नयी दिल्ली। कुछ साल पहले तक गोल्ड को बहुत से लोग अच्छा निवेश ऑप्शन नहीं मानते थे। इस दौरान समय के साथ म्यूचुअल फंड में निवेश सहित इक्विटी बाजार का विस्तार हुआ। हालांकि अगर आप 1 और 3 साल में गोल्ड और लार्ज कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के बीच रिटर्न के अंतर को देखें तो आपको पता चलता है कि गोल्ड में निवेश करना ज्यादा बेहतर रहा है। यानी गोल्ड में अधिक रिटर्न मिला है। यहां तक कि लार्ज इक्विटी योजनाओं के 10 साल के रिटर्न भी गोल्ड ईटीएफ के बराबर हैं। आइए इन दोनों ऑप्शंस पर नज़र डालते हैं। यहां इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाएं ली गई हैं, जिन्हें क्रिसिल ने 5-स्टार रेटिंग है। साथ ही गोल्ड ईटीएफ के रिटर्न भी बताएं, जो गोल्ड की कीमतों को ट्रैक करते है और इलेक्ट्रॉनिक रूप में सोने में निवेश का विकल्प होते हैं।
गोल्ड ईटीएफ के रिटर्न :
- यूटीआई गोल्ड ईटीएफ : 1 साल का रिटर्न 38.89 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 19.61 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 12.34 फीसदी रिटर्न
- एचडीएफसी गोल्ड फंड : 1 साल का रिटर्न 40.86 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 19.24 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 12.07 फीसदी रिटर्न
- कोटक गोल्ड फंड रेगुलर प्लान : 1 साल का रिटर्न 42.51 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 19.68 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 12.58 फीसदी रिटर्न
- निप्पॉन इंडियन ईटीएफ गोल्ड बीईईएस : 1 साल का रिटर्न 39.17 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 19.43 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 12.24 फीसदी रिटर्न
लार्ज कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड से वार्षिक रिटर्न :
- आदित्य बिड़ला सन लाइफ फ्रंटलाइन इक्विटी : 1 साल का रिटर्न -8.17 फीसदी, 3 साल का रिटर्न -0.19 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 4.36 फीसदी रिटर्न
- एक्सिस ब्लूचिप फंड : 1 साल का रिटर्न 1.54 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 8.81 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 8.49 फीसदी रिटर्न
- केनरा रोबेको ब्लूचिप इक्विटी फंड : 1 साल का रिटर्न 4.30 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 6.88 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 7.74 फीसदी रिटर्न
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ब्लूचिप फंड : 1 साल का रिटर्न -6.20 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 2.20 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 5.96 फीसदी रिटर्न
- एसबीआई ब्लूचिप फंड : 1 साल का रिटर्न -6.80 फीसदी, 3 साल का रिटर्न 0.40 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 5.02 फीसदी रिटर्न
- एचडीएफसी टॉप 100 : 1 साल का रिटर्न -16.43 फीसदी, 3 साल का रिटर्न -0.91 फीसदी और 5 साल का रिटर्न 4.12 फीसदी रिटर्न
कहां लगाएं पैसा
गोल्ड के उलट इक्विटी में बड़ी समस्या यह है कि कोरोना जैसे संकट के समय ये सालों के रिटर्न भी गंवा सकते हैं, जबकि ऐसे मौकों पर सोने की चमक और बढ़ जाती है। इस साल की शुरुआत इक्विटी म्युचुअल फंड सोने की तुलना में सालाना रिटर्न बेहतर दिखा रहे थे। मगर कुछ महीनों के अंतराल में स्थिति एक दम उलट गई। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोरोना के बाद कोई अन्य प्राकृतिक आपदा नहीं आएगी। गोल्ड एक सुरक्षित एसेट है और हर पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए। सबसे बेस्ट ऑप्शन है अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाना। यानी सोना, एफडी और इक्विटी म्यूचुअल फंड में भी निवेश करें।
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