यम से उपलब्ध कम ब्याज दर ग्राहक को उनके कुल ब्याज दर को कम करने में मदद करती है।
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