Gold रेट बढ़ने की ये हैं 10 बड़ी वजहें, जानें अब क्या होगा

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम में बीते सप्ताह 29 डॉलर से ज्यादा का उछाल आया और आने वाले दिनों में तेजी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद की जा रही है। गोल्ड ने बीते साल 2019 में निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे चुका है। जानकारों को आशा है कि यह नए साल 2020 में भी यह निवेशकों की पसंद बना रह सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4 महीने के ऊंचे स्तर पर है, जबकि भारत के हाजिर एवं वायदा बाजार में सोना 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ते हुए नई ऊंचाई पर चला गया है। सर्राफा बाजार जानकारों की मानें तो अगले 3 महीने में बुलियन में तेजी का रुख बना रह सकता है।
आइये जानते हैं गोल्ड के रेट में तेजी के 10 प्रमुख कारण

सोने में तेजी रहने की ये हैं 10 प्रमुख वजहें

सोने में तेजी रहने की ये हैं 10 प्रमुख वजहें

1. भूराजनीति तनाव : ईरान और अमेरिका के बीच टकराव से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए फौजी तनाव गहराने से सोने के दाम को सपोर्ट मिल रहा है। अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह सुलेमानी की मौत का बदला लेने की हिमाकत करेगा तो इसका अंजाम और बुरा होगा, क्योंकि अमेरिका उसके 52 ठिकानों को निशाना बना सकता है। उधर, उत्तर कोरिया ने आण्विक परीक्षण दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी है जिससे भूराजनीतिक तनाव पहले से ही बना हुआ है।

2. वैश्विक आर्थिक सुस्ती : अमेरिका और चीन के बीच बीते 18 महीनों के दौरान व्यापारिक मसलों को लेकर टकराव की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार मंद पड़ गई और अनिश्चितता का माहौल अभी खत्म नहीं हुआ है। यही कारण रहा कि बीते साल 2019 में सोने में कुछ ज्यादा ही निखार आया।

3. ब्याज दरों में कटौती : वैश्विक स्तर पर पिछले दिनों केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती और डॉलर में जो कमजोरी रही उससे सोने की तेजी को सपोर्ट मिला। डॉलर में कमजोरी अभी भी बरकार है।

4. पिछले साल सोना में भारत में 23.77 फीसदी, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में वैश्विक बाजार में निवेशकों को 18.28 फीसदी का रिटर्न मिला है इसलिए पीली धातु में निवेश के प्रति निवेशकों का रुझान बना हुआ है।

तीन से चार साल तक चलती है गोल्ड रेट में तेजी

तीन से चार साल तक चलती है गोल्ड रेट में तेजी

5. तेजी का ट्रेंड : सोने में तेजी के ट्रेंड के इतिहास पर नजर डालें तो जब भी महंगी धातु में तेजी आती है, तो यह ट्रेंड तीन से चार साल तक चलती है।

6. इक्विटी में गिरावट की आशंका : बीते साल इक्विटी में भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा रिटर्न मिला, लेकिन आगे गिरावट की आशंका है जिससे सोने के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ेगा क्योंकि यह निवेश का सुरक्षित उपकरण है।

7. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी : सोने में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी बढ़ी है, जिससे इसकी कीमतों को आने वाले दिनों में भी सपोर्ट मिलने की संभावना है।

रुपये में कमजोरी के चलते भी मिल रहा गोल्ड में तेजी को सपोर्ट

रुपये में कमजोरी के चलते भी मिल रहा गोल्ड में तेजी को सपोर्ट

8. ईटीएफ लिवाली : सोने में तेजी का सबसे बड़ा कारक ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) लिवाली रहा है। पिछले साल ग्लोबल ईटीएफ लिवाली में करीब 295 टन का इजाफा हुआ और ईटीएफ होल्डिंग साल के आखिर में 2,308.6 टन रही।

9. भारतीय बाजार की बात करें तो घरेलू मुद्रा रुपये में कमजोरी भी एक कारण है जिससे सोने को सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, देश में जब-जब सोने में तेजी आती है तो खरीदारी बढ़ती है और इसके विपरीत कीमतों में गिरावट के दौरान खरीदारी का रुझान कमजोर रहता है।

10. निवेश का सुरक्षित व बेहतर साधन : रियल स्टेट के क्षेत्र में निवेश कमजोर रहने और इक्विटी निवेश के प्रति अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों के लिए सोना निवेश का एकमात्र सुरक्षित और बेतहर साधन रह जाता है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+