नई दिल्ली, सितंबर 11। इक्विटी बाजार के जोखिम और कोविड-19 महामारी के कारण सोने की कीमतों में पिछले साल आई जबरदस्त उछाल ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। मगर इस साल सोने का रिटर्न वैसा नहीं रहा। पर फिर भी सोने में निवेश को सुरक्षित माना जाता है। निवेश सलाहकार सलाह देते हैं कि अपने निवेश पोर्टफोलियो का 5-10 फीसदी सोने में रखें। कुछ जानकार इस लिमिट को 15 फीसदी तक करने की अनुमति देते हैं। मगर जब निवेश की बात आती है, तो यह भी देखना जरूरी होता है कि क्या हर एसेट हर किसी के लिए सही है? क्योंकि हर निवेश ऑप्शन हर निवेशक के लिए सही नहीं होता। इसी तरह सोना भी हर निवेशक के लिए सही नहीं है।
लंबी अवधि के सही नहीं है गोल्ड
लंबी अवधि में, एफडी में आपको जो मिलता है, उससे अधिक रिटर्न पाने के लिए सोना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। सोने से मिला रिटर्न महंगाई को मात दे सकता है। इसलिए, जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए सोने में निवेश करना उपयुक्त हो सकता है। हालांकि, अगर कोई बेहतर रिटर्न की तलाश में है और 10 से 15 साल तक इंतजार कर सकता है, तो शायद सोना उसकी पहली पसंद नहीं होना चाहिए।
ये है बड़ा कारण
ऐतिहासिक रूप से सोने ने हमेशा 15 से 20 साल या उससे अधिक की लंबी अवधि में इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स से कम बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके अलावा सोना मुख्य रूप से संकट की अवधि के दौरान बढ़िया प्रदर्शन करता है और सामान्य स्थिति में यह वास्तव में ज्यादा रिटर्न नहीं देता है। हर 10 साल में एक बार आने वाले संकट को देखते हुए, सोने में निवेश लंबे समय तक ठीक नहीं है।
संकट का इंतजार करना है बेकार
अब अगर कोई नया संकट आने तक सोने में निवेश रखे तो इसे सही नहीं माना जा सकता। क्योंकि यदि आप इतने समय तक इक्विटी में पैसा रखें तो आपको बेहतर रिटर्न मिल सकता है। इक्विटी ने लगभग हर वर्ष में सोने से काफी अधिक रिटर्न दिया है।
किसे करना चाहिए निवेश
सोने के लिए सही निवेशक वे हैं जो जोखिम से बचते हैं और खर्च चलाने के लिए सोने पर निर्भर नहीं हैं। साथ ही वे लंबे समय में 8-10% रिटर्न से खुश हैं, लेकिन पूंजी सेफ करना उनकी पहली आवश्यकता है। ऐसे निवेशकों के लिए भी सोने में निवेश का सही तरीका फिजिकल गोल्ड में निवेश करना नहीं है, बल्कि डिजिटल गोल्ड है। आज के समय में गोल्ड ईटीएफ आदि जैसे डिजिटल ऑप्शन ज्यादा बेहतर और लोकप्रिय हो रहे हैं।
रिटायरमेंट के करीब वाले निवेशक क्या करें
जो लोग अपने रिटायरमेंट के करीब हैं, उन्हें अपने निवेश का 15-20% सोने में ट्रांसफर करने पर विचार करना चाहिए। यह अन्य निवेशों में ग्रोथ के लिए पर्याप्त समय देकर एक लाइफ-सेविंग निवेश ऑप्शन के रूप में कार्य करेगा। वे व्यक्ति जो युवा है और उसके पास पर्याप्त इमरजेंसी फंड है, उसे वास्तव में सोने में निवेश करने की जहमत नहीं उठानी चाहिए। बल्कि थोड़ा जोखिम लेकर इक्विटी जैसे ऑप्शन का रुख करना चाहिए।
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